Secrets of Millionaire Mind

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Secrets of Millionaire Mind

T. Harv Ekar
संपत्ति के खेल में माहिर बनिए।

दो लफ़्ज़ों में
सीक्रेट्स ऑफ़ मिलियनेयर माइंड (Secrets of Millionaire Mind) हमें बताती है कि हमें मिलियनेयर बनने के लिए कैसी सोच रखनी चाहिए। ये हमें हमारे पैरेंट्स और सोसाइटी की बातों को न मान कर एक मिलियनेयर माइंड की तरह काम करना सिखाती है। इस किताब से आप जानेंगे कि मिलियनेयर सिर्फ पैसों से मिलियनेयर नहो होते, वे अपनी सोच से भी मिलियनेयर होते हैं।

यह किसके लिए है
- वे जो संपत्ति के रहस्य के बारे में जानना चाहते हैं।
-  जो अपने भविष्य को सुनहरा बनना चाहते हैं।

लेखक के बारे में
टी हार्व एकर (T. Harv Ekar)  एक बेस्टसेलिंग लेखक, एन्टरप्रीन्युअर और एक मोटिवेशनल स्पीकर हैं। उन्होंने सिर्फ ढ़ाई साल में अपने बिज़नेस को डेवेलप कर के खुद को मिलियनेयर बनाया है। अब वे अपने आर्थिक सफलता के बारे में मिलियनेयर माइंड इंटेंसिव सेमिनार्स (Millionaire Mind Intensive Seminars) में बताते हैं। 

हमारी संपत्ति हमारी सोच पर निर्भर करती है।
हम में से ज़्यादातर लोग कम पैसे ही कमाते हैं क्योंकि हमारी सोच ही वैसी है। अगर हमें कल पांच लाख रुपयों की लाटरी लग जाए फिर भी हम 1 साल बाद फिर से पैसों की कमी में जीने लगेंगे। दूसरी तरफ अगर मुकेश अम्बानी अपनी सारी संपत्ति खो दें फिर भी वो कुछ सालों में अरबपति हो जायेंगे. 

इससे एक बात तो साफ़ है कि अगर आपको अमीर बनना है तो पहले अपनी सोच को अमीर बनाना होगा। अगर आप सोचते हैं कि सही नॉलेज और बिज़नेस स्ट्रेटेजी से आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं तो आप गलत सोचते हैं। आप भले ही इससे अच्छा पैसा कमा लें लेकिन फिर भी आप कभी अमीर नहीं हो पाएंगे क्योंकि आपकी सोच गरीब है।  

हम में से हर किसी की सोच अलग अलग होती है। मिलियनेयर की सोच ज़्यादा पैसे कमाने की होती है जबकि औरों की सोच मध्यम या कम पैसे कमाने की होती है। हमारी सोच हमारे बचपन के माहौल पर निर्भर करती है। 

हम में से ज़्यादातर लोग अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाते। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारा थर्मोस्टेट लो है। जिनका थर्मोस्टेट हाई होता है वे अपने पैसों को इस तरह से हैंडल करते हैं जिससे कि उनकी इनकम बढ़े। जबकि जिनका थर्मोस्टेट लो है वे ज़्यादा पैसे आते ही उसे खर्च कर देते हैं।  

इसलिए अगर आपको मिलियनेयर बनना है तो आपको अपनी पुरानी सोच छोड़कर मिलियनेयर की सोच को अपनाना होगा।    

 

हमें पैसों के बारे में जो हमारे पैरेंट्स से सीखते हैं वही हमारी सोच बन जाती है।
अब आप जान गए हैं कि हमारी सोच हमारी संपत्ति पर असर डालती है। हमारी सोच हमारे पैरेंट्स के व्यवहार से बनती है। अगर हम बचपन में अपने पैरेंट्स से पैसों के बारे में नकारात्मक बातें सुनते हैं तो हम पैसों के लिए वैसी ही सोच बना लेते हैं।

अगर हम ये बातें सुनते हैं कि- " पैसे पेड़ पर नहीं उगते" , "पैसा ही सारी समस्या की जड़ है" ," पैसों से हम खुशियाँ नहीं खरीद सकते" , तो पैसों के लिए हम अपना नजरिया नकारात्मक बना लेते हैं। 

