Born For This

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Born For This

Chris Gullibeau
कई बार ऐसा होता है कि हम तय नहीं कर पाते कि हमें असल में क्या करना है। ये किताब आपको ऐसी परेशानियों से निकलने का रास्ता बताती है।

दो लफ़्ज़ों में
बोर्न फॉर दिस (Born For This) में बताया गया है कि किस तरह आप अपनी मनपसन्द नौकरी ढूंढ सकते हैं। मनपसन्द नौकरी ढूंढने का रास्ता सीधा नहीं होता। इस किताब की मदद से आप जानेंगे कि कैसे आप इस रास्ते पर चल कर अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं और अपनी पसंद की नौकरी पा सकते हैं।यह किसके लिए है
- वे जो एक अच्छी नौकरी की तलाश में हैं।
- वे जो बार बार अपने काम से ऊब जाते हैं।
- वे जो एक व्यापार शुरू करना चाहते हैं पर जोखिम नहीं लेना चाहते।

लेखक के बारे में
क्रिस गुल्लीब्यु (Chris Gullibeau) एक एंटरप्रीन्यूएर, ब्लागर और लेखक हैं जिन्हें घूमने का शौक है। उनके ब्लॉग का नाम द आर्ट ऑफ़ नॉन कन्फोर्मिटी (The art of non conformity) हैं। उनकी किताब का नाम भी यही है। गुल्लीब्यु व्यापार बुक्स के अलावा ट्रेवेलिंग बुक्स भी लिखते हैं.

यह किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए? अपनी मनपसंद नौकरी ढूँढिये
आज हर कोई चाहता है कि वो अपनी मर्ज़ी से और अपनी पसंद का काम करे। लेकिन ऐसा करने के लिए लोग पुराने तरीके आजमाते रहते हैं। उन्हें लगता है कि करियर का रास्ता एकदम सीधा होता है और उसी रास्ते पर डट कर चलने से सफलता मिलती है।

इस किताब में बताया गया है कि आप किस तरह अपनी मनपसंद नौकरी ढूंढ कर अपनी ज़िन्दगी संवार सकते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि हम तय नहीं कर पाते कि हमें असल में क्या करना है। ये किताब आपको ऐसी परेशानियों से निकलने का रास्ता बताती है।

इस किताब की मदद से आप अपनी इनकम को बढ़ाने के कई रास्ते पा सकते हैं। इसमें बताया गया है कि आप किस तरह अपनी क्रिएटिविटी का इस्तेमाल कर अपने लिए खुद एक नौकरी बना सकते हैं।

 

- किस तरह आप अपनी मनपसंद नौकरी ढूंढ सकते हैं।

- बार बार काम बदलने कोई बुराई क्यों नहीं है।

- पार्ट टाइम में आप व्यापार कैसे शुरू कर सकते हैं।

 

अपनी पसंद को अच्छे से पहचानें।
ऐसा ज़रूरी नहीं कि आपको आपकी मनचाही नौकरी के बारे में पूरी तरह से मालूम हो। कई बार ऐसा होता है कि हमें खुद ठीक से नहीं पता होता कि हमें क्या चाहिये। कैरियर के रास्ते इतने भी सीधे नहीं होते। इसके लिए आपको सबसे पहले ये जानना होगा कि आप किस तरह की नौकरी करना चाहते हैं।

आपको बहुत सारे ऐसे लोग मिलेंगे जो आपसे कहेंगे कि ज़िन्दगी सिर्फ एक ही बार मौका देती है। कुछ नौकरियों से लिए ये बात सच भी है। लेकिन ऐसा नहीं है कि अगर आपने वो मौका गवां दिया तो आपकी ज़िन्दगी में अब और कोई रास्ता नहीं है।

ज़िन्दगी आपको हमेशा नए मौके देती रहेगी। आपके लिए हमेशा दूसरे और नए रास्ते खुले रहेंगे।

