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Ryan Levesque
एक आनलाइन फार्मुला जिसकी मदद से आप अपने ग्राहकों की जरूरतों का पता लगा सकते हैं

दो लफ्जों में 
आस्क (Ask) में हम देखेंगे कि किस तरह से आप यह पता लगा सकते हैं कि आपके ग्राहकों को क्या चाहिए। यह किताब बताती है कि क्यों साधारण सर्वे करने से आप अपने ग्राहकों की जरूरतों को अच्छे से नहीं समझ सकते। यह किताब हमें आस्क फार्मुले के बारे में बताती है, जिसमें आप अपने ग्राहकों से कुछ खास तरह के सवाल पूछ कर उनकी परेशानियों और जरूरतों का पता लगा सकते हैं।

यह किसके लिए है 
-वे जो एक डिजिटल आन्त्रप्रिन्योर हैं।
-वे जो एक मार्केटर हैं।
-वे जो अपने प्रोडक्ट को बेचने के बेहतर तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं।

लेखक के बारे में 
रेयान लेवेस्की (Ryan Levesque) आस्क मेथड कंपनी के सीईओ हैं। वे एक लेखक हैं जो अपनी किताब "चूज़" (Choose) के लिए जाने जाते हैं।

यह किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए
अगर आपने कभी कोई प्रोडक्ट आनलाइन लाँच किया है, तो आपके साथ यह जरूर हुआ होगा - आपके दिमाग में सबसे पहले एक प्रोडक्ट आइडिया आता है और फिर आप उसे बनाने लगते हैं। कुछ हफ्ते के बाद वो प्रोडक्ट बनकर तैयार हो जाता है और आप उसे आनलाइन लाँच कर देते हैं। आपको लगता है कि सिर्फ एक प्रोडक्ट को बना देने से लोग उसे खरीदने के लिए आ जाएंगे और आप बहुत बेसब्री से अपने प्रोडक्ट के बिकने का इंतजार करने लगते हैं। लेकिन जैसे ही आप अपने प्रोडक्ट को लाँच करते हैं, उसे कोई भी नहीं खरीदता। 

यह लगभग हर किसी के साथ हो चुका है। लेकिन अगर आप सही फार्मुले का इस्तेमाल कर के अपने प्रोडक्ट को बेचेंगे, तो आपको इस हालात का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह किताब बताती है कि वो सही फार्मूला क्या है और कैसे आप बड़ी आसानी से उसे अपने बिजनेस में लगा सकते हैं। यह किताब बताती है कि किस तरह से आप ग्राहकों की जरूरतों को जानकर, उसके हिसाब से अपने प्रोडक्ट को डिज़ाइन कर सकते हैं और अपने बिजनेस को कामयाब बना सकते हैं।

अपने प्रोडक्ट को बनाने के लिए हर बिजनेस को यह पता लगाना पड़ता है कि उनके ग्राहकों को क्या चाहिए। लेकिन अपने ग्राहकों की जरूरतों का पता लगाना मुश्किल काम हो सकता है, क्योंकि अक्सर उन्हें खुद नहीं पता होता कि उन्हें क्या चाहिए।

बहुत से मार्केटर अपने ग्राहकों की जरूरतों का पता लगाने के लिए सर्वे का इस्तेमाल करते हैं। सर्वे से मिलने वाले नतीजे कितने काम के होते हैं यह तो हमें नहीं पता, लेकिन सर्वे अपने ग्राहकों को परेशान करने का एक अच्छा तरीका है।

ग्राहकों को सर्वे इसलिए नहीं पसंद है क्योंकि इसमें  उनके लिए कुछ भी नहीं होता। उन्होंने सर्वे का फार्म भरने में जो मेहनत लगाई और जो समय बरबाद किया, उसके लिए उन्हें कुछ भी नहीं मिलने वाला। इसके अलावा ग्राहकों को सर्वे के नतीजे नहीं पता लगते। उसे सिर्फ मार्केटर ही देख पाता है।

