the Millionaire FASTLANE

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the Millionaire FASTLANE

M J De Marco
Crack The Code To Wealth And Live Rich For A Lifetime

दो लफ्जों में
यह किताब आपको पैसा कमाने के ऐसे शॉर्टकट तरीकों के बारे में सिखाती है जिनकी मदद से आप कम समय में करोड़पति बन कर अपनी फाइनेंशियल फ्रीडम हासिल कर सकते हैं . इसके बाद आप बहुत कम उम्र में ही अपने जॉब से रिटायरमेंट लेकर लाइफ को एंजॉय कर सकते हैं. और अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ खूब सारा अच्छा वक्त गुजार कर उनके साथ अच्छे रिश्ते बना सकते हैं. 

लेखक के बारे में
M J De Marco एक अमेरिकन एंटरप्रेन्योर, इन्वेस्टर, एडवाइजर और इंटरनेशनल बेस्ट सेलिंग ऑथर हैं, जिनकी किताबों को दुनिया भर में 25 से ज्यादा लैंग्वेज में ट्रांसलेट किया गया है . 2011 में उनकी किताब the Millionaire FASTLANE पब्लिशj हुई थी . जिसको दुनिया भर में लोगों ने खूब पसंद किया है. वह Viperion Publishing Corp. के फाउंडर हैं. यह कंपनी ऑनलाइन और प्रिंट कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन पर फोकस करती है. वह Fastlane Forum के फाउंडर भी हैं, जो  वेब कम्युनिकेशन की लीडिंग डेस्टिनेशन फोरम है. यह फोरम तमाम स्टार्ट-अप्स , फाइनेंस और एंटरप्रेन्योर्स के बिजनेस डिस्कशन्स के लिए काम करती है. 
फिलहाल ऑथर एक पब्लिशिंग कंपनी चला रहे हैं . जो दुनिया भर में उनके काम को प्रोड्यूस, डिस्ट्रीब्यूट, और लाइसेंस करती है. इस काम के साथ वो अपनी एंटरप्रेन्योर कम्युनिटी, Fastlane Forum में भी कंट्रीब्यूट करते हैं, जहां पर 50,000 से ज्यादा एंटरप्रेन्योर्स शामिल हैं.

यह किन को पढ़ना चाहिए
- जो पैसा कमाने के लिए बुढ़ापे की उम्र तक काम नहीं करना चाहते हैं. 
- जो तेजी से पैसा कमाना चाहते हैं और  कम समय में करोड़पति बनना चाहते हैं. 
- जो कम उम्र में ही अपने काम से रिटायर होकर अपनी लाइफ को एंजॉय करना चाहते हैं. 
- जो अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ अच्छे रिश्ते बनाने के लिए उनके साथ आजादी के साथ बहुत अच्छा ज्यादा टाइम बिताना चाहते हैं. 
- जो यह नहीं मानते हैं कि करोड़पति बनने के लिए किस्मत का होना या एक बहुत पैसे वाली फैमिली में पैदा होना जरूरी होता है.

  the Millionaire FASTLANE 
क्या आपको कभी ऐसा लगता है कि आप बहुत मेहनत करने के बाद भी ज्यादा पैसा नहीं कमा रहे हैं, क्या दूसरे पैसे वाले लोगों को देखकर आपकी इच्छा भी एक करोड़पति बनने की होती है? क्या आपने सोचा है कि आपके स्कूल, कॉलेज की डिग्रियां भी ज्यादा पैसा कमाने में आपकी मदद नहीं करती हैं, क्या आप जॉब या बिजनेस करने के साथ-साथ अपना पैसा इन्वेस्ट करने और सेविंग करने के लिए कई स्ट्रैटेजीज और प्लानिंग तैयार करने की चिंता में लगे रहते हैं . लेकिन इन सबके बावजूद आपको  यह  पता नहीं होता कि आप को करोड़पति बनने में कितना वक्त लगेगा. 
और दूसरी तरफ आप यह देखकर हैरान रह जाते हैं कि एक शख्स 22 साल की छोटी उम्र में लिमोजिन जैसी महंगी कार खरीद रहा है, या कोई दूसरा शख्स 30 साल की उम्र में अपने काम से रिटायर होकर कंफर्टेबली एक शानदार जिंदगी गुजार रहा है .जबकि आमतौर पर आप यही देखते हैं कि लोग अक्सर 60 या 65 साल की उम्र में अपने काम से रिटायर होते हैं. और ज्यादातर लोग करोड़पति बनने के लिए स्ट्रगल करने में अपनी सारी जिंदगी निकाल देते हैं. लेकिन आप the Millionaire FASTLANE किताब की मदद से कम उम्र में दुनिया के सारे ऐशो आराम को एक्सपीरियंस कर सकते हैं, अपने बच्चों को बड़ा होता हुआ देख सकते हैं, अपने सारे शौक पूरा कर सकते हैं, बिना किसी चिंता के इस खूबसूरत जिंदगी को एंजॉय कर सकते हैं, और अपने मनपसंद तरीके से खुलकर जी सकते हैं. इस किताब में यह समझाया गया है कि दरअसल हम लोगों ने पैसों के बारे में बहुत सी गलतफहमियां पाल रखी हैं. जिनकी वजह से हम कम वक्त में ज्यादा पैसा कमाने की तरफ ध्यान नहीं दे पाते . लेकिन जब आप इस किताब की मदद से दूसरी अहम चीजों पर भी गौर करेंगे तो आपको पता चलेगा कि पूरी उम्र गुजर जाने के बाद आपके करोड़पति बन जाने का भी कोई फायदा नहीं होता  . क्योंकि दुनिया के सारे ऐशो आराम जवानी में एंजॉय करने की चीजें हैं. 
इस बुक समरी में तीन तरह की स्ट्रैटेजीज के बारे में बताया गया है . यहां पर आपको उनकी इंपॉर्टेंस और कमियों के बारे में बताया जाएगा. और आप देखेंगे कि इन तीनों में से सिर्फ फास्टलेन की स्ट्रैटेजी ही आपको मनचाही सक्सेस पाने  और ढेर सारा पैसा कमाने में सबसे ज्यादा मदद करती है. आपको यह ध्यान रखना होगा कि सिर्फ मंजिल की तरफ देखने से ही आपको पैसा नहीं मिलेगा बल्कि इसके लिए आपको उस रास्ते पर फोकस करना होगा जो आपको सही मंजिल तक ले जाता है.
दोस्तों ऑथर को इस बुक के जरिए फास्टलेन की असरदार स्ट्रैटेजीज को बनाने और उनको एक जगह पर इकट्ठा करने में कई सालों का वक्त और एफर्ट लगा है. आप बस इनको सीखिए, इस्तेमाल कीजिए, दौलत के कोड को क्रैक कीजिए, और जिंदगी भर के लिए एक अमीर आदमी की खुशहाल जिंदगी गुजारिए. 
इस किताब में 8 पार्ट्स के थ्रू पैसों के कोड को क्रैक करने की स्ट्रैटेजीज के बारे में बहुत अच्छे ढंग से समझाया गया है. तो चलिए शुरू करते हैं करोड़पति बनने के सफर का पहला कदम. इस मजेदार सफर के दौरान आप यह समझ जाएंगे कि असली दौलत वह नहीं है जो आपको महंगी चीजें खरीदने की पावर देती है. बल्कि असली दौलत, फैमिली और दोस्तों के साथ, अच्छी हेल्थ  और आजादी के साथ जिंदगी जीने में होती है.Part 1 : Wealth in a Wheelchair: “Get Rich Slow” Is Get Rich Old : Chapter 1 : The Great Deception
इस चैप्टर में यह बताया गया है कि मजदूरी या तनख्वा देने वाली नौकरी करके आप जल्दी अमीर नहीं बन सकते. बल्कि आपको अमीर बनने के लिए एक लंबा वक्त गुजारना होता है. जबकि लाइफ के असली गोल्डन इयर्स तब होते हैं जब आप नौजवान उम्र में एनर्जी से भरे होते हैं.