मान लीजिये कि आपको सर्कस में काम करना पसंद है। तो आप जा कर सर्कस में काम करने लगते हैं। लेकिन कुछ दिन काम करने के बाद आपको लगता है कि आपको सर्कस पसंद नहीं आ रहा।

तो आप सर्कस का काम छोड़ कर सर्कस के टिकट ऑफिस में काम करने लगते हैं। ये काम भी आपको कुछ दिन बाद बोरिंग लगने लगता है। अब आप टिकट ऑफिस का भी काम छोड़ देते हैं और कहीं कोई और काम ढूंढने चले जाते हैं।  

एक दिन आप रास्ते में सर्कस टी शर्ट देखते हैं और आपको तुरंत एहसास होता है कि आप टी शर्ट बनाऐंगे। फिर आप सर्कस टी शर्ट बनाने लगते हैं और ये काम करते वक्त आपको लगता है कि आपको ये अच्छा लगता है। इस तरह से आपने अपनी मनपसंद नौकरी खोजी।

तो ज़रूरी नहीं है कि आप एक प्लान के हिसाब से एक नौकरी के पीछे भागें और अगर आपको वो नौकरी न अच्छी लगे तो भी आप उसी नौकरी से चिपके रहें। आप अपना काम खुद चुनिये और अगर वो आपको अच्छा न लगे तो आप छोड़ दीजिए। 

आप ऐसी नौकरी ढूँढ़िये जिससे आपकी सारी ज़रूरतें पूरी हों।
नौकरी ढूंढते वक्त आप इस बात का ख्याल रखें कि आपकी नौकरी से आपकी सभी जरूरतें पूरी हों। आप कोई नौकरी सिर्फ इसलिए मत करिए क्योंकि वो आपको अच्छी लगती है। आईये देखें कि एक नौकरी ढूंढते वक्त आपको किन किन बातों का ख्याल रखना है।

सबसे पहले तो आपको ये देखना होगा कि क्या आपकी नौकरी आपको मज़ेदार लगती है। अगर आपको आपकी नौकरी अच्छी नहीं लगती तो आप अपने काम में मन नहीं लगा पाएंगे और न ही आप नयी चीज़ों को सीख पाएंगे। नौकरी के मज़ेदार होने से आपको अपने काम से काफी कुछ सीखने को मिलेगा और साथ ही आप अपने करियर को आगे तक ले जा सकते हैं।

इसके बाद आपको देखना है कि क्या आपके काम से अच्छे पैसे आ रहे हैं। अगर आपका काम आपको अच्छा लगता है पर आपको उससे अच्छे पैसे नहीं आते तो आप नौकरी पर तो अपनी ज़िन्दगी ख़ुशी से बिताएंगे, लेकिन जब आप काम पर नहीं रहेंगे तब आप न तो खुद को खुश रख पाएंगे न ही अपने परिवार वालों को।

और आखिरी चीज़ जो आपको अपनी नौकरी में ढूंढ़नी है वो है लय। आप जो भी काम करें उसमें एक लय होना चाहिये। काम करते वक्त आप अपने काम में पूरी तरह से डूब कर उसे कुछ इस तरह से कीजिये कि आपको समय का पता ही न चले।

इसके अलावा आप दूसरी ज़रूरतों पर भी ध्यान दे सकते हैं। आप अपने हिसाब से अपनी नौकरी दूंढिए। जैसे आप नौकरी ढूंढते वक्त अपने आप से ये सवाल कर सकते हैं। 

क्या आप 9-5 तक की नौकरी करेंगे?

क्या आप घर पर काम करेंगे या आफिस में ?

क्या आप अकेले काम करेंगे या एक टीम के साथ्?

क्या आप आज़ादी से काम करेंगे या आपको किसी मैनेजर की ज़रूरत है? 