ग्राहकों को सिर्फ यह पता होता है कि उन्हें क्या नहीं चाहिए और उनके पास पहले से क्या है। आपको यह पता लगाना है कि उन्हें ऐसा क्या चाहिए जो कि आप उन्हें दे सकते हैं। लेकिन क्योंकि उन्हें यह नहीं पता कि उन्हें क्या चाहिए और आप उनकी यह पता लगाने में मदद भी नहीं कर रहे हैं, आपको अपने सवाल का साफ जवाब नहीं मिलता है। बहुत से बिजनेस पहले से यह अंदाजा लगा लेते हैं कि उनके ग्राहकों को पहले से यह पता है कि उन्हें क्या चाहिए और यही उनकी गलती होती है।

जब आप अपने लिए नए कपड़े खरीदने जाते हैं, तो क्या आपको यह पता होता है कि आप किस रंग और स्टाइल का कपड़ा खरीदेंगे? नहीं। आप सिर्फ शापिंग मॅाल पर जाते हैं और बहुत से कपड़ों में से जो आपको पसंद आता है, उसे खरीद लेते हैं। उसमें भी कभी कभी आप कंफ्यूज़ हो जाते हैं और अपने दोस्तों की राय लेने लगते हैं कि आपको कौन सा कपड़ा लेना चाहिए।

इसलिए सर्वे का इस्तेमाल कर अपने ग्राहकों की जरूरतों का पता लगाना एक बेकार तरीका है।

अपने ग्राहकों को बेहतर सर्विस देने के लिए आपको यह जानना होगा कि वे कौन हैं।
अब हम जानेंगे कि आस्क फार्मुले में ऐसी क्या बात है जो इसे साधारण सर्वे से अलग और कारगर बनाती है। आस्क फार्मुले में बहुत सारे स्टेप्स होते हैं और इस स्टेप्स से होकर जाने पर आप अपने ग्राहकों को अपने रेविंग फैन्स यानी आपका गुणगान करने वाले फैन्स में बदल सकते हैं। इसमें सबसे पहला स्टेप है - अपने ग्राहकों के बारे में जानना।

यह सर्वे आपको सिर्फ एक बार करना है और इससे मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल बार बार करना है। इसके लिए आप एक "डीप डाइव सर्वे" करते हैं। डीप डाइव सर्वे में आप अपने इस समय के ग्राहकों को एक ईमेल भेजते हैं और उनसे उनके बारे में पूछते हैं। आप अपनी कंपनी और उसके मिशन के बारे में एक लाइन में बताते हैं और फिर उनसे उनके बारे में पूछते हैं। 

एक्साम्पल के लिए आप उनसे कह सकते हैं - हम अलार्म क्लाक बनाने वाली एक कंपनी हैं और हम आपके बारे में कुछ बातें जानना चाहते हैं ताकि हम आपको एक अच्छी सर्विस दे सकें।

इसके बाद आप कुछ सवाल तैयार करते हैं जिनकी मदद से आप यह पता लगा सकें कि आपके ग्राहकों की उम्र क्या है, वे काम क्या करते हैं और उनकी समस्या क्या है। कभी भी अपने ग्राहकों से यह मत पूछिए कि उन्हें क्या चाहिए क्योंकि उन्हें इस सवाल का जवाब खुद नहीं पता है। बल्कि यह पता लगाने की कोशिश कीजिए कि वे कौन सी समस्या से परेशान हैं। 

जब आपके सारे ग्राहक आपके सवालों का जवाब दे देते हैं, तो आप उनके जवाबों के हिसाब से उन्हें अलग अलग कैटेगरी में रखना शुरू करते हैं। आप कम उम्र वाले लोगों को अलग कैटेगरी में रखते हैं और रिटायर हो चुके लोगों को अलग कैटेगरी में रखते हैं। इससे आपको यह पता लगता है कि आपको किससे किस तरह की बात करनी है।

एक्साम्पल के लिए आप कम उम्र वाले लोगों को अपने अलार्म क्लाक की नई टेक्नोलॉजी समझाने की कोशिश कर सकते हैं क्योंकि उन्हें यह बातें समझ में आएंगी। लेकिन रिटायर हो चुके लोग इस बात को कम समझेंगे, इसलिए आपको उन्हें सिर्फ यह बताना होगा कि आपका प्रोडक्ट उनके लिए क्या कर सकता है।