दूसरी तरफ अगर हम ये बातें सुनते हैं कि- "पैसों से हम कुछ भी कर सकते हैं " तो हम पैसों के लिए एक सकारात्मक नजरिया बना लेते हैं। इससे हम आसानी से पैसे हमे सकते हैं और आज़ादी की तरफ एक कदम बढ़ा सकते हैं।

अगर हमें अपने पैरेंट्स की बात अच्छी नहीं लगती तो हम उनकी बात मानने से मना कर सकते हैं। लेकिन सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। भले ही हम बाहर से उनकी बात न माने लेकिन अंदर से हमारी सोच और और पैसों के लिए हमारा व्यवहार हमारे पैरेंट्स के जैसा ही रहता है। 

इसलिये अगर हमें वाकई पैसे कमाने हैं तो हमें पहले खुद पर काम करना होगा। हमें अपनी सोच और व्यवहार को पूरी तरह बदलना होगा। 

 

हम अनजाने में ही अपने पैरेंट्स की तरह पैसे कमाने लगते हैं।
हम भी अक्सर अपने पैसों को वैसे ही कमाते और खर्च करते हैं जैसे हमारे पैरेंट्स किया करते थे। हर बच्चा ज़्यादातर चीज़ें अपने परिवार से सीखता है। हम में से ज़्यादातर लोग वैसे ही खाना बनाते हैं जैसे हमारी माँ बनाया करती थीं। अगर कभी हम अपनी माँ से पैसे मांगते थे तो वो कहती थी कि अपने पापा से मांगो। इससे हमारी सोच बनती है की महिलाएँ घर नहीं चला सकती और पुरुष ही घर के मालिक होते हैं। 

अगर हमारे माता पिता वर्ल्ड वार 2 के समय रहे होंगे तो उन्हें पैसों की कमी महसूस हुई होगी। इसलिए उन्हें हमेशा लगता है कि पैसे से सब कुछ नहीं हो सकता और सिर्फ पैसे ही काफी नहीं होता। धीरे धीरे हमारी सोच भी वैसी ही हो जाती है। इससे ये साफ़ पता चलता है कि जैसे हमारे पैरेंट्स का व्यवहार था वैसा ही हमारा भी होता है।

लेखक उदाहरण के तौर पर खुद की कहानी पेश करते हैं। लेखक के पिता एक बिल्डर थे और जब भी उनके पास कुछ पैसे आते तो वे किसी बिल्डिंग में अपने पैसे लगा देते और पैसों की कमी में जीने लगते थे। लेखक भी अनजाने में वैसी ही गलतियां करते रहे और सोचते रहे कि आखिर इतनी मेहनत करने के बाद भी उनके पास पैसे क्यों नहीं आ रहे। 

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उस समय उनकी सोच ऊँची नहीं थी। अगर हमें अमीर बनना है तो हमें पैसों से संबंधित पुरानी रस्मों को तोड़ कर दूसरी सोच को अपनाना होगा। 

 

अपनी सोच को बदलने से पहले खुद के बारे में सारी बातें जानिए।
अगर हमें अपनी सोच को बदलना है तो सबसे पहले से ये हमें ये जानना होगा कि हमारी सोच और हमारा व्यवहार कैसा है। अगर हम खुद अपने अंदर बदलाव नहीं करेंगे तो कोई भी हमें बदल नहीं सकता। 

तो सबसे पहले आपको ये मानना होगा कि अगर आप अमीर नहीं हो रहे तो उसकी वजह है आपकी सोच्। फिर आपको ये जानना होगा कि आपकी ये सोच कैसे बनी और क्यों आप ऐसे हैं। आप खुद से सवाल कीजिये कि आपके अंदर ये आदतें कहा से आईं। क्या ये आपके पैरेंट्स से आईं?  उसके साथ ही आप दूसरे सवाल भी पूछिए जैसे- आप इस समय कितना पैसा कमा रहे हैं और उसे कैसे खर्च कर रहे हैं? 