सदियों से आमतौर पर अमीर बनने का एक ही तरीका चला रहा है : जैसे कि कोई ढंग का जॉब ढूंढो, खर्चे कम करो और पैसों को स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करो. और फिर आप 65 साल बाद अमीर बन सकते हैं. ऑथर इस तरीके को “Get Rich Slow” कहते हैं. 

दोस्तों क्या आप रिटायरमेंट के बारे में सुनते ही यह सोचते हैं: जैसेकि आप एक घर में एक बूढ़े शख्स को एक अजीब सी रॉकिंग चेयर में बैठा हुआ देखते हैं? , या क्या आप दवाखाने ,डॉक्टर के ऑफिस, वॉकर और भद्दे यूरिनरी अंडरगारमेंट्स को देखते हैं ?, या क्या आप एक बूढ़े ,कमजोर और लाचार शख्स को एक नर्सिंग होम में अपने फैमिली मेंबर्स को बहुत ज्यादा चिंता में परेशान होता हुआ देखते हैं ? 

हालांकि आपने यह भी नोटिस किया होगा कि जो लोग 60 या 65 साल की उम्र में रिटायर होते हैं, उन्हें सिर्फ अपनी जिंदगी गुजारने के लिए भी स्ट्रगल करना पड़ता है और उन्हें अपने जरूरी खर्चों के लिए भी गवर्नमेंट की स्कीम्स पर डिपेंड रहना पड़ता है . और दूसरी तरफ कुछ लोग सिर्फ अपनी लाइफ स्टाइल को मेंटेन करने के लिए ही अपने " गोल्डन इयर्स " में यानी अपने एनर्जी से भरे हुए जवानी के सालों में, बहुत अच्छे ढंग से काम करते हैं. जबकि कुछ लोग कभी इस तरह से नहीं सोचते और अपने आखिरी वक्त तक काम करते रहते हैं.

आप सोचते होंगे कि आखिर यह सब क्यों होता है? और इसका सीधा जवाब “ Get Rich Slow ” है. इसका मतलब है कि धीरे-धीरे अमीर बनने का सफर तय करने में एक पूरी जिंदगी लग जाती है . लेकिन इसके बावजूद आपको इसमें सक्सेस पाने के लिए बहुत से ऐसे फैक्टर्स पर डिपेंड होना पड़ता है, जिन पर आपका कोई कंट्रोल नहीं होता. आप अपनी नौकरी में बहुत कंजूसी के साथ जिंदगी गुजारते हुए 50 साल तक अपने पैसे को कई जगह इन्वेस्ट करते हैं. और फिर आप एक दिन अपनी व्हीलचेयर और बहुत सारी दवाइयों के साथ एक अमीर आदमी की तरह रिटायर हो सकते हैं. जाहिर है कि अगर आप इस बारे में पहले से सोचेंगे तो आप ऐसी जिंदगी नहीं गुजारना चाहेंगे . फिर भी लाखों लोग अपनी जिंदगी के साथ 50 साल का जुआ खेलते हैं. जो लोग इस खेल में सक्सेसफुल होते हैं उन्हें फाइनेंशियल फ्रीडम का इनाम मिलता है. लेकिन इसके साथ ही उन्हें बुढ़ापे की तकलीफें और परेशानियां भी मिलती हैं. आपको इस बारे में भी जरूर सोचना चाहिए कि अगर आपके “ Get Rich Slow ” के मुताबिक सफर करने की वजह से आपकी जिंदगी के 50 साल खराब होते हैं ,तो आपके लिए इस रास्ते पर चलने का क्या फायदा है ? इस तरीके से अमीर बनने के लिए 50 साल का रास्ता तय करना बहुत अट्रैक्टिव नहीं है. क्योंकि ऐसी जिंदगी को ना तो आप ठीक ढंग से इंटरटेन कर सकते हैं और ना ही आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं.  और आप अपने गोल्डन इयर्स का इस्तेमाल सिर्फ अपने आखिरी वक्त का इंतजार करने में करते हैं .

अगर आप अपने पूरे जोश ,एनर्जी और एक अच्छी हेल्थ के साथ  कम उम्र में रिटायर होना चाहते हैं, तो आपको पैसा कमाने के बारे में सोसाइटी के बनाए सदियों पुराने “ Get Rich Slow ” के गाइडेंस को इग्नोर करना होगा. और आपको इसकी जगह कोई दूसरा ज्यादा असरदार रास्ता खोजना होगा.

Chapter 2 : How I Screwed “Get Rich Slow”
इस चैप्टर में अमीर बनने के दूसरे तरीकों के मुकाबले फास्टलेन के बारे में बताया गया है. जिसके मुताबिक एक अमीर इंसान बनने के लिए आपका मशहूर होना या आपके अंदर किसी तरीके का फिजिकल टैलेंट होना जरूरी नहीं होता , आपको तेजी से दौलत कमाने के लिए अपने पैसे को धीरे-धीरे बढ़ाने की जगह उसको 100 गुना या 1000 गुना तेजी से बढ़ाने की जरूरत होती है, और फिर आप एक पल में अपनी सिचुएशंस में बदलाव ला सकते हैं. 

यहां पर ऑथर डि मार्को ने अपने करोड़पति बनने की स्ट्रगल के बारे में बताया है. डि मार्को शिकागो में रहकर बड़े हुए थे. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद कई सालों तक अलग-अलग बिजनेस में ट्राई किया . लेकिन उन्हें किसी भी बिजनेस में सक्सेस नहीं मिली. हालांकि अगर वह चाहते तो ग्रेजुएशन के बाद किसी कंपनी में जॉब कर सकते थे . लेकिन वह इस रास्ते को "slow lane" यानी एक धीरे-धीरे पैसे देने वाला रास्ता मानते थे . जबकि वह " fast lane" यानी तेजी से पैसा कमाने वाले रास्ते को खोज रहे थे. लेकिन वह अलग अलग तरीके के साइड बिजनेस में भी लगातार फेल हो रहे थे. 1995 में 26 साल की उम्र में वह अपनी जिंदगी से बहुत निराश हो गए. और फिर उन्होंने ऐसे करोड़पति लोगों के बारे में स्टडी करना शुरू किया जो ज्यादा मशहूर नहीं थे. लेकिन इससे भी उन्हें कोई फायदा नहीं मिला. आखिरकार वह एक नए तरीके से अपना कैरियर बनाने के लिए शिकागो छोड़कर फिनिक्स सिटी में आ गए. उस वक्त उनके पास सिर्फ 900 डॉलर थे. और इसके अलावा उनके पास कोई जॉब, कोई दोस्त या कोई फैमिली नहीं थी . लेकिन उनके अंदर फास्ट लेन को हिट करने की एक जबरदस्त इच्छा जरूर थी. उन्होंने एक जोरदार तरीके से वेबसाइट मार्केटिंग का काम शुरू किया. इसके लिए उन्होंने वेबसाइट में " लीड जेनरेशन " का काम शुरू किया. इसका मतलब है कि उन्होंने दुनिया भर में बिकने वाली लिमोजिन जैसी महंगी कारों के बारे में लोगों की इंक्वायरी और इंटरेस्ट की चीजों के बारे में जानकारी को बेचने का प्रोसेस शुरू किया. उनके इस काम में तेजी से पैसा आना शुरू हो गया. इसके बाद वह और ज्यादा वेबसाइट बनाने लगे. और उनका यह बिजनेस तेजी से आगे बढ़ता चला गया. 2000 में उनका यह बिजनेस बहुत पॉपुलर हो चुका था. उन्होंने एक अच्छा मौका देख कर अपने बिजनेस को 12 लाख डॉलर में बेच दिया. और वह 31 साल की उम्र में एक पल में मिलेनियर बन गए. लेकिन इसके बाद वह इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने अपनी वेबसाइट को और ज्यादा बेहतर बनाना जारी रखा. उन्होंने ऑटोमेशन और प्रोसेस की फील्ड में नई टेक्नोलॉजी को शामिल किया. और फिर कुछ सालों बाद उनका बिजनेस इतनी तेजी से ग्रो करने लगा कि उनकी हर महीने की कमाई दो लाख डॉलर तक पहुंच गई. और फिर कई सालों तक करोड़ों डॉलर कमाने के बाद उन्होंने आखिरकार 2007 में एक बार फिर से फास्टलेन प्रोसेस के थ्रू अपनी कंपनी को 79 लाख डॉलर्स में बेचकर 10 मिनट में इसके फुल अमाउंट को अपने अकाउंट में जमा कर लिया.