अपने ग्राहकों के बारे में जान लेने के बाद आपको उनकी समस्याओं के बारे में जानना होगा।

अब जब आपको यह पता लग गया है कि आप किसके लिए काम कर रहे हैं, तो आपको अपने ग्राहकों की परेशानी के बारे में जानने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए आपको अपने लैंडिंग पेज को एक खास तरह से डिजाइन करना होगा, जिसे प्रास्पेक्ट सेल्फ-डिस्कवरी लैंडिंग पेज कहा जाता है। यहाँ पर आप सारी जानकारी को छोटे में लिखने की कोशिश करते हैं ताकि आपके ग्राहक को पूरी बात जानने के लिए स्क्राल करके नीचे जाने की जरूरत ना पड़े।

सबसे पहले एक हेडलाइन लिखिए जिसमें अपने ग्राहक को अपने प्रोडक्ट से मिलने वाले सबसे बड़े फायदे के बारे में बताइए। एक्साम्पल के लिए अगर आप वजन कम करने के प्रोडक्ट बेचते हैं, तो अपनी हेडलाइन में लिखिए - क्या इन तरीकों का इस्तेमाल कर कोई एक हफ्ते में 3 कीलो वजन कम कर सकता है?

इसके बाद अपने ग्राहकों को अपने मकसद के बारे में बताइए। उन्हें यह बताइए कि आप क्या करने की कोशिश कर रहे हैं। यहाँ पर आप चाहें तो एक वीडियो का इस्तेमाल कर सकते हैं। वीडियो में आप अपनी कंपनी और उसके मिशन के बारे में लोगों को बता सकते हैं।

अपने वीडियो की मदद से लोगों को बाँध कर रखने के लिए आप उनके बारे में बात करना शुरू कीजिए। उनकी परेशानियों के बारे में बात कीजिए। उनसे पूछिए - वजन कम करने के लिए वे इस समय क्या कर रहे हैं? इसमें उन्हें सबसे बड़ी परेशानी क्या हो रही है? क्या वे कसरत करने की आदत बना पा रहे हैं? 

वीडियो में उनकी इन समस्याओं के बारे में बात करने के बाद आप उन्हें अपनी एक्सपर्टीज़ के बारे में बताते हैं। आप उन्हें बताते हैं कि आप यह काम कितने साल से कर रहे हैं, आप ने अब तक कितने लोगों की मदद की है और आप में वो क्या खास बात है जो आपको लोगों से अलग बनाती है।

यह सारी जानकारी एक पेज में देने के बाद आप उनसे सर्वे के सवालों के जवाब देने के लिए कहिए।


छोटे छोटे स्टेप्स में अपने ग्राहकों का भरोसा जीतने की कोशिश कीजिए।
बहुत से लोग शुरुआत में ही लोगों से उनकी पर्सनल जानकारी, जैसे उनका नाम और उनका ईमेल माँगने लगते हैं। अभी तक आप ने अपने ग्राहकों का भरोसा नहीं जीता है और इस वजह से वे लोग आपको अपने बारे में यह जानकारियाँ देने से हिचकिचाएंगे। आपको माइक्रो-कमिटमेंट बकेट सर्वे का इस्तेमाल करके अपने लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करनी चाहिए।

इसमें आप उनसे शुरुआत में कुछ छोटे और आसान से सवाल पूछिए, जैसे - आपकी उम्र क्या है? क्या आप अक्सर बाहर खाना खाते हैं? इन सवालों को कुछ इस तरह से लिखिए जिससे यह लगे कि उनका कोई दोस्त उनसे बात कर रहा है। 

इन छोटे सवालों के जवाब पाने के बाद आप इनका इस्तेमाल अपने ईमेल में कर सकते हैं।

इस जानकारी का इस्तेमाल कर के अपने ग्राहकों को अलग अलग कैटेगरी में रखिए। बहुत से लोग अपने ग्राहकों को अलग कैटेगरी में रखते वक्त उम्र या उनके रहने की जगह का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अगर आपके बिजनेस के लिए उनके उम्र या उनके रहने की जगह मायने नहीं रखती, तो उन्हें इसके हिसाब से मत बाँटिए। उन्हें उनकी परेशानियों और उनके इंट्रेस्ट के हिसाब से बाँटिए। एक तरह की परेशानी का सामना करने वाले लोगों को एक कैटेगरी में रखिए। इससे आपको उनकी परेशानी को सुलझाने में मदद मिलेगी।