आप अपनी सारी आदतों को लिखिए और ये पता कीजिए कि ये बातें कहाँ से आपके दिमाग के अन्दर आई। जैसे कि ज़्यादातर लोगों के पैरेंट्स कहते हैं कि हम ये नहीं खरीद पाएँगे। धीरे धीरे हमारी सोच भी वैसी ही हो जाती है और हम भी उन्हीं की तरह वो बातें दोहराने लगते हैं।  

एक बार आपने इन सारी बातों का पता लगा लिया तो आपको खुद को बदलना है। बदलाव का दरवाज़ा हमेशा अंदर से ही खुलता है। अगर आप खुद नहीं बदलना चाहेंगे तो कोई भी आपको नहीं बदल सकता। 

खुद पर नज़र डालने से आपको बहुत सारी जानकारी होगी। आपके बैंक अकाउंट में जितने पैसे है वो बताता है कि आपकी सोच और आपके घर का माहौल कैसा है। अगर आपको खुद को बदलना है तो पहले खुद के बारे जानिये।  

 

पुरानी सोच को नए आइडियाज और नयी सोच के साथ बदलिए।
अगर आपको एक कचरे के डब्बे को सजाने के लिए कह दिया जाए तो आप सबसे पहले उसके अन्दर का कचरा निकाल कर उसे साफ़ करेंगे फिर उसमें फूल और पत्तियां लगा कर उसे सजाएँगे। ठीक उसी तरह अगर आपको खुद को सजाना है तो पहले अंदर की पुरानी सोच को निकालना होगा।  जो बातें हमारे अंदर है वो पिछले कई सालों से हमारे अन्दर भरी जा रही थी। इन सभी से एक बार में छुटकारा नहीं पाया जा सकता। इसलिए आपको इस नयी सोच को खुद से बार बार एक मंत्र की तरह कहना होगा जिससे ये बातें आपके अंदर अच्छे से बैठ जाएँ।

हम में से ज़्यादातर लोग जब भी मॉल में कोई ऑफर देखते हैं तो हमारा दिमाग कहता है "ये अच्छी डील है। इसे खरीद लो"। हमें अपनी इस सोच को बदलना होगा। आपको खुद से कहना होगा कि अगर आप क़र्ज़ में हो तो कुछ भी मत खरीदो। आपको ये आदतें बनानी होंगी।  

हम अपनी आदतों से बनते और बिगड़ते हैं। और आदतें बदलना बहुत मुश्किल है। अगर हमें कोई नयी आदत बनानी है तो हमें उसे बार बार दोहराना होगा। आप हर शाम खुद से वो बातें कहिए जिससे आपकी सोच बदले। आप खुद से कहिये कि मेरी सोच अमीरों की है।  इस तरह से आप धीरे धीरे पुरानी सोच से छुटकारा पा सकते हैं और मिलियनेयर बनने की तरफ बढ़ सकते हैं।  

 

अगर आपको अमीर बनना है तो आपको अपनी किस्मत को खुद के हाथों में लेना होगा।
अगर हाथों की लकीरों में हमारी किस्मत है तो हमारी किस्मत हमारे हाथों में ही है। इसलिए अगर आपको अमीर बनना है तो आपको ये बातें समझनी होंगी। आपको जानना होगा कि आप ही अपनी ज़िन्दगी को कण्ट्रोल करते हैं। गरीब लोग अपनी हालत के लिए हर उस शख्स को दोष देते हैं  जिसे वो दे सकते हैं। वे सरकार, अर्थव्यवस्था या उनके बॉस को दोष देते हैं। उन्हें लगता है कि ये लोग अपना काम अच्छे से करते तो वे अमीर होते।  

ज़्यादातर गरीब लोगों को लगता है कि अमीर होना किस्मत में होता है। इसलिए वे अपनी आधी सैलरी लाटरी में लगा देते हैं और इंतज़ार करते रहते हैं कि एक दिन उनकी भी किस्मत चमकेगी। गरीबों को लगता है कि उन्हें इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन वे ये नहीं जानते कि वे खुद को इस्तेमाल करवा रहे हैं। वे हमेशा दूसरों पर निर्भर रहते हैं और दूसरों को दोष देते रहते हैं। दूसरी तरफ अमीर ये जानते हैं कि उनकी हालत के लिए वो खुद जिम्मेदार हैं। वे ये उम्मीद नहीं करते कि एक दिन उनकी लाटरी निकल जाएगी या एक दिन उन्हें एक खजाना मिल जाएगा। वे अपनी गाडी को खुद चलाते हैं।  

इसलिए अगर आपको अमीर बनना है तो सबसे पहले अपनी गलतियों को समझिये। उन डील्स को लिखिए जो अच्छी नहीं थी और देखिए कि आपसे कहाँ गलती हुई। आप खुद से सवाल कीजिए कि क्या आप बहुत शॉपिंग कर रहे हैं।