Part 2 : Wealth is Not a Road, But a Road Trip! Chapter 3 : The Road Trip to Wealth
इस चैप्टर में दौलत बनाने के फार्मूले के बारे में बताया गया है. दौलत ज्यादातर लोगों से दूर रहती है. क्योंकि वह प्रोसेस को अवॉइड करते हुए इवेंट्स में बिजी रहते हैं . प्रोसेस के बगैर कोई इवेंट नहीं होती. प्रोसेस करोड़पति बनाता है, जबकि आप जिन इवेंट्स को होता हुआ देखते और सुनते हैं वह प्रोसेस की वजह से होती हैं. जैसे एक शेफ के लिए कुकिंग एक प्रोसेस है और खाना एक इवेंट है. एक इवेंट में डि मार्को की कंपनी की बिक्री क्लाइमेक्स पर पहुंच गई थी. लेकिन इसका रिजल्ट प्रोसेस के जरिए आया था. जब आप पहली बार करोड़पति बनते हैं, तो यह किसी सीक्रेट इवेंट्स की वजह से नहीं बल्कि एक प्रोसेस के जरिए होता है. प्रोसेस, दौलत की रोड ट्रिप है. यानी कि प्रोसेस, पैसा बनाने के लिए सड़क के रास्ते सफर करने जैसा है. जिसकी मंजिल एक इवेंट के तौर पर दिखाई देती है. लेकिन इसे प्रोसेस के जरिए हासिल किया जाता है. 

दौलत की रोड ट्रिप का फार्मूला देशभर में सड़क के रास्ते किए जाने वाले एक लंबे सफर की तरह है. जिसमें चार चीजें मिलकर जीत का फार्मूला तय करती हैं : जैसेकि, 

पहली चीज है आपका रोड मैप. जो आपके एक्शंस को गाइड करता है, और आपके फाइनेंशियल बिलीफ सिस्टम और दौलत और पैसों के बारे में पहले से ही एक मजबूत भरोसा बना लेता है. दौलत बनाने की प्लानिंग में तीन तरीके के रोड मैप्स आप को अपने गोल तक पहुंचने में मदद करेंगे :

1. The Sidewalk

2. The Slowlane

3. The Fastlane

दूसरी चीज है आप की सवारी. जो कि आप खुद ही हैं. इसलिए रोड ट्रिप के दौरान एक गाड़ी के जैसे ही आप की maximum efficiency को पक्का करने के लिए आपकी भी लगातार ट्यूनिंग और मेंटेनेंस करने की जरूरत होती है .

तीसरी चीज है आपकी रोड्स. जोकि आपके सफर के फाइनेंशियल रास्ते होते हैं. जैसे कि आप अपने जॉब के रास्ते पर ही सफर कर सकते हैं. और उस रास्ते के अंदर आपके पास कई चॉइस होती हैं : मिसाल के तौर पर आप एक इंजीनियर बन सकते हैं  या एक प्रोजेक्ट मैनेजर बन सकते हैं या फिर कुछ और भी बन सकते हैं . 

और चौथी चीज है आपकी स्पीड. जोकि आपके गोल्स को पूरा करने के लिए जरूरी काबिलियत होती है. स्पीड के बगैर आपके रोडमैप की कोई डायरेक्शन नहीं है. और आप की सवारी बेकार खड़ी रहती है. सक्सेसफुल फास्टलेन यात्री, लड़ाई के मैदान में सिपाही की तरह होते हैं जो उबड़-खाबड़ रास्तों पर जीते और मरते हैं. टोल टैक्स लेने वाली सड़कें दौलत का रास्ता दिखाती हैं . अगर आप टोल का विरोध करते हैं तो दौलत भी आप का विरोध करेगी.

Chapter 4 : The Roadmaps to Wealth
आपकी प्रेजेंट फाइनेंशियल सिचुएशन आपके मौजूदा रोडमैप की वजह से बनती है .आपका रोडमैप आपके एक्शन्स को गाइड करता है, और यही एक्शन्स आप की फाइनेंशियल लाइफ को बनाते हैं. आपकी चॉइस यह तय करती है कि आपकी लाइफ किस तरह की होगी. आपकी चॉइस आपके बिलीफ सिस्टम से पैदा होती है. और आपके बिलीफ सिस्टम आपके पहले से तय किए गए रोड मैप से डेवलप होते हैं . अगर आप अपनी लाइफ को बदलना चाहते हैं तो आपको अपनी चॉइस को बदलना होगा. और अपनी चॉइस को बदलने के लिए आपको अपने बिलीफ सिस्टम को बदलना होगा. और आपका बिलीफ सिस्टम आपके रोड मैप से तय होता है. आपके बिलीफ सिस्टम बहुत पावरफुल मेकैनिज्म होते हैं जो आपके एक्शन्स को चलाते हैं. आपका बिलीफ सिस्टम एक रोड मैप की तरह से काम करता है . हर एक रोडमैप का झुकाव आमतौर पर पहले से ही एक खास मंजिल की तरफ होता है : जैसेकि, 

साइडवॉक का झुकाव गरीबी की तरफ, स्लोलेन का झुकाव एक ऑर्डिनरी या एवरेज पैसे वाला बनने की तरफ, और फास्ट लेन का झुकाव दौलत की तरफ होता है.

हर एक रोड मैप मैथमेटिकल फार्मूलों के एक स्पेसिफिक सेट के मुताबिक ऑपरेट होता है. जिसको वेल्थ इक्वेशन कहते हैं. जो यह तय करता है कि आप किस स्पीड से दौलत को क्रिएट करेंगे. आप का चुना हुआ रोड मैप दौलत को क्रिएट करने की स्पीड डेवेलप करता है. 

अगर आप अपनी फाइनेंशियल सिचुएशन से खुश नहीं है तो आप अपने रोडमैप को बदलकर फौरन अपनी दुनिया बदल सकते हैं.