एक बार जब आप उनसे आसान सवाल पूछ लें, तो आप उनसे कुछ मुश्किल सवाल पूछ सकते हैं। अगर आप बिजनेस कोचिंग सर्विस दे रहे हैं, तो आप उनसे यह पूछ सकते हैं कि उनके बिजनेस के गोल्स क्या हैं और वो कौन सी समस्या है जिसकी वजह से वो वे उसे पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

डीप डाइव सर्वे में आपने कुछ कैटेगरी पहले से बनाकर रखी थी। अब माइक्रो-कमिटमेंट बकेट सर्वे की मदद से आप उस कैटेगरी को रिफाइन कर सकते हैं। अब आपके पास अपने ग्राहकों से संबंधित ज्यादा जानकारी है। यह पता कीजिए कि उनके परिवार में कितने लोग हैं, उनकी कमाई कितनी है, उनके महीने के खर्च कितने होंगे, वे कितने महंगे प्रोडक्ट खरीद सकते हैं। इसे हिसाब से उन्हें बाँटना शुरू कीजिए।

अंत में जाकर आप अपने ग्राहकों से उनका ईमेल और उनका नाम पूछिए। इतने सवाल पूछने के बाद वे अब आपके साथ जुड़ गए हैं और वे अपनी पर्सनल जानकारी देने में कम हिचकिचाएंगे।

अपने ग्राहकों की समस्या को समझने के बाद उन्हें उसका समाधान दीजिए।

एक बार जब आपके ग्राहक अपने सर्वे के जवाब को सब्मिट कर दें, तो आप उन्हें पोस्ट सर्वे पेज पर ले आइए। इस पेज पर आप उन्हें उनके जवाब के हिसाब से एक समाधान बताते हैं। इस पेज पर सिर्फ एक हेडलाइन होती है और एक वीडियो होता है जो उन्हें एक फीडबैक देता है।

एक्साम्पल के लिए अगर आप बिजनेस कोचिंग की सुविधा लोगों को दे रहे हैं और उन्होंने यह जवाब दिया कि उन्हें अपने बिजनेस के लिए नए ग्राहक नहीं मिल रहे हैं, तो आप उन्हें बताइए कि किस तरह से वे नए ग्राहकों को खोज सकते हैं। साथ ही उनकी समस्या और अपने समाधान को एक अच्छा सा नाम दीजिए, ठीक उसी तरह जिस तरह हर बीमारी और उसके इलाज का एक नाम होता है। अगर उन्हें ग्राहक नहीं मिल रहे, तो उनकी समस्या का नाम "नो कस्टमर कर्स" (No Customer Curse) रख दीजिए और अपने समाधान का नाम "कस्टमर हंटिंग प्रासेस" (Customer Hunting Process) रख दीजिए।

साथ ही उन्हें सीधा अपना प्रोडक्ट खरीदने के लिए मत कहिए। उन्हें उनकी समस्या को सुलझाने के लिए एक तरीका बताइए। अपनी बात को कुछ इस तरह से कहिए कि आपका ग्राहक उसे सुनने पर खुद पूछ बैठे - मैं इसके बारे में और कैसे जान सकता हूँ?