हर गलती से आप कुछ न कुछ सीखते हैं। लेकिन आपको पहले मानना होगा कि आपकी गलती थी। आप खुद में सुधार कर कर संपत्ति की तरफ बढ़ सकते हैं।

भविष्य में होने वाले मिलियनेयर में पैसों के लिए एक सकारात्मक नजरिया होना चाहिये।
ज़्यादातर ग़रीब लोग गरीब इसलिए हैं क्योंकि वो पैसों के बारे में नकारात्मक सोचते हैं। उन्हें लगता है पैसे आने से इंसान लालची और घमंडी हो जाता है और दूसरों को अपने से कम समझने लगता है। क्योंकि वो पैसे की असल कीमत नहीं जानते इसलिए वे कभी पैसे नहीं कमा पाते। तो अगर आप अमीर बनना चाहते हैं और दुनिया की हर ख़ुशी पाना चाहते हैं तो आपको पैसों से प्यार करना होगा।  अक्सर देखा जाता है कि गरीब लोग रिस्क लेने से डरते हैं। वे अपना पैसा कहीं इन्वेस्ट नहीं करते जिससे वो हमेशा पैसों के लिए काम करते रहते हैं।

अगर आपको अमीर बनना है तो आपको ये जानना होगा कि ज़्यादा रिस्क से ज़्यादा फ़ायदा होता है। अगर आपको नुकसान भी होगा तो वो आपको एक सबक दे जाएगा जिसकी कोई कीमत नहीं होती। अमीर लोग सोच समझ कर रिस्क लेते हैं और उन्हें इससे फायदा होता है।  

आपको पैसों के साथ साथ अमीर लोगों से भी प्यार करना होगा। अगर आप अमीरों को घमंडी और लालची समझेंगे तो आप कभी अमीर नहीं बनेंगे। अमीर लोग ही आपको सही एडवाइस दे सकते हैं जिससे आप उनकी तरह बन सकें।  इसलिए आप उस चीज़ की वैल्यू को समझिये जिसे आप पाना चाहते हैं। अगर आप पैसे कमाना चाहते हैं तो सबसे पहले पैसों और अमीरों से प्यार कीजिए। 

 

अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो आपको अपने काम के लिए खुद को समर्पित करना होगा।
अगर आपको अमीर बनना है तो आपको सबसे पहले एक लक्ष्य तय करना होगा और उसे हासिल करने के लिए अपना पूरा ज़ोर लगाना होगा। अगर आप सिर्फ अमीर बनना चाहते हैं और मेहनत नहीं करना चाहते तो आप कभी अमीर नहीं बन पाएंगे। अपने काम के लिए खुद को समर्पित कर दीजिए। अपनी सीमाओं को बढ़ाइए और वो पाने की कोशिश कीजिये जो आपकी सीमा के बाहर है। अगर आप छोटा सोचते हैं या कुछ बड़ा करने और रिस्क लेने से डरते हैं तो आप कभी अमीर नहीं बनेंगे। अपने आप को चैलेंज कीजिये। अगर आप चाहते हैं आपकी इनकम हद से ज़्यादा बढे़ तो आपको खुद को भी हद से ज़्यादा बढ़ाना होगा। आप सेमिनार में जाइए, खुद पर काम कीजिये और किताबें पढ़िए तभी आप अपने आप में सुधार कर पाएंगे।

हर अमीर आदमी किसी न किसी कंपनी का मालिक होता है। तो अगर आपको अमीर बनना है तो आपको भी किसी कंपनी का मालिक बनना होगा। आपको जिस भी चीज़ में इंटरेस्ट है आप उसकी कंपनी खोलिए। अगर आपके पास कंपनी चलने का एक्सपीरियंस नहीं है तो आप सबसे पहले उस कंपनी में काम कीजिये जिसकी आप कंपनी खोलना चाहते हैं। आप अपने मैनेजर से टिप्स लेते रहिए और साथ ही किताबें पढ़ते रहिए।

अगर आपके पास खुद के कोई बिज़नेस प्लान्स नहीं है तो आप किसी और के बिज़नेस प्लान का हिस्सा बन सकते हैं। अगर आपको अमीर बनना है तो आपको अपनी  सीमाओं को बढ़ाना होगा।  