Part 3 : Poorness: The Sidewalk Roadmap : Chapter 5 : The Road Most Traveled: The Sidewalk
साइडवॉकर्स के लिए पैसा कमाने की कोई मंजिल नहीं होती. ऐसे लोग लापरवाही से जीने की  लाइफस्टाइल को फॉलो करते हैं. जिसके जरिए वह मौज करने, अपनी इमेज को बेहतर बनाने, और फौरन सेटिस्फेक्शन पाने की जरूरतों को पूरा करते हैं. इस वजह से उनके खर्चे बढ़ते जाते हैं और वह हमेशा के लिए आपने जॉब या बिजनेस के गुलाम बन कर रह जाते हैं . साइडवॉकर्स के रोडमैप में उनके बर्ताव से रिलेटेड कुछ खासियतें होती हैं. जो उनके एक्शन्स को चलाती हैं. साइडवॉक पर एक जिंदगी आसानी से आपको गरीबी की तरफ ले जाती है. क्योंकि साइडवॉक की जिंदगी शार्ट टर्म के लिए होती है. यह लंबे समय तक काम नहीं करती. इस तरीके से आप अपने प्रेजेंट टाइम को इंजॉय करने के लिए फ्यूचर को mortgage यानी गिरवी बना देते हैं. साइडवॉकर्स अपनी लाइफ स्टाइल को कर्जे की रकम के साथ चलाते हैं. इन लोगों को अपने कर्जे या किराए का पेमेंट करने की चिंता लगी रहती है. 

दूसरी तरफ ज्यादा पैसा कमाने वाले साइडवॉकर्स उसी के मुताबिक डिजाइनर कपड़ों, और अपने महंगे सामान और शौक पर भी बेहिसाब पैसा खर्चा करते हैं . ऐसे लोगों में फाइनेंशियल डिसिप्लिन की बहुत कमी होती है. यह लोग इस बात की कोई परवाह नहीं करते कि वह कितना कमाते हैं और कितना खर्च करते हैं. आपने यह नोटिस किया होगा कि कैसे कम कमाई करने वाले और ज्यादा कमाई करने वाले दोनों साइडवॉकर्स एक ही तरह की प्रॉब्लम को अलग अलग तरीके से सॉल्व करते हैं. इसकी वजह यह है कि ज्यादा पैसे से आप खराब फाइनेंशियल मैनेजमेंट का सॉल्यूशन नहीं कर सकते. ज्यादा पैसा फाइनेंशियल डिसिप्लिन नहीं सिखाता है. दोनों ही तरह के लोग अपने पैसे का बहुत मिसयूज करते हैं. अगर आप हर साल 40 हजार डॉलर की कमाई पर नहीं जी सकते तो फिर इसका मतलब है कि आप चार लाख डॉलर सालाना की कमाई पर भी नहीं जी सकते. मान लीजिए कि जैसे कम कमाई करने वाले साइडवॉकर्स को अपने  900 डॉलर के मॉर्टगेज का पेमेंट करने के बारे में चिंता होती है, उसी तरीके से ज्यादा पैसा कमाने वाले साइडवॉकर्स भी अपने 9000 डॉलर के कर्जे के पेमेंट के बारे में चिंता कर रहे होते हैं. हालांकि दोनों मामलों में एक जैसी प्रॉब्लम्स होती हैं, लेकिन बस उनकी क्वांटिटी अलग-अलग होती है. आप पैसे की प्रॉब्लम का सॉल्यूशन सिर्फ अपने माइंडसेट को चेंज करके ही कर सकते हैं. आपको अपना माइंडसेट चेंज करने के लिए अपना रोडमैप चेंज करना होगा.

Chapter 6 : Has Your Wealth Been Toxified?
दौलत का मतलब आपके पास प्रॉपर्टी, समान, या पैसे का होना नहीं होता है . लेकिन डि मार्को के मुताबिक दौलत का मतलब 3 एफ्स ( Fs) होते हैं: जैसेकि फैमिली यानी रिश्तेदारी, फिटनेस यानी हेल्थ और फ्रीडम यानी चॉइस होते हैं. इन तीनों चीजों के अंदर ही आपको अपनी असली दौलत यानी खुशी मिलेगी. 

आपकी असली दौलत एक मजबूत और जोश से भरे हुए फैमिली रिलेशन में होती है. याद रखें कि जिस इंसान के दोस्त होते हैं वह कभी फेल नहीं होता. यह दिखाता है कि आपकी जिंदगी को फ्रेंड्स, फैमिली और अपने प्यारे लोगों के साथ शेयर करने की कितनी इंपोर्टेंस होती है. इसी वजह से एक खाली जगह में अकेले रहकर दौलत को महसूस नहीं किया जा सकता. 

और आपकी फिटनेस भी आपकी दौलत है : जैसेकि, हेल्थ, जीने की भरपूर इच्छा, जुनून और एनर्जी के बगैर दौलत को हासिल नहीं किया जा सकता. और आखिर में दौलत आपकी फ्रीडम और चॉइस है : जैसेकि आपकी जीने की यह आजादी कि आप कैसे, क्या ,कब और कहां जीना चाहते हैं. या अपने सपनों को पूरे जोश के साथ पूरा करने की आजादी या अपने मनचाहे तरीके से अपने बच्चों की परवरिश करने की आजादी या आप जिन चीजों को करना पसंद नहीं करते हैं, उन चीजों के लिए मजबूरी में कड़ी मेहनत करने से आजादी  ही असली दौलत है. 

एक अमीर आदमी दिखने में और अमीर आदमी होने में बस यही प्रॉब्लम है कि अमीर दिखना तो आसान है लेकिन अमीर बनना बहुत मुश्किल है. आसान क्रेडिट और लंबे टाइम पीरियड के लिए पैसा फाइनेंस करने वाले ऑप्शन्स, जिनमें से कई में तो आपको एक साल तक कोई पेमेंट भी नहीं करना होता है, आपको एक अमीर इंसान बनने का गलत आईडिया देकर कर्जा लेने के लिए लालच देते हैं . 

आपके पास दौलत होने का मतलब आपके पास एक महंगी कार होना नहीं है बल्कि यह जानने की आजादी का होना है कि आप इसे खरीद सकते हैं : जैसेकि आप आजादी के साथ एक कार डीलरशिप में जाकर अपनी मनपसंद कार की कीमत पता कीजिए, फौरन उसका पेमेंट कीजिए, और  फिर पूरी शान से उस कार को ड्राइव करते हुए वहां से निकल जाइए. 

डी मार्को ने जब अपनी कंपनी बेचने के बाद अपना पहला चेक कैश कराया था, तो उनके अंदर भी थोड़े टाइम के लिए फालतू पैसा खर्चा करने की इच्छा पैदा हो गई थी . और वह भी दौलत का दिखावा करने के लिए दुनिया को सुनाना चाहते थे कि " मैं अमीर हूं." 

दौलत के बिना दौलत होने के भ्रम होने को “Faux wealth” या नकली दौलत कहते हैं. हमारी सोसाइटी की तरफ से भी दौलत का दिखावा करने वाले शख्स को एक दौलतमंद इंसान मान कर इंपॉर्टेंस दी जाती है . लेकिन लोग इस बात को रिलाइज नहीं करते हैं कि नकली दौलत की खोज में लगे रहने से आप अपना बहुत कुछ बर्बाद कर सकते हैं. असल में यह नकली दौलत आपकी असली दौलत यानी आपके अच्छे रिलेशंस और जिंदगी की आजादी को बर्बाद कर देती है.