इसी तरह आप अपने आप से और भी सवाल कर के अपनी नौकरी की तलाश कर सकते हैं।  

अपने रास्ते में किसी भी चीज़ को आने मत दीजिये और हर हालत के लिए तैयार रहिये।
आप हर हालत के लिए प्लान बना कर रखिये। अपने डर को अपने काम के रास्ते में मत आने दीजिये। इस सबक़ में हम देखेंगे कि आप अपने रास्ते की रुकावटों को कैसे दूर कर सकते हैं। 

अगर आपको डर लग रहा है कि आप हार जाएंगे या आपका काम ठीक से नहीं हो पाएगा तो आप अपने सभी डर को एक जगह पर लिखिये। आप लिखिए कि अगर आप अपना काम करने जाएंगे तो आपको कौन कौन सी बातों से डर लग सकता है। ऐसा करने पर आपको तुरंत ही लगेगा कि आप ऐसे ही डर रहे थे। आपके ज़्यादातर डर बेमतलब के थे।

जैसे कि मान लीजिए आपको अपने सीनियर्स के सामने अपना प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन देना है। शुरुवात में आपको लगता है कि आप उनके सामने सही से नहीं बोल पाएंगे या आप डर के मारे कुछ चीज़ें भूल जाऐंगे। तो इन सभी की एक लिस्ट बनाइए और उनसे लड़ने का एक तरीका ढूंढ लीजिये।

जैसे अगर आपको लगता है की आप नहीं बोल पाएंगे तो आप अपने आत्मविश्वास को बढ़ाइए और अगर आपको लगता है कि आप कुछ भूल जाएंगे तो आप एक फाइल में सारी चीज़ों को लिखकर जाइये और भूलने पर फाइल देख लीजिये।

अब आइये हम दूसरे पहलू पर नज़र डालें। क्या हो अगर आपका सोचा हुआ नहीं हुआ? अगर बात बिगड़ गयी या बीच में कोई बिन बुलाई परेशानी आ गयी तो आप क्या करेंगे?  

ऐसे में आपके पास एक बैक अप प्लान होना चाहिये। आप जब भी कोई प्लान बनाइये तो साथ में एक दूसरा प्लान ये सोचकर बनाइये कि अगर पहला प्लान कामयाब नहीं हुआ तो क्या करेंगे।

इसके अलावा आप अपने आप को हर हालत में संभालने के लिए तीन काम कर सकते हैं।  

१. आप जहां भी रहिये अच्छे दोस्त बनाइये जो मुश्किल वक्त में आपका साथ दे सकें।

२. आप कम से कम इनकम के दो स्रोत रखिये। अगर आप अपनी नौकरी खो भी देते हैं तो भी आप अपनी दूसरी इनकम पर रह सकते हैं।

३. आप जितना भी कमाइए उससे कम खर्च कीजिये और हमेशा कुछ पैसे बचाइए।  

 

आप अपनी खूबियों के साथ साथ अपनी खामियों पर भी ध्यान दें।
अक्सर होता है कि लोग अपनी खूबियों पर ख़ास ध्यान देते हैं और अपनी खामियों को नज़रअंदाज़ करते रहते हैं। एक समय ऐसा आता है जब उनकी खामियां इस हद तक बढ़ जाती हैं कि उन्हें नज़रअंदाज़ करना बहुत मुश्किल हो जाता है।  

इसलिए आप अपनी खामियों पर भी ध्यान दीजिए। एक बार आप अपनी खूबियों को अच्छे से जान जाएंगे तो आपको ये पता लग जाएगा कि आप किस तरह का काम करना चाहते हैं।

अपनी खूबियों को आप आसानी से पहचान सकते हैं। आप बस ये देखिये कि किस तरह का काम पड़ने पर लोग आपको याद करते हैं। या फिर आप ये देखिये कि लोग आपसे किस तरह की मदद लेने आते हैं या आप किस तरह से लोगों की मदद करते हैं।