ऐसा करने के लिए आप उनकी समस्या को एक खास नाम देकर उनकी परेशानी के बारे में बात करना शुरू कीजिए। आप उन्हें यह दिखाइए कि आप उनकी परेशानी को समझ रहे है। 

इसके बाद आप उन्हें यह बताइए कि आपके पास उस समस्या का समाधान है, लेकिन उन्हें अभी यह मत बताइए कि वो समाधान क्या है। आप उन्हें कुछ लोगों के एक्साम्पल भी दीजिए जो बिल्कुल उन्हीं की तरह की समस्या से होकर गुजर रहे थे और इस समाधान की मदद से उन्होंने अपनी समस्या सुलझा ली।

इसके बाद जाकर आप उन्हें अपने समाधान के बारे में बताइए। उन्हें कुछ जानकारी दीजिए और फिर अपना आफर दीजिए। उन्हें यह साफ साफ बताइए कि आपके प्रोडक्ट को खरीद कर उन्हें क्या फायदा मिलेगा। साथ ही उन्हें एक सीमित समय का डिस्काउंट दीजिए ताकि वे आपके प्रोडक्ट को बिना समय गँवाए खरीद लें। उन्हें बताइए कि आपका प्रोडक्ट ज्यादा समय तक मार्केट में नहीं रहेगा और अगर वे इस पेज को छोड़कर जाएंगे, तो शायद वे आपको फिर कभी नहीं देख पाएंगे।

इस तरह से पहले उनकी समस्या को समझ कर, फिर उन्हें कुछ जानकारी देकर आप उन्हें अपना प्रोडक्ट बेच सकते हैं।


अपने ग्राहकों को एक के बाद एक आफर देकर आप अपने फायदों को बढ़ा सकते हैं।
आस्क फार्मुले ग्राहकों को सिर्फ एक बार प्रोडक्ट बेचने पर फोकस नहीं करता है। इसमें आप अपने ग्राहकों के साथ एक लम्बा रिश्ता बनाने की कोशिश करते हैं और उन्हें लम्बे समय तक कुछ ना कुछ बेचते रहते हैं। इसे प्राफिट मैक्सिमाइज़ेशन अपसेल सिक्वेंस (Profit Maximization Upsell Sequence) कहा जाता है।

एक बार जब हम कुछ सामान खरीद रहे होते हैं, तो हम पैसे खर्च करने के मूड में होते हैं। उस वक्त अगर हमें थोड़ा सा धक्का दिया जाए, तो हम ज्यादा पैसे खर्च कर सकते हैं। जब आप एक गाड़ी खरीदने जाएंगे, तो कार सेल्समैन आपको एक के बाद एक प्रोडक्ट का नाम बताता रहेगा - क्या आपको इसके साथ म्यूजिक सिस्टम चाहिए? क्या आप गाड़ी का इंश्योरेंस लेना पसंद करेंगे? क्या आप एसी लगवाना चाहेंगे? इस तरह से वो आपसे ज्यादा पैसे खर्च करवा देता है।

आनलाइन प्रोडक्ट बेचते वक्त आप भी अपने ग्राहकों को कुछ इसी तरह के आफर दे सकते हैं। आप ऐसा बहुत से तरीकों से कर सकते हैं।

आप उन्हें अपने प्रोडक्ट को ज्यादा मात्रा में डिस्काउंट पर खरीदने के लिए कह सकते हैं। अगर आप उन्हें प्रोटीन पावडर बेच रहे हैं, तो आप उनसे कह सकते हैं - 5 प्रोटीन पैक्स खरीदने पर उन्हें 20% का डिस्काउंट दिया जाएगा।

या आप उन्हें जल्दी नतीजों तक पहुंचाने के लिए ज्यादा पैसे ले सकते हैं। अगर आप अपने बिजनेस कोचिंग के जरिए लोगों को एक महीने में 1,000 नए ग्राहक दिलाने का वादा करते हैं, तो आप उन्हें आफर दे सकते हैं - 50% ज्यादा पैसे देने पर आप सिर्फ 2 हफ्ते में उन्हें 1,000 ग्राहक दिलवा सकते हैं।

या फिर आप उन्हें भविष्य में मिलने वाली किसी समस्या का समाधान भी बेच सकते हैं। एक्साम्पल के लिए 1,000 नए ग्राहकों के मिलने के बाद वे उसे मैनेज कैसे करेंगे और उनके साथ रिश्ते कैसे बनाकर रखेंगे,यह सिखाने के लिए आप उनसे कुछ ज्यादा पैसे ले सकते हैं।

इसी तरह से कुछ दूसरी चीजें बेचकर आप अपने ग्राहकों को बेहतर से बेहतर सर्विस देकर ज्यादा से ज्यादा फायदा कमा सकते हैं।