Chapter 7 : Misuse Money and Money Will Misuse You
आप पैसे का मिसयूज करके खुशी नहीं खरीद सकते . बल्कि आप पैसे से आज़ादी खरीदने के बजाय, गुलामी खरीदते हैं. दौलत और खुशी  इंटरचेंजेबल है. इसका मतलब है कि आप दौलत को खुशी मे और खुशी को दौलत में बदल सकते हैं . हमारी सोसाइटी कहती है कि दौलत एक " मेटेरियल" है. इस गलत डेफिनेशन की वजह से दौलत और खुशी आपस में कभी जुड़ नहीं पाते हैं. जब आप दौलत की वजह से खुद को अमीर नहीं महसूस करते हैं तो आप दूसरे तरीकों से खुद को अमीर महसूस कराने की कोशिश करते हैं : जैसेकि आप अमीर महसूस करने के लिए दौलत के symbol खरीदते हैं, या आप फीलिंग्स, रिस्पेक्ट, प्राइड यानी गर्व, और खुशी के लिए तरसते हैं, या आप तारीफ, प्यार और सोसाइटी का अप्रूवल चाहते हैं. जबकि आप पैसे का सही ढंग से इस्तेमाल करके अपनी आजादी खरीद सकते हैं. और आप जानते हैं कि दौलत के 3 एफ्स ( Fs) में से एक ऐफ, फ्रीडम यानी आजादी है. फ्रीडम से आप अपनी चॉइस खरीद सकते हैं. दरअसल बहुत से ऐसे गरीब लोग भी हैं जो उनसे ज्यादा काम करने वाले अपर मिडिल क्लास के लोगों के मुकाबले ज्यादा अमीरी के साथ रहते हैं. क्योंकि दूसरी तरह के लोगों के पास उनकी फ्रीडम में कमी होती है, उनके रिश्ते ज्यादा मजबूत नहीं होते, और उनकी हेल्थ में भी कमी होती है. और यह सब कुछ उनकी लाइफ में हफ्ते में 5 दिन और 50 साल तक चलने जॉब के खराब असर की वजह से होता है.

दौलत के फार्मूले में पैसे की वजह से इसके एक ऐफ, यानी आपकी फ्रीडम को सिक्योरिटी मिलती है. जो कि एक बहुत पावरफुल गार्जियन के तरीके से बाकी के दो एफ्स यानी कि फिटनेस या हेल्थ, और फैमिली या रिश्तेदारी की केयर करता है. पैसा आपको खुशी देने के लिए आजादी खरीद सकता है : जैसेकि

1. पैसा आपके बच्चों को बड़ा होता हुआ देखने की आजादी खरीद सकता है. 

2. पैसा आपके ऐसे अजीब सपनों को भी पूरा कर करने की आजादी खरीद सकता है जो आपको रात में सोने नहीं देते. 

3. पैसा आपके लिए दुनिया में बदलाव लाने की आजादी खरीद सकता है. 

4. पैसा आपके नए रिश्ते बनाने और पुराने रिश्ते को मजबूत करने की आजादी खरीद सकता है. 

5. पैसा आपके लिए आपकी मनचाही चीजों को करने की आजादी खरीद सकता है. 

इसके अलावा भी पैसा आपके लिए ऐसी चीजों को करने की आजादी खरीद सकता है जिनसे आपको खुशी मिलती हो.

Chapter 8 : Lucky Bastards Play The Game
साइडवॉकर्स, इवेंट्स से प्यार करते हैं लेकिन प्रोसेस से नफरत करते हैं . वह यह मानते हैं कि दौलत किस्मत से मिलती है इसलिए वह दौलत को एक इवेंट मानते हैं. साइडवॉकर्स के माइंड सेट 3 तरह के कमजोर बिलीफ सिस्टम्स यानी उनकी मान्यताओं से जुड़े होते हैं जिनकी वजह से वह पैसा कमाने के घोटालों की चपेट में आकर उनमें फंस जाते हैं : जैसेकि, 

1. दौलत पाने के लिए लक की जरूरत होती है. 

2. दौलत एक इवेंट है.

3. दूसरे लोग मुझे दौलत दे सकते हैं. 

लेकिन आपकी किस्मत तब बनती है जब इंपॉसिबल चीजें भी पॉसिबल लगने लगती हैं . आप सही टाइम और सही जगह पर अपने प्रोसेस को दुनिया में लागू करके अपनी रुकावटों को टाल सकते हैं. किस्मत का एहसास करने के लिए, आपको ऐसे प्रोसेसेज में शामिल होना चाहिए जहां बेहतर पॉसिबिलिटीज मौजूद हों. जब आप खेलते हैं तो किस्मत का इंट्रोडक्शन होता है. जब आप जीतने के लिए जिंदगी को दांव पर लगाते हैं तो आपकी किस्मत दिखाई देती है. इसलिए आपको हमेशा इन बातों का ध्यान रखना चाहिए: 

- दौलत की तरह किस्मत को भी प्रोसेस से क्रिएट किया जाता है ना कि इवेंट से. 

- किस्मत को बनाने के लिए प्रोसेस के एक्शन को बेहतर बनाना पड़ता है. और कई तरह की पॉसिबिलिटीज का चांस बढ़ाना पड़ता है . अगर आप बड़ी हिट्स लगाने के लिए कोशिश कर रहे हैं और इसमें आपको कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है तो इसका मतलब है कि आप प्रोसेस के मुताबिक नहीं चल रहे हैं बल्कि आप इवेंट के मुताबिक चल रहे हैं.

- " जल्दी से अमीर बनो " जैसे मार्केटिंग के विज्ञापन एक फास्टलेन है. क्योंकि जानकार मार्केटर्स जानते हैं कि साइडवॉकर्स, प्रोसेस के मुकाबले इवेंट्स में ज्यादा यकीन रखते हैं .

- आपको यह जानकर हैरानी होगी कि साइडवॉकर्स को बेचने का काम शायद उतना ही ज्यादा फायदेमंद है जितना कि पैसा कमाने के दूसरे सिस्टम आपको फायदा देते हैं. 

- बड़ी हिट अचानक से होने वाला चमत्कार है, जो तेजी से दौलत पैदा करता है : जैसेकि लॉटरी, कैसीनो, पोकर टूर्नामेंट, या गवर्नमेंट से फ्रॉड करके पैसा कमाने को एक बड़ी हिट का रास्ता माना जाता है. लेकिन यह सब चीजें कोई प्रोसेस नहीं है, बल्कि ये लंबे शॉट्स हैं, जिनकी मदद से शॉर्टकट से पैसा कमाने की कोशिश की जाती है. जो कि अक्सर फेल हो जाती है. इसलिए आपको किस्मत के भरोसे काम करने से बचना चाहिए.

Chapter 9 : Wealth Demands Accountability
साइडवॉकर्स एक आसान जिंदगी चाहते हैं लेकिन फिर भी ऐसे लोग यही चाहते हैं कि कोई दूसरा उनके लिए पैसा खर्च करे. वह जिंदगी भर दूसरों से मदद मांगते हैं. उनका मानना ​​है कि सरकार या किसी दूसरी ऑर्गेनाइजेशन को उनकी भलाई के लिए और ज्यादा काम करना चाहिए . उन्हें लगता है कि वह सिस्टम के शिकार हैं और वह जिंदगी के भी शिकार हैं. क्योंकि उनकी जिंदगी ने भी उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया. यहां तक कि उन्होंने जिन पॉलीटिशियंस के वादे पर उनको वोट दिया था कि वह उनको फ्री हेल्थ केयर, फ्री एजुकेशन, फ्री गैस, और घर या रियल एस्टेट प्रॉपर्टी के लिए इंटरेस्ट फ्री लोन के अलावा और भी न जाने क्या-क्या दुनिया भर की चीजें देंगे. उन्होंने भी अपना वादा पूरा नहीं किया. 

लेकिन ऐसे लोगों को हमेशा किसी न किसी सिचुएशन का शिकार बन जाने का बहाना बंद कर देना चाहिए, उनको अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए और फिर अपनी जवाबदेही के लिए भी तैयार रहना चाहिए. 