एक बार आपने अपनी खूबियों को पहचान लिया तो आप ये देखिये कि उन खूबियों का इस्तेमाल कर आप लोगों की कौन सी जरूरतें पूरी कर सकते हैं। आपकी खूबियों और लोगों की ज़रूरतों में एक कनेक्शन होना चाहिये। इस तरह आप अपने क्लाइंट्स बना सकते हैं।

इसके बाद आप 100 पीपल प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए तैयार हैं। इस प्रोजेक्ट में आप अपने कांटेक्ट में से 100 लोगों को फ़ोन लगाते हैं और उन्हें अपने हिसाब से फ्री में सर्विस देते हैं।

मान लीजिये कि आप अच्छी रिलेशनशिप एडवाइस देते हैं। तो आप 100 लोगों से बात कर के उनसे उनकी प्रॉब्लम सुनिए और फ्री में उन्हें एडवाइस दीजिए। इससे आपकी प्रैक्टिस भी होगी और साथ ही आपको ये भी पता लगेगा कि आप कितनी अच्छी एडवाइस लोगों को दे सकते हैं और उससे उनका कितना फायदा हो सकता है।

लेकिन इन सभी खूबियों के अलावा आपके पास अच्छा लिखने और बोलने की खूबी ज़रूर से होनी चाहिये। आपकी बातों से ही लोग आपके बारे में जानेंगे और अगर आपकी बातें अच्छी होंगी तो लोग आपको ज़रूर सुनेंगे।

 

अपने बिज़नेस को आप रोज़ कुछ समय दीजिए।
अगर आप अपना कोई बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो आप उसे पार्ट टाइम में शुरू कर सकते हैं। ये ज़रूरी नहीं कि एक बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको अपनी नौकरी छोड़नी पड़े।  

आप शुरुआत छोटे बिज़नेस से भी कर सकते हैं। ज़रूरी नहीं कि आप बड़े बड़े बिज़नेस आइडियाज़ के बारे में सोचें और उन्हें पूरा करने के पीछे भागें। एक बार आपने अपने बिज़नेस के बारे में सोच लिया तो अब आप अपने आप से ये सवाल कीजिये।

आप किस तरह का प्रोडक्ट या सर्विस लोगों को देंगे?

आपके कस्टमर कौन होंगे और आप उनकी समस्याएँ कैसे सुलझाएंगे?

आपका बजट क्या होगा?

आप मार्केटिंग कैसे करेंगे? 

आप अपने बिज़नेस को रोज़ कुछ समय दीजिये और रोज़ अपने बिज़नेस को एक कदम आगे लेकर जाइये। धीरे धीरे आप अपने बिज़नेस को बढ़ा सकते हैं और उससे भी अच्छे पैसे कमा सकते हैं। अब अगर आपको अपनी नौकरी छोड़नी हो तो आप छोड़ सकते हैं या फिर आप अपनी जॉब और बिज़नेस दोनों ही देख सकते हैं।

लेकिन अगर आपका बिज़नेस कामयाब नहीं हुआ तो। तो भी आपके पास आपकी नौकरी है। आप अपने सारे खर्चे चला सकते हैं।

 

नौकरी न मिलने पर भी आपके पास हमेशा दूसरे रास्ते होंगे।
क्या हुआ अगर सारे तरीके अपनाने के बाद भी आपको नौकरी नहीं मिलती है? कभी कभी ऐसा होता है कि आप कितनी भी मेहनत कर लें लेकिन आपको नौकरी नहीं मिलती। आपकी मनपसंद नौकरी कोई दूसरा ले जाता है जो आपसे बेहतर है।

ऐसे में आप खुद अपने लिए एक नौकरी बनाइये। आप अपनी कला को अपनी नौकरी बना सकते हैं। आप अपनी क्रिएटिविटी इस्तेमाल कर लोगों तक पहुँच सकते हैं और उन्हें सर्विस दे सकते हैं।

