Jeff Goins
नए क्रीएटिव युग में कामयाब होने के कुछ अमर तरीके।
दो लफ्जों में
रीयल आर्टिस्ट्स डोंट स्टार्व (Real Artists Don’t Starve) में हम देखेंगे कि एक कलाकार किस तरह से कामयाब हो सकता है। यह किताब बताती है कि नए जमाने में आप किस तरह से खुद को एक बेहतर कलाकार बना सकते हैं, किस तरह से अपनी कला को लोगों तक पहुंचा सकते हैं और कैसे उससे पैसे कमा सकते हैं।
यह किसके लिए है?
-वे जो एक कलाकार हैं।
-वे जो कलाकार बनना चाहते हैं लेकिन उन्हें लगता है कि इससे वे पैसे नहीं कमा सकते।
-वे जो कलाकारों की कामयाबी का राज जानना चाहते हैं।
लेखक के बारे में
जेफ गोइन्स (Jeff Goins) अमेरिका के एक लेखक, ब्लॉगर और स्पीकर हैं। वे ट्राइब राइटर्स नाम की एक आनलाइन कम्युनिटी के फाउंडर हैं, जो कि लेखकों के लिए एक बहुत अच्छा ग्रुप है।
यह किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए
बहुत से लोगों को कला से प्यार है। वे एक एक्टर, सिंगर, पेंटर या फिर म्यूजिशियन बनना चाहते हैं। लेकिन समाज ने उन्हें इतने सारे झूठ बोले हैं कि उन्हें लगता है एक कलाकार सिर्फ अपनी किस्मत की वजह से कामयाब होता है। उन्हें लगता है कि कलाकार बनकर कोई अपना पेट नहीं भर सकता। इसी वहम में रहकर वे कभी अपने सफर की शुरूआत नहीं करते हैं और उनके सपने कभी पूरे नहीं होते हैं।
यह किताब आपका सामना सच्चाई से कराती है। यह किताब बताती है कि एक कलाकार किस तरह से कामयाब हो सकता है। इसकी मदद से आप यह जान पाएंगे कि एक कलाकार की तरह आपको किस तरह से शुरुआत करनी चाहिए, किस तरह का एटिट्यूड रखना चाहिए, किस तरह के लोगों के साथ रहना चाहिए और कौन से काम नहीं करने चाहिए।
- नाकाम कलाकार और कामयाब कलाकार में क्या अंतर होता है।
- आपको कभी भी मुफ्त में काम क्यों नहीं करना चाहिए।
- आपको अलग अलग कलाओं में माहिर क्यों बनना चाहिए।
एक महान कलाकार बनने के लिए आपको लगातार मेहनत करनी होगी और अपने आस पास से प्रेरणा लेनी होगी।
मीडिया में एक कलाकार को अलग नजर से देखा जाता है। लोगों का मानना है कि एक अच्छा कलाकार अपने हुनर के साथ पैदा होता है। उनका मानना है कि हर कोई एक अच्छा कलाकार नहीं बन सकता। साथ ही एक महान कलाकार हमेशा कुछ नया करता है। वो ऐसी कला बनाता है जिसे आज तक किसी ने नहीं देखा था।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सारी बातें झूठ हैं। अगर कोई चाहे तो वो एक अच्छा कलाकार बन सकता है। इसके लिए उसे हर रोज मेहनत करनी होगी और कला के रास्ते पर डटे रहना होगा।
एक्साम्पल के लिए जान ग्रिशम को ले लीजिए। ग्रिशम एक वकील हुआ करते थे - एक ऐसा पेशा जिसमें दिल का इस्तेमाल होता ही नहीं हैं। लेकिन उन्होंने हर रोज 30 से 60 मिनट का समय निकाल कर अपनी उपन्यास लिखने की कोशिश की जिसका नाम था - अ टाइम टु किल। इस किताब को 40 से ज्यादा पब्लिशर्स ने रिजेक्ट कर दिया। लेकिन ग्रिशम ने हार नहीं मानी और वे दूसरी उपन्यास लिखने में लग गए - द फर्म।
अंत में उनकी मेहनत रंग लाई और उनकी दोनों किताबें बेस्ट सेलर्स बन गई। इस तरह से एक वकील भी एक कलाकार बन गया। लगातार मेहतन करने से कोई भी कलाकार बन सकता है।
इसके अलावा यह जरूरी नहीं है कि आप हमेशा कुछ नया और अनोखा आइडिया मार्केट में लाएँ। महान कलाकार हमेशा कुछ नया करने की कोशिश नहीं करते बल्कि अक्सर वे पहले से मौजूद कला को लेकर उसे बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। एक कलाकार यह जानता है कि उसे अपने काम के लिए कैसे और कहां से प्रेरणा लेनी है।
एक कामयाब कलाकार बनने के लिए आपको जिद्दी और विनम्र, दोनों बनना होगा।
लोगों का मानना है कि एक आर्टिस्ट का कामयाब होना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन असल में कामयाब होना सिर्फ उसके लिए मुश्किल होता है जो यह सोचता है कि उसे सब कुछ आता है और जो रिजेक्शन मिलने पर तुरंत हार मान लेता है।
एक महान कलाकार बनने के लिए आपको सबसे पहले विनम्र बनकर एक मास्टर के लिए काम कर के कुछ सीखना होगा। अगर आप यह सोचेंगे कि आपको सब कुछ आता है और अब सीखने के लिए कुछ नहीं बचा, तो आपको कोई मास्टर शिक्षा नहीं देगा। आप किसी भी महान कलाकार के बारे में पढ़िए, आप यह पाएंगे कि उन्होंने सबसे पहले अपने समय के किसी महान कलाकार के लिए काम किया था और उनसे कला सीखी -था।
इसके बाद आपको जिद्दी बनना होगा। कला के क्षेत्र में वही कामयाब होते हैं जो हजार बार नाकाम होने के बाद भी अपने रास्ते पर डटे रहते हैं। अगर आप एक कलाकार बनने के लिए निकल ही चुके हैं, तो शायद आप पहले से जिद्दी हैं। अगर आप जिद्दी नहीं होते तो आप शायद वो नौकरी कर रहे होते जो लोग आप से करने के लिए कह रहे थे।
एक्साम्पल के लिए स्काट फिट्सगेराल्ड को लीजिए जिन्होंने अपनी पहली किताब छपवाने से पहले 122 रिजेक्शन सहे थे। लेकिन इसके बाद भी वे रुके नहीं और उन्होंने अपनी दोनों किताबें छपवा कर ही दम लिया। लेकिन इसके बाद जब उन्होंने अपनी तीसरी नावेल लिखी, तो सारे क्रिटिक्स ने उनकी बहुत बुराई की। इस किताब का नाम था - द ग्रेट गैट्स्बाई।
फिट्सगेराल्ड इस बदनामी को सह नहीं पाए और वे 44 साल की उम्र में दिल के दौरे से चल बसे।
लेकिन इसके दो साल के बाद उनकी यह नावेल लोगों को बहुत पसंद आने लगी। आज वो एक माडर्न क्लासिक की तरह जानी जाती है और उस नावेल पर एक मूवी भी बन चुकी है।
फिट्सगेराल्ड की कहानी यह बताती है कि किस तरह से हार ना मानने वाले लोग आज नहीं तो कल कामयाब होते ही हैं। एक सच्चा आर्टिस्ट वो होता है जो नियमों को ना मानें, जो यह ना समझे कि असंभव का मतलब क्या होता है। लेकिन इसके साथ ही वो विनम्र भी हो, वो यह भी समझे कि अभी सीखने के लिए बहुत कुछ बचा हुआ है।
एक कलाकार को अकेला रहकर काम नहीं करना चाहिए।
बहुत से लोगों को लगता है कि एक कलाकार हमेशा खुद से अकेले काम करता है और जब उसका काम पूरा हो जाता है, तो दुनिया अचानक से उसे जानने लगती है। लेकिन असल बात यह है कि बहुत से होनहार कलाकार इसी झूठ को सच मानकर जीते रहे और फिर वे एक नाकाम कलाकार की तरह मर गए।
कामयाब कलाकार बनने के लिए आपको अपने जैसे लोगों के साथ रहना होगा। आपको यह देखना होगा कि आपकी फील्ड में जो लोग कामयाब हुए हैं, वे कैसे कामयाब हुए और आपको उनके बताए गए रास्ते पर चलना होगा। अपने जैसे दूसरे कलाकारों के साथ रहकर आप एक दूसरे का सहारा बन पाएंगे और नए मौकों को खोज पाएंगे।
एक्साम्पल के लिए सिलिकन वैली को ले लीजिए जहाँ पर सारे कामयाब टेक आन्त्रप्रिन्योर एक साथ रहा करते हैं। साथ मिलकर वे कुछ इस तरह के साफ्टवेयर बना पा रहे हैं जो कि किसी एक के बस की बात नहीं थी। साथ मिलकर काम करने से आप अपने काम में कमियां खोज पाते हैं और उसे सुधार कर खुद को पहले से बेहतर बना पाते हैं।
इसके अलावा साथ मिलकर काम करने से आप एक बड़े काम को जल्दी अंजाम दे पाते हैं। हर कलाकार किसी एक काम को दूसरों के मुकाबले बेहतर करता है। कई कलाकारों के साथ मिलकर काम करने से आप बहुत से काबिल लोगों के हुनर को एक साथ मिलाकर एक मास्टरपीस बना पाएंगे।
एक्साम्पल के लिए मिकलैंगेलो को ले लीजिए जो कि इतने बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करते थे कि वे अकेले उसे कभी पूरा नहीं कर पाते। इसलिए वे अपने साथ कुछ लोगों को काम पर रखते थे और उन्हें निर्देश देकर बताते रहते थे कि उन्हें उस काम को किस तरह से पूरा करना है। इस तरह से वे उन कामों को अंजाम दे पाए।
इसके अलावा मिकलैंगेलो ने एक पैट्रान की अहमियत को भी समझा था। पैट्रान एक ऐसा व्यक्ति होता है जो आपकी कला को बहुत पसंद करता है और आपको पैसे देता है ताकि आप अपना काम जारी रख सकें।
एक पैट्रान आपको वो ज़रूरी साधन देता है जिसकी मदद से आप एक कलाकार की तरह उभर पाते हैं। हर महान कलाकार का एक पैट्रान था। आपको भी अपने हुनर से किसी ऐसे व्यक्ति को आकर्षित करना होगा जो कि आपकी मदद कर सके।
एक कामयाब कलाकार बनने के लिए आपको लोगों को अपना काम दिखाना होगा।
अगर आपके पास एक बड़ी सोशल मीडिया फालोविंग है, तो शायद आपको कामयाब कलाकार बनने के लिए सिर्फ अच्छा काम करने की जरूरत है। बहुत से कलाकार अच्छा काम तो करते हैं, लेकिन उनका काम देखने के लिए कोई आता ही नहीं है। यही वजह है कि हुनर होने के बाद भी वे नाकाम रह जाते हैं।
यह जरूरी नहीं है कि आप अपनी कला को लोगों तक पहुंचाने के लिए मार्केटिंग या फिर किसी और तरह की मदद का इस्तेमाल करें। आप चाहें तो पार्ट टाइम में एक ब्लॉग या फिर एक फेसबुक पेज शुरू कर सकते हैं और उसे हर रोज अपडेट कर के भी लोगों तक पहुंच सकते हैं।
इंस्टाग्राम, फेसबुक और कोरा पर आपको बहुत से कलाकार मिल जाएंगे जो हर रोज अपने काम को लोगों के सामने लाकर रखते हैं। इनमें से एक शादीशुदा जोड़ा है - येहुदा और माया देविर। वे एक कार्टूनिस्ट हैं जो कि हर रोज अपनी पर्सनल जिन्दगी का एक कार्टून बना कर अपलोड करते हैं। इस तरह से उन्होंने लगभग 60 लाख से ज्यादा लोगों की फालोविंग बना ली है।
इसके अलावा आप इंटरनेट का इस्तेमाल अपने लोगों से घुलने-मिलने के लिए भी कर सकते हैं। आप यह पता कर सकते हैं कि लोगों को आजकल क्या पसंद आ रहा है और आप उसके हिसाब से आर्ट बना सकते हैं। बहुत से म्यूजिशियन अपने गाने को छोटे छोटे पार्ट्स में निकालते हैं और यह देखते हैं कि लोगों को वो गाना कितना पसंद आ रहा है। अगर लोगों को वो गाना पसंद आया, तो वे पूरा एल्बम निकालते हैं।
लोगों को अपना काम दिखा कर आप यह पता कर पाएंगे कि आपके काम में कहाँ पर कमी है। इस तरह से आप ना सिर्फ लोगों में अपना नाम बना सकते हैं, बल्कि आप अपने हुनर को निखार भी सकते हैं।
कभी भी मुफ्त में काम मत कीजिए और अपने काम की ओनरशिप को हमेशा अपने पास रखिए।
नए कलाकार अक्सर यह दो गलतियां करते हैं। पहली यह कि जब भी कोई उनके पास मुफ्त में काम करवाने के लिए आता है, यह कहकर कि इस काम के जरिए वे नए लोगों तक पहुंच पाएंगे, तो वे कलाकार राजी हो जाते हैं। लेकिन असल में मुफ्त में काम करवाने वाले लोग सिर्फ आपका फायदा उठाने के बारे में सोच रहे हैं। उनके साथ काम कर के आपको कुछ भी नहीं मिलने वाला।
अगर आप चाहते हैं कि लोग आपकी कला की अहमियत समझें, तो पहले आपको खुद उसकी अहमियत को समझना होगा। जब तक आप खुद की इज्जत करना नहीं सीखेंगे, कोई भी आपकी इज्जत नहीं करने वाला। मुफ्त में काम करना सिर्फ यह दिखाता है कि आप खुद पर भरोसा नहीं करते हैं।
हाल ही में स्टीवेन प्रेसफील्डने कहा कि जब आप खुद को कलाकार समझने लगते हैं, तब आप कलाकार बन जाते हैं। अगर आप एक पेंटर हैं, तो छोटी छोटी पेंटिंग बनाकर उसे पोस्ट करते रहिए और समय के साथ खुद को बदलते रहिए। यह मत सोचिए कि जब तक कोई आपकी पेंटिंग खरीदेगा नहीं या देखेगा नहीं, तब तक आप पेंटर नहीं कहे जाएंगे।
इसके अलावा नए कलाकार जो दूसरी गलती करते हैं वो यह कि वे अपने काम की ओनरशिप को किसी दूसरे को दे देते हैं। अपने काम को हमेशा अपना नाम दीजिए, कभी भी किसी दूसरे को उसपर अधिकार जमाने का मौका मत दीजिए। नए कलाकार कुछ पैसों के लिए अपनी कला को बेच देते हैं और फिर जिन्दगी भर पछताते हैं।
जिम हेंसन अपने टीवी शो - द मपेट्स के लिए जानें जाते हैं। अगर आपने वो शो देखा है, तो आपको पता होगा कि उसमें एक बहुत प्यारा सा कुत्ते का कार्टून है। उस कार्टून को हेंसन ने बनाया था। एक समय में पुरीना नाम कीडॉग फ़ूड कंपनी उनके उस कार्टून को खरीदने के लिए उन्हें $10,000 दे रही है। लेकिन हेंसन ने इस डील को ठुकरा दिया।
उन्होंने अपने काम को अपने पास रखा और समय आने पर उसे अपने शो में इस्तेमाल किया। एक कलाकार को हमेशा अपनी और अपने काम की इज्जत करनी चाहिए। तो ना ही कभी किसी के लिए मुफ्त में काम कीजिए और ना ही कभी अपने काम की ओनरशिप किसी दूसरे को बेचिए।
कभी भी सिर्फ एक ही काम पर फोकस मत कीजिए, बल्कि खुद को अलग अलग स्किल्स में माहिर बनाइए।
पश्चिमी देशों में 14वीं शताब्दी और 17वी शताब्दी के समय को रिनाइसेंस पीरियड कहा जाता था। यह वो समय था जब दुनिया पुराने खयालात से उभर कर नए खयालों की तरफ जा रही थी। इस समय सभ्यता, कला और संगीत का विकास तेजी से हो रहा था।
आज के वक्त में हम एक नए रिनाइसेंस को देख रहे हैं। पुराने रिनाइसेंस की तरह, नए रिनाइसेंस में भी कला, संगीत और सभ्यता का विकास हो रहा है और लोग पुराने खयालों को छोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। इस तरह के समय में कामयाब होने के लिए आपको सिर्फ एक कला पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अक्सर यह देखा जाता है कि जो लोग एक काम में माहिर होते हैं, उन्हें लोग ज्यादा काबिल समझते हैं। लेकिन कला के क्षेत्र में यह तरीका काम नहीं करता।
एक्साम्पल के लिए मार्क फ्राउएनफेल्डर को ले लीजिए जो कि एक मेकैनिकल इंजीनियर थे। उन्होंने 1980 के दशक में एक वेबसाइट की शुरुआत की जिसका नाम बोइंग बोइंग था। इसमें क्रीएटिव दिमाग के लोगों के लिए कुछ जानकारियाँ छपती थीं।
उनकी वो वेबसाइट आज बहुत फेमस है। मार्क आज वायर्ड मैगज़ीन के एसोसिएट एडिटर बन चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने जादूई ट्रिक्स पर एक किताब भी लिखी है। वे एक कलाकार भी हैं और अमेरिका के अलग अलग एक्सिबिशन में जाकर अपना काम लोगों को दिखाते भी हैं।
मार्क को जिस भी काम में दिलचस्पी थी, वे उसे करते गए। इस तरह से वे सिर्फ एक कला पर निर्भर नहीं रहे बल्कि अलग अलग कामों में माहिर बनकर खुद को नाकामी से बचा पाए। वे मानते हैं कि एक व्यक्ति को खुद का ही पैट्रान बनना चाहिए और खुद से ही पैसे कमा कर अपने काम को जारी रखना चाहिए।
महान कलाकारों को पढ़कर, इस समय के महान कलाकार को अपना गुरु बनाकर, पहले से बनाए गए आर्ट को बेहतर बनाकर और अलग अलग कलाओं में माहिर बनकर आप खुद को एक कामयाब कलाकार बना सकते हैं।
कुल मिलाकर
एक महान कलाकार वो नहीं होता जो कला में माहिर हो, बल्कि वो होता है जो लोगों तक पहुंच कर अपनी कला के जरिए उनका दिल छू ले और उसकी मदद से खुद भी अच्छे पैसे कमाए। कामयाब कलाकार बनने के लिए सबसे पहले आपको खुद की कीमत पहचाननी होगी। कभी भी मुफ्त में काम मत कीजिए और ना ही अपने काम की ओनरशिप बेचिए। अपने लिए एक ग्रुप खोजिए जिसके साथ काम कर के आप खुद को बेहतर बना सकें। साथ ही कभी भी सिर्फ एक कला में माहिर बनने की कोशिश मत कीजिए बल्कि अलग अलग कामों को सीख कर खुद की कीमत बढ़ाइए।
अपना होमवर्क कीजिए और अपने लिए एक अच्छा मास्टर खोजिए।
अगर कोई ऐसा आर्टिस्ट है जिसका काम आपको बहुत पसंद है, तो उसके बारे में जानना शुरू कीजिए। इससे पहले आप उससे मिलने जाएं, उसके बारे में सब कुछ जान लीजिए। उनके काम को देखते हुए कुछ ऐसा बनाइए जिसे देखकर वे खुश हो जाएं। उन्हें यह साबित कर के दिखाइए कि आप कुछ सीखने के प्यासे हैं। विनम्र बने रहिए और उन्हें बताइए कि आप उनके लिए क्या कर सकते हैं। इस तह से उनका दिल जीतकर उनके शिष्य बनिए और उनसे सब कुछ सीखिए।