2006 में डी मार्को ने अपने लिए फिनिक्स सिटी में एक घर खरीदा था. लेकिन उस घर में कुछ मरम्मत और बदलाव कराने की जरूरत थी. उन्होंने अपने एक दोस्त की सलाह पर एक कांट्रेक्टर को बिना जांच पड़ताल किए हुए काम पर रख लिया. लेकिन जो काम 8 महीने में पूरा हो जाना चाहिए था वह 3 साल में भी पूरा नहीं हो पाया. दरअसल  कांट्रेक्टर अपने काम में अनाड़ी था ,और वह एक बेवकूफ टाइप का इंसान था. लेकिन डी मार्को ने इस बात के लिए भी खुद को हालात का शिकार नहीं माना. क्योंकि इसकी पहली वजह तो यह थी कि वह इस बात के लिए खुद रिस्पांसिबल थे : जैसेकि यह उनकी गलती थी कि उन्होंने ऐसा काम होने दिया. और दूसरी वजह यह थी कि उनकी जवाबदेही बनती थी कि उन्होंने सही तरीके से जांच पड़ताल किए बगैर ही घर का काम कराने के लिए वर्कर्स को कैसे रख लिया था? 

इसी तरह से एक बार एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के दौरान उनके दोस्त का पर्स चोरी हो गया. 

और फिर चोरी हुए पर्स के साथ उनके दोस्त ने फास्टलेन माइंडसेट के मुताबिक अपनी जिम्मेदारी को और फिर अपनी जवाबदेही को भी एक्सेप्ट किया : उन्होंने माना कि यह उनकी गलती थी कि वह अपने पर्स को नहीं संभाल पाए, और उसे चोरी हो जाने दिया. उनकी जवाबदेही यह थी कि उन्होंने फ्यूचर के लिए यह डिसाइड किया  कि वह इस बारे में पूरी सावधानी रखेंगे और इस बात को पक्का करेंगे कि फिर से ऐसा ना हो .

Part 4 : Mediocrity:The Slowlane Roadmap : Chapter 10 : The Lie You've Been Sold: The Slowlane
पिछले पार्ट में यह बताया गया है कि साइडवॉकर्स अपने प्रेजेंट टाइम को इंजॉय करने के लिए अपने फ्यूचर को गिरवी बना देते हैं. और अपनी लाइफ स्टाइल को कर्जे की रकम के साथ चलाते हैं. जबकि दूसरी तरफ स्लोलेन मे चलने वाले लोग इन से बिल्कुल अलग होते हैं : ऐसे लोग एक ज्यादा बेहतर और ज्यादा फ्रीडम वाले फ्यूचर  की उम्मीद में अपने प्रजेंट टाइम को इंजॉय नहीं करते  और बहुत कम पैसा खर्च करके अपना काम चलाते हैं. और वह एक बहुत डिसिप्लिन वाली लाइफ स्टाइल को फॉलो करते हैं : जैसेकि वह हफ्ते में 5 दिन, 8 घंटे का जॉब करते हैं, अपने ऑफिस बैग में लंच पैक ले जाकर वहीं खाना खाते हैं, और ईमानदारी से अपनी तनख्वाह का 10 परसेंट स्टॉक मार्केट और रिटायरमेंट सेविंग्स प्लान जैसी जगहों में लगाते हैं .

दरअसल ज्यादातर कॉलेज ग्रैजुएट्स अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद साइडवॉक से अपनी लाइफ की शुरुआत करते हैं. और जब उनकी फैमिली की जिम्मेदारियां, उनके बढ़ते हुए खर्चे का बोझ और फ्यूचर की उम्मीदें रियलिटी से मेल नहीं खातीं, तो वह साइडवॉक की अनसर्टेनिटी के बारे में रियलाइज़ करते हैं. और फिर वह इस रास्ते को छोड़कर एक ज्यादा जिम्मेदार स्लोलेन मे चलने लगते हैं. हालांकि ज्यादातर लोगों को यही बताया जाता है कि अमीर आदमी बनने के लिए सबसे अच्छा तरीका स्लोलेन मे चलना होता है. जबकि यह बिल्कुल झूठ और एक धोखा है. जब तक लोगों को इसके बारे में सही जानकारी पता चलती है तब तक उनके 40 से लेकर 50 साल  गुजर चुके होते हैं. और इस बीच लाखों नए लोग ऐसी जिंदगी के आदी बन चुके होते हैं. जब आप स्लोलेन में चलना शुरू करते हैं तो आप उसी वक्त से एक शानदार फ्यूचर की उम्मीद मे यह सोचना शुरू करते हैं कि आपके लिए शानदार वक्त कब आएगा? आप अपने लाखों डॉलर कब खर्च कर सकते हैं, और कब अपनी लाइफ को आजादी के साथ एंजॉय कर सकते हैं ? 

इसलिए आपको हमेशा इन बातों का ध्यान रखना चाहिए: 

-  कि दौलत बनाने की प्लानिंग में साइडवॉक के मुकाबले स्लोलेन एक ऐसा रोडमैप है, जो आपके अंदर एक जिम्मेदारी और जवाबदेही का एहसास डेवेलप करता है, और एक नेचुरल तरीके से आपकी लाइफ स्टाइल में सुधार लाता है. 

- दौलत का सबसे अच्छा एक्सपीरियंस आप उस समय कर सकते हैं जब आप नौजवान उम्र में, एनर्जी से भरे हुए, और हर तरह के ऐशो आराम को एंजॉय करने के काबिल होते हैं.

- स्लोलेन एक ऐसा प्लान है जिसमें सक्सेस पाने के लिए आपको 40 से 50 साल का लंबा समय लगता है. 

- स्लोलेन में चलने वाले लोगों के लिए सैटरडे और संडे के दिन की आजादी, उनके मंडे से फ्राइडे तक काम करने की कीमत होती है. 

- स्लोलेन में चलने वालों के लिए उनकी एक औसत दर्जे की मंजिल पहले से ही तय होती है. जो आमतौर पर फिक्स्ड होती है और इसे बदला नहीं जा सकता.

Chapter 11 : The Criminal Trade: Your Job
अगर आप स्लोलेन के खराब असर से बचना चाहते हैं तो आपको तेजी से दौलत और फ्रीडम पाने के लिए अपनी नौकरी को छोड़ना होगा . आमतौर पर चाहे आप एक इलेक्ट्रिशियन हों या एक स्टोर मैनेजर हों, हर तरह के जॉब, आप को चूसते हैं . इसका मतलब है कि आपको अपने जॉब में बहुत सारी एनर्जी खर्च करनी पड़ती है .जॉब इसलिए आप को चूसते हैं क्योंकि वह बेरहमी से आपके  टाइम को कंज्यूम करते हैं. एक जॉब करने के दौरान आप अपनी जिंदगी को पैसों के बदले में बेच देते हैं. अगर आप काम करते हैं तो आपको पैसा मिलता है. और अगर आप काम नहीं करते तो आपको पैसा नहीं मिलता. 

आपके जॉब एक्सपीरियंस को कई तरह की एक्टिविटीज के जरिए ऑर्गेनाइज किया जाता है. जिनको रेगुलरली बार-बार दोहराया जाता है. और इनिशियल लर्निंग एक्सपीरियंस के बाद आपके अंदर कई तरह की नई नॉलेज इकट्ठा होने लगती हैं . हालांकि आपको एक्सपीरियंस लेने के लिए जॉब करने की जरूरत नहीं होती है. बल्कि आप जो कुछ भी अपनी लाइफ में करते हैं, उसी से आपको एक्सपीरियंस मिलता है. 

एक जॉब करना किसी सामान ढोने वाले ट्रक में बैठकर सफर करने जैसा होता है. जहां आप कठोर चीजों के कांटेक्ट में होने की वजह से तकलीफ उठाते हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रक का ड्राइवर अपनी सीट पर कंफर्टेबली बैठा होता है. और अगर वो ट्रक गड्ढे वाले रास्तों से गुजरता है तो आपको और ज्यादा तकलीफ होती है.  यही स्ट्रेटेजी आपके फाइनेंशियल प्लान में भी लागू होती है. अगर आपका अपने फाइनेंशियल प्लान पर कोई कंट्रोल नहीं होता है तो फ्रीडम पर भी आपका कोई कंट्रोल नहीं होता. 

चाहे आप कहीं भी जॉब करें लेकिन आपको अक्सर ऑफिस पॉलिटिक्स का सामना भी करना पड़ सकता है. इसलिए आपको बहुत लगन के साथ काम करने के अलावा दूसरे लोगों को खुश रखने के मुताबिक बर्ताव करना होता है. वरना आपको अपने साथी वर्कर्स या अपने बॉस की तरफ से उनके बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

स्लोलेन का प्रिंसिपल " पे योरसेल्फ फर्स्ट " के प्रिंसिपल के मुताबिक काम करता है. जो आपको अपना पैसा बचाने के लिए समझाता है . लेकिन एक जॉब में ऐसा कर पाना बहुत मुश्किल होता है. क्योंकि इसमें आप खुद को सबसे बाद में  पैसा देते हैं. और दूसरों को आपका पैसा पहले मिलता है इसलिए आप इस तरीके से तेजी से दौलत बनाने की उम्मीद नहीं कर सकते. इसलिए हमेशा इन बातों को याद रखिए :

- एक जॉब में आप पैसों से आजादी पाने के लिए अपनी आजादी को बेचते है. 

- आप अपने एक्शन्स से एक्सपीरियंस हासिल करते हैं. हालांकि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस माहौल में एक्शन्स करते हैं.

- ऐसे वक्त में दौलत इकट्ठा करने का कोई फायदा नहीं होता, जब आपका अपने प्राइमरी इनकम सोर्स यानी अपने जॉब पर कोई कंट्रोल नहीं होता.

Chapter 12 : The Slowlane: Why You Aren't Rich
स्लोलेन की स्ट्रेटेजी " यू एल एल ", यानी अनकंट्रोलेबल लिमिटेड लिवरेज पर बेस्ड होती है. जिसकी वजह से तेजी से और ज्यादा पैसा कमाने के मामले में स्लोलेन बिल्कुल भी असरदार नहीं  है. दरअसल आपको दौलत इकट्ठा करने के लिए बड़ी रकम कमाने की जरूरत होती है. जिसके लिए दो चीजों की जरूरत होती है: पहली चीज है कंट्रोल, और दूसरी चीज है लिवरेज. जबकि स्लोलेन की स्ट्रेटेजी में दो वेरिएबल चीजें शामिल होती हैं : पहली वेरिएबल चीज है " प्राइमरी इनकम सोर्स ", जो यह तय करता है कि आप किस तरीके से पैसा कमाएंगे. और दूसरी वेरिएबल चीज है " वेल्थ एक्सीलेरेटर ".जो यह तय करता है कि आप किस तरीके से दौलत को इकट्ठा करेंगे.

आप एक जॉब में " Intrinsic value" से पैसा कमाते हैं. आप जिस कीमत पर पैसों के बदले में अपने टाइम का सौदा करते हैं उसे इंट्रिंसिक वैल्यू कहते हैं. इंट्रिंसिक वैल्यू को मार्केट के हिसाब से तय किया जाता है. इस वैल्यू को घंटे के हिसाब से या साल के हिसाब से मापा जाता है . जैसे कि अगर आपको एक घंटा काम करने के लिए 10 डॉलर दिए जाते हैं तो आपकी इंट्रिंसिक वैल्यू 10 डॉलर पर आवर होगी . और अगर आप एक अकाउंटेंट के तौर पर एक लाख बीस हजार डॉलर सालाना तनखा कमाते हैं. तो आपकी आपकी इंट्रिंसिक वैल्यू एक लाख बीस हजार डॉलर पर ईयर होगी. अब जरा इस बात पर गौर कीजिए कि आपकी इंट्रिंसिक वैल्यू आपके टाइम के हिसाब से होती है. लेकिन आप ना तो टाइम को कंट्रोल कर सकते हैं और ना ही इसका लिवरेज ले सकते हैं . आपके पास हर दिन काम करने के लिए 24 घंटे की मैक्सिमम टाइम लिमिट होती है. अगर आप 200 डॉलर हर घंटे के हिसाब से कमाते हैं तो आप 20 हजार डॉलर रोज के हिसाब से कमाने के लिए रोज 100 घंटे काम नहीं कर सकते . क्योंकि टाइम की लिवरेज नहीं होती . यानी आप रोज 24 घंटे से ज्यादा टाइम का फायदा नहीं ले सकते .

इसके अलावा जॉब में आपका कोई कंट्रोल नहीं होता. क्योंकि आप अपने बॉस को कंट्रोल करके, या आप अपनी सैलरी को कंट्रोल करके, या अपनी कंपनी को कंट्रोल करके एक साल में एक लाख डॉलर और फिर अगले साल एक करोड़ डॉलर नहीं कमा सकते .

स्लोलेन वेल्थ इक्वेशन में दूसरी वेरिएबल चीज है " प्राइमरी वेल्थ एक्सीलेरेटर ". जोकि म्युचुअल फंड, रिटायरमेंट सेविंग प्लान और तमाम तरह के दूसरे मार्केट इन्वेस्टमेंट के जरिये आता है. यह इन्वेस्टमेंट्स जिस फाइनेंशियल स्ट्रेटजी का इस्तेमाल करते हैं उसे " कंपाउंड इंटरेस्ट " कहते हैं. कंपाउंड इंटरेस्ट के जरिए दौलत क्रिएट करने के लिए बहुत सारा टाइम गुजारने की जरूरत होती है :  एक जॉब, या कंपाउंड इंटरेस्ट या म्यूच्यूअल फंड वगैरह मार्केट इन्वेस्टमेंट्स का ना तो फायदा उठाया जा सकता है और ना ही उन्हें कंट्रोल किया जा सकता है. यह सब तरीके दौलत क्रिएट करने के लिए मैथमेटिकल कैलकुलेशंस पर भरोसा करते हैं.

कंपाउंड इंटरेस्ट को और ज्यादा असरदार बनाने के लिए आपको तीन चीजों की जरूरत होती है: जैसेकि, 

1. टाइम, जिसको सालों में नापा जाता है. 

2. उन सालों के भीतर एक सूटेबल सालाना आमदनी. 

3. एक इन्वेस्टेड अमाउंट को बार-बार इन्वेस्ट किया गया हो . 

कंपाउंड इंटरेस्ट के जरिए पैसा बहुत तेजी से नहीं बढ़ता . क्योंकि इसके वैरियेबल्स जो कि टाइम और आमदनी होते हैं उनकी पैसे को बढ़ाने की केपेसिटी बहुत कम होती है. और इन दोनों  वैरियेबल्स का ना तो फायदा लिया जा सकता है और ना ही इनको  कंट्रोल किया जा सकता है. इसीलिए इनको " यू एल एल " यानी अनकंट्रोलेबल लिमिटेड  लिवरेज कहते हैं.