 

अगर आपको अमीर बनना है तो आपको तारों को छूने की कोशिश करनी होगी।
ये दुनिया एक छोटे से नियम पर चलती है। आप जो चाहेंगे आपको वही मिलेगा। अगर आप ढे़र सारा पैसा कमाना चाहते हैं और कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो आपकी ये ख्वाहिश ज़रूर पूरी होगी। आपको बस कोशिश करनी होगी। 

अगर आपको तारों को छूना है तो आपको उतनी ऊंची छलांग भी लगानी होगी। अगर आप कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो आपको बड़ा सोचना होगा। आप ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक अपनी सेवा पहुँचाइए। आप जितने लोगों तक पहुंचेंगे आपकी इनकम उतनी बढ़े़गी। 

अगर आप एक हेयर स्टाइलिस्ट हो तो आप दिन ने सिर्फ कुछ लोगों को ही सर्विस दे पाओगे। आप समय के हिसाब से काम कर कर अमीर नहीं बन पाओगे क्योंकि आप दिन में 24 घंटे से ज़्यादा काम नहीं कर सकते।

इसलिए अगर आपको अमीर बनना है तो आपको क्वांटिटी नहीं क्वालिटी के हिसाब से काम करना होगा। आप एक हेयर स्टाइल स्टूडियो खोलिए और उसमे कुछ लोगों को हेयर कट करने के लिए राखिए। जब आप की एक शॉप चलने लग जाये तो इसी तरह दूसरी भी खोलिए. अपनी सभी शॉप्स को इन्टरनेट से कनेक्ट कर आप सिर्फ नज़र रखिये. इस तरह आप आसानी से अमीर बन सकते हैं।

अक्सर लोगों के पास बिज़नेस चलाने का एक्सपीरियंस नहीं होता। ऐसे में वे एक और छोटा सा नियम समझ लें अगर आपको शेरों की तरह जीना है तो आप गीदड़ों के साथ मत रहिये। आप उन लोगों के साथ रहिये जो सफल हैं। अगर आप एक साल तक 9 सफल लोगों के साथ रहेंगे तो एक साल बाद 10वें सफल आदमी आप होंगे।  

 

आप अपना पैसा तभी बढ़ा सकते हैं जब आप उसके साथ सावधानी बरतें।
ऊंचाइयों पर पहुंचना और ऊंचाई पर रहना दो अलग अलग बातें है। ठीक उसी तरह पैसे कमाना और पैसे को संभालना दो अलग अलग बातें है। आप सिर्फ पैसे कमा कर अमीर नहीं बन सकते। अमीर बनाने के लिए आपको अपनी इनकम को हद से ज़्यादा बढ़ाकर उसे भविष्य के लिए इन्वेस्ट करना होगा। आपकी संपत्ति ही आपके अमीर होने का सबूत है। इसलिए आप अपनी इनकम के साथ ही दूसरी संपत्तियों पर भी  ध्यान दीजिए। जो लोग अपनी इनकम के साथ साथ अपने खर्चों पर भी ध्यान देते हैं वह आर्थिक रूप से कामयाब होते हैं। इसके लिए आप एक आर्थिक सलाहकार की मदद ज़रूर लें।  

अमीर लोग पैसों के लिए ज़्यादा काम नहीं करते। उनका पैसा उनके लिए काम करता है और अमीर बिना काम किये भी पैसे कमा लेते हैं। जैसे कि अगर आप स्टॉक्स या रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करें तो आप बिना काम किए भी पैसे कमा सकते हैं। ऐसी इनकम को पैसिव इनकम कहते हैं।  

इसके साथ ही आपको अपने पैसे को मैनेज करना भी सीखना होगा। आप 50% अपने खर्चों के लिए रखिये,  10% उन जगहों पर इन्वेस्ट कीजिए जहाँ से आपको पैसिव इनकम मिले, 10% आप अपनी सुख सुविधाओं में खर्च कीजिये और बचा हुआ पैसा आप अपने सेविंग अकाउंट में डाल दीजिए। 

पैसे बचाना भी एक अच्छी आदत है। अगर आप सारा पैसा खर्च कर देंगे तो आप कभी अमीर नहीं बन पाएंगे। आप अपने खर्चों पर एक नज़र डालकर उनको कम से कम रखिए और कुछ पैसे बचा कर रखिए।  

 

अगर आप अमीर होना चाहते हैं तो आपको अपने बारे में अच्छा सोचना होगा।
क्या आपने बचपन में ये कहावत सुनी है- अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना?  क्या आपके पैरेंट्स ने कहा है कि अपने मुँह से अपनी बढ़ाई करना अच्छी बात नहीं है? अगर ऐसा है तो आपको ये सोच बदलनी होगी। 

अगर आप चाहते हैं कि दुनिया आपकी कीमत समझे तो पहले आपको खुद की कीमत समझनी होगी। सबसे पहले आपको खुद से कहना होगा कि आप ये कर सकते हैं और आप ये कर के ही रहेंगे। अगर आप खुद के बारे में अच्छा नहीं सोचते आप कभी अच्छे नहीं बन पाएंगे।  

नाकाम लोग इसलिए नाकाम है क्योंकि वो सोचते हैं कि वो नहीं कर सकते। अमीरों को अपनी कीमत पता है और वे खुद और अपनी कंपनी को प्रमोट करना जानते हैं। लीडर अच्छा पैसा सिर्फ इसलिए कमाते हैं क्योंकि वो लीडर हैं। लेकिन एक लीडर बनने के लिए आपको अनुयायी खोजने होंगे और वो आपको तभी मिलेंगे जब आप अपने आप को दिखाएंगे और अपने बारे में लोगों को बताऐंगे।

तो सवाल ये है कि हम क्या करें जिससे हम खुद के बारे में अच्छा सोचने लागें?  इसका सीधा सा एक जवाब है- संगती। अगर आप अमीरों की संगत में रहते हैं तो आप अमीर ज़रूर बनेंगे। अगर आप उनके साथ रहते है जो खुद के बारे में अच्छा सोचते हैं तो आप भी कुछ दिन में वैसे ही हो जाएंगे।  

इसलिए आप महंगे होटल्स, जिम्स और टेनिस क्लब्स में जाइए जहाँ पर आपको ऐसे लोग मिलें।

आप अपने अंदर झांकिए और अपने उस टैलेंट को पहचानिए जिससे आप कोई प्रोडक्ट बना सकते हैं। आप ऐसा तभी कर पाएंगे जब आपको ये भरोसा होगा कि आप जो कर रहे हैं वो आप कर सकते हैं। अगर आप खुद पर भरोसा करेंगे तो ही लोग आप पर भरोसा करेंगे।  

 

कुल मिला कर
हमारी संपत्ति हमारी सोच और व्यवहार पर निर्भर करती है। क्योंकि ये सोच हमारे अंदर बचपन से ही है इसलिए इसे बदलना थोड़ा मुश्किल है। आप खुद के अंदर एक मिलियनेयर माइंड की सोच लाइए और वक्त के साथ आप फरक महसूस करने लगेंगे।  

हमारे बैंक एकाउन्ट से हमरी सोच के बारे में कैसे पता चलता है?

- हमारी संपत्ति हमारी सोच पर निर्भर करती है।  

- हम पैसों के बारे में जो अपने पैरेंट्स से सीखते हैं वही हमारी सोच बन जाती है।

- हम अनजाने में ही अपने पैरेंट्स की तरह पैसे कमाने लगते हैं।

 

हम अपने बचपन की सोच को कैसे बदल सकते हैं?

- अपनी सोच को बदलने से पहले खुद के बारे में सारी बातें जानिए।

- पुरानी सोच को नए आइडियाज और नयी सोच के साथ बदलिए।

 

अमीर बनने के लिए हमें कौन सी सोच को अपनाना होगा?

- अगर आपको अमीर बनना है तो आपको अपनी किस्मत को खुद के हाथों में लेना होगा।

- भविष्य में होने वाले मिलियनेयर में पैसों के लिए एक सकारात्मक नजरिया होना चाहिये।  

- अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो आपको अपना पूरा जोर लगाना होगा।

- अगर आपको अमीर बनना है तो आपको तारों को छूने की कोशिश करनी होगी।

- आप अपना पैसा तभी बढ़ा सकते हैं जब आप उसके साथ सावधानी बरतें।

- अगर आप अमीर होना चाहते हैं तो आपको अपने बारे में अच्छा सोचना होगा।

 


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