मान लीजिए आप अच्छा फर्नीचर या घर को सजाने के लिए अच्छी चीज़ें बनाते हैं। लेकिन आप सारा काम अपने घर में करते रहते हैं और किसी को भी आपके काम के बारे में पता नहीं है। ऐसे में आपका काम कितना भी अच्छा क्यों न हो, लोग आपके प्रोडक्ट या सर्विस को नहीं ख़रीदेंगे।

इसके लिए आपको सबसे पहले अपने ग्राहक बनाने होंगे। आपको लोगों को अपनी कला और काम के बारे में बताना होगा। और ऐसा करने के लिए आपको दुनिया के सामने आना होगा।

आप अपने आप को प्रसिद्ध करने के लिए किसी भी सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप खुद जा कर अपना विज्ञापन दे सकते हैं।  

सभी बातों को सोच समझ लेने के बाद आपको एक आखिरी चीज़ के बारे में सोचना होगा। आप एक तरीका ढूंढिए जिससे कि लोग आपको आपकी सर्विस के लिए पैसे दे सकें।

 

आप सिर्फ एक ही काम करने के लिए पैदा नहीं हुए थे।
क्या आपको याद है कि आपने एक ऐसे पेपर पर साइन किया था जिसमें ये लिखा था कि एक काम चुन लेने के बाद आपको सारी ज़िन्दगी वही काम करना है? आपको नहीं याद होगा क्योंकि आप साइन नहीं किया।  

इसका मतलब ये है कि इसमें कोई बुराई नहीं है अगर आप बार बार काम बदलना चाहें या हमेशा अपने काम से ऊब जाएँ। जैसे कि पहले ही कहा गया कि आपके पास हमेशा की दूसरे और पहले से अच्छे रास्ते होंगे।   

और अगर आपको दो कामों में दिलचस्पी है तो आप वो भी कर सकते हैं। ज़रूरी नहीं कि आप एक साल में एक ही काम करें। आप साल के एक महीने में कोई काम कर सकते हैं और किसी दूसरे महीने में कोई दूसरा काम कर सकते हैं।   

मान लीजिये कि आपका शौक़ है कि आप लोगों को अच्छे कामों में लगाने और उन्हें अपना काम अच्छे से और मेहनत से करने के लिए मोटीवेट करेंगे। अब आप चाहते हैं कि आप बच्चों को भी मोटीवेट करें और बड़ों को भी।  

तो इसके लिए आप एक स्कूल टीचर बन सकते हैं। आप स्कूल टाइम के हिसाब से बच्चों को पढ़ाइये और जब छुट्टियाँ चल रही हो तो आप सेमीनार में बड़ों को मोटीवेट कीजिये।  

एक आज़ाद ज़िन्दगी वो होती है जिसमें आपको चुनने की आज़ादी हो। आप जो चाहे वो कर सकते हैं। दो काम एक साथ करना सुनने में थोड़ा मुश्किल लग सकता है पर आप एक अच्छा शेड्यूल बना कर दोनों काम संभाल सकते हैं।

 

कुल मिला कर
अपने हिसाब से अपना करियर चुनना एक सीधा और आसान रास्ता नहीं है। ज़रूरी नहीं कि आपको पता हो कि आपको कौन सा काम करना अच्छा लगेगा। ये भी हो सकता है कि बदलते मौसम के साथ आप की दिलचस्पी भी बदल जाए और हमेशा आपको कुछ नया करने का मन करे। इसमें कोई बुराई नहीं है। आप वो काम कीजिये जो आपको अच्छा लगे।  

साल में कुछ अलग करने का फैसला कीजिये।

जब भी एक नया साल आये तो आप साल के पहले दिन ये फैसला कीजिये कि आप इस साल कम से कम एक बार सभी नियमों को तोड़ कर कुछ अलग करने की कोशिश करेंगे। ज़रूरी नहीं है कि आप ऐसा पैसे कमाने के लिए ही करें। ऐसा करने से आप अलग अलग लोगों से मिलेंगे और आपको अलग अलग अनुभव होंगे।


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