स्लोलेन आपके कंट्रोल को कमजोर करता है. आप इस बुक समरी को इसलिए समझना चाहते हैं, क्योंकि आप अपनी फाइनेंशियल तकदीर को किसी कंपनी या स्टॉक मार्केट के हाथ में ना देकर इसे खुद कंट्रोल करना चाहते हैं. अगर आप एक अमीर इंसान बनना चाहते हैं तो आपको अपने फाइनेंशियल प्लान में टाइम, आमदनी और लीवरेज जैसे वेरिएबल्स को कंट्रोल करना होगा. और उनका फायदा उठाना होगा. कंट्रोल के बिना कोई भी फाइनेंशियल प्लान सिर्फ एक उम्मीद पर टिका होता है . और उम्मीद करना कोई प्लान नहीं होता.

Chapter 13 : The Futile Fight: Education
स्लोलेन के जरिए दौलत क्रिएट करने की स्ट्रेटेजी में मौजूद ULL यानी अनकंट्रोलेबल लिमिटेड  लिवरेज की सिचुएशन से निपटने के लिए लोग एजुकेशन को हथियार बनाकर अपनी इंट्रिंसिक वैल्यू के बेस पर ज्यादा तनख्वाह हासिल करने की लड़ाई लड़ते हैं. मिसाल के तौर पर कई लोग यह मानते हैं कि एमबीए में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद वह 15 परसेंट ज्यादा तनख्वाह कमा सकते हैं. लेकिन इसमें प्रॉब्लम यह है कि अपनी इंट्रिंसिक वैल्यू को बढ़ाने के लिए इस तरह की फॉर्मल एजुकेशन को हासिल करना बहुत महंगा होता है और इसमें काफी टाइम भी लगता है . एक एजुकेशन के लिए महंगे कॉलेज ट्यूशन के लिए पैसा खर्च करना एक खतरनाक खेल है जिससे आप स्लोलेन के फंदे में फंस सकते हैं : जैसेकि आप दूसरों से खुद को मैच कराने के लिए अपना बर्ताव, नजरिया और काम करने का तरीका चेंज करते हैं और MBA ,PMP एजुकेशन यानी प्रोजेक्ट , प्रोग्राम और पोर्टफोलियो जैसे सर्टिफिकेट कोर्स करने के लिए अपना बहुत सारा पैसा और टाइम खराब करते हैं. 

अगर आपने अपनी एडवांस एजुकेशन को एक लोन लेकर फाइनेंस किया है तो वह लोन आपको जबरदस्ती नौकरी की गुलामी में फंसा लेता है. और आपकी आजादी को छीन लेता है.

Chapter 14 : The Hypocrisy of the Gurus
पैसे के खेल में पैसा ही स्कोरकार्ड है. अगर कोई शख्स आपको यह बताता है कि उन्होंने कैसे पैसे को स्कोर किया है, तो आप यह जरूर पक्का कर लें कि वह पैसा कमाने के अपने असली तरीके के बारे में भी बता रहे हैं. क्योंकि ज्यादातर फाइनेंशियल गुरु, पैसा कमाने के बारे में दूसरों को जो सलाह देते हैं, उसको अपनी असल जिंदगी में लागू नहीं करते . और यह बात बिल्कुल सही है कि बहुत कम गुरु अपनी दी हुई एडवाइज की वजह से अमीर बनते हैं. बल्कि असल में वह सक्सेसफुल फास्टलेनर्स होते हैं जो दूसरों से छुपा कर बहुत सीक्रेट तरीके से पैसा कमाते हैं.

स्लोलेन रोडमैप के बेस्ट सेलिंग बुक ऑथर्स जो टीवी, रेडियो और किताबों के जरिए अपनी फाइनेंशियल एडवाइज देते हैं, वह बहुत जोर शोर से अपना प्रचार भी करते हैं. और वह इस बारे में जो घटिया स्ट्रैटेजिस बेचते हैं, उसके जरिए वह लोगों को सिर्फ कंफ्यूज करते  हैं. जबकि सच्चाई यह है कि वह आपको स्लोलेन रोडमैप बेचकर खुद फास्ट लेन में अमीर बन रहे होते हैं. 

यह बात सच है कि फाइनेंशियल गुरु एक मार्केट की जरूरत को पूरा करते हैं. लेकिन जरा यह भी सोचिए कि क्या वह ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं?, क्या वह जो प्रचार करते हैं या वह जो बेचते हैं उसी की वजह से वह अमीर बने हैं ?, एक बार जब आप फास्ट लेन की मैथमेटिक्स को समझने लगते हैं तो फिर आपके लिए यह भी क्लियर हो जाता है कि कौन से गुरु आपको फास्टलेन के रियल तरीके सिखाने की जगह, कुछ अलग तरीके से चीजों को बताने की गलती करते हैं .

डी मार्को कहते हैं कि जो चीज उनको दूसरों से अलग बनाती है, वह यह है कि इस किताब में बताए गए कॉन्सेप्ट्स ने उनको फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस दी है. इस किताब में आपको और ज्यादा अमीर बनाने की पावर है. क्योंकि वह भी उसी वेल्थ इक्वेशन का फायदा उठाते हैं, जो वह आपको सिखाते हैं. दूसरे शब्दों में उनका यह कहना है कि " जैसा मैं कहता हूं वह करो " बिल्कुल वैसा ही है, जैसा कि यह कहना कि " वही करो जो मैं करता हूं." और उनके लिए इन दोनों बातों में कोई अंतर नहीं है.

Chapter 15 : Slowlane Victory… A Gamble of Hope
लोग पैसा कमाने के लिए स्लोलेन रोडमैप को इसलिए अपनाते हैं, क्योंकि उनको यह यकीन होता है कि इस रास्ते में सबसे कम रिस्क हैं और यह  सेफ है. क्योंकि 90 परसेंट से ज्यादा नए बिजनेस 5 साल के बाद फेल हो जाते हैं, इसलिए ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि फास्टलेन सेफ नहीं हो सकता. लेकिन अगर आप ध्यान से देखें तो आपको पता चलेगा कि असल में स्लोलेन स्ट्रेटजी फास्टलेन से ज्यादा खतरनाक है. क्योंकि यह पूरी तरह से उम्मीद के बेस पर प्लान की गई है. इसमें आपकी हेल्थ खराब होने, या जॉब की गारंटी ना होने,या जब आप होम इक्विटी की आमदनी पर अपना रिटायरमेंट प्लान करते हैं, लेकिन बाद में रियल स्टेट की वैल्यू कम हो जाने, या आपके भरोसे वाली कंपनी के फेल हो जाने, या अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर करने के लालच में कर्जदार बन जाने, या इकोनामी में मंदी आ जाने जैसे तमाम खतरे होते हैं. और आपके फौरन सेटिस्फेक्शन पाने की चाहत और एक लाइफस्टाइल का गुलाम बन जाने की सिचुएशन में जब आप रियलाइज करते हैं कि स्लोलेन स्ट्रेटजी काम नहीं कर रही है तो आपके लिए फिर से एक साइडवाकर बनने का खतरा भी बन जाता है. 

स्लोलेन और फास्टलेन मिलेनियर्स के बीच में यह डिफरेंस होते हैं:

1. स्लोलेन मिलेनियर्स अपने मिलियन डॉलर्स 30 साल से ज्यादा वक्त में बनाते हैं. जबकि दूसरी तरफ फास्टलेन मिलेनियर्स अपने मिलियन डॉलर्स 10 साल या उससे कम वक्त में बनाते हैं.

2. स्लोलेन मिलेनियर्स को मिडिल क्लास घरों में रहना पड़ता है. और फास्टलेन मिलेनियर्स लग्जरी एस्टेट में रह सकते हैं. 

3. स्लोलेन मिलेनियर्स के पास एमबीए की डिग्री होती है और फास्टलेन मिलेनियर्स एमबीए की डिग्री के साथ लोगों को काम पर रखते हैं.

4. स्लोलेन मिलेनियर्स अपने ऐसेट्स को मार्केट फोर्