अपनी आडिएंस के साथ रिश्ते बनाए रखिए और उन्हें अच्छे आफर देते रहिए।

आप जब भी एक मार्केटिंग कैम्पेन लाँच करेंगे, ज्यादातर लोग आपके प्रोडक्ट को नहीं खरीदेंगे। अक्सर आपके प्रोडक्ट को सिर्फ 10% से उससे कम लोग ही खरीदेंगे। लेकिन जिन 90% लोगों ने प्रोडक्ट को नहीं खरीदा है, उनके साथ रिश्ते बनाए रखने की कोशिश कीजिए।

बहुत से लोग जो पहली बार में आपके प्रोडक्ट को नहीं खरीदते। वे कुछ समय के बाद आपको अच्छे से जान लेने पर और सही मौका मिल जाने पर आपके प्रोडक्ट को खरीदेंगे। इसलिए आप ईमेल के जरिए उनसे मिलते रहिए और अपने आफर को पहले से बेहतर बनाकर उन्हें आकर्षित करने की कोशिश करते रहिए। उन्हें समय समय पर अच्छ जानकारी देकर उनके साथ अपने रिश्ते मजबूत बनाने की कोशिश कीजिए।

आफर में आप उन्हें बहुत कम कीमत पर या फ्री में एक ट्राइल पीरियड दे सकते हैं। या फिर आप कुछ बोनस देकर अपने आफर को ज्यादा आकर्षक बना सकते हैं। अगर फिर भी वे लोग आपके प्रोडक्ट को नहीं खरीदते हैं, तो आप फिर से आस्क मेथड का इस्तेमाल कीजिए और उनसे कुछ सवाल पूछिए।

जिन लोगों ने आपके प्रोडक्ट को खरीदा है और जिन्होंने नहीं खरीदा, उन्हें अलग अलग लिस्ट में रखिए। इससे आप उनसे अलग तरह से बात कर पाएंगे। जिन लोगों ने आप से प्रोडक्ट खरीदें हैं, उन्हें आप अपने दूसरे प्रोडक्ट बेचिए। जिन लोगों ने आपसे अब तक कोई प्रोडक्ट नहीं खरीदा, उनके साथ आप रिश्ते मजबूत बनाने पर ध्यान दीजिए।

किसी भी नए प्रोडक्ट को अपने ग्राहकों को बेचने से पहले आस्क मेथड का इस्तेमाल कीजिए। उनसे सर्वे में सवाल पूछिए, उनकी जरूरतों को समझिए और उसके बाद उन्हें अपना आफर दीजिए।

कुल मिलाकर
आस्क मेथड में आप सबसे पहले अपने ग्राहकों के बारे में जानने की कोशिश करते हैं। इसके बाद आप उनकी परेशानियों के बारे में जानने की कोशिश करते हैं और उसके हिसाब से उन्हें अलग अलग कैटेगरी में बाँटते हैं। इसके बाद आप उन्हें उनकी परेशानी के हिसाब से एक आफर देते हैं और उन्हें अपना प्रोडक्ट बेचते हैं। इसके बाद जो लोग आपके प्रोडक्ट को नहीं खरीदते, उन्हें आप अलग कैटेगरी में रखते हैं और उनके साथ रिश्ते मजबूत बनाने की कोशिश करते हैं। जबकि जो लोग आपके प्रोडक्ट को खरीद लेते हैं, उन्हें आप फिर से अपने आस्क फनल में डालते हैं और अपने दूसरे प्रोडक्ट बेचते हैं।

 

एक समाधान हर किसी की समस्या नहीं सुलझा सकता।

जिस तरह से एक साइज़ का जूता हर किसी को फिट नहीं होता, उसी तरह से एक समाधान हर किसी के लिए काम नहीं करेगा। हर किस की जरूरत अलग होती है और उन जरूरतों को पूरा करने के लिए आप सबसे पहले अपने ग्राहकों के बारे में अच्छे से जानना होगा। इसके बाद आप अलग अलग तरह के लोगों के लिए अलग अलग समाधान बना सकते हैं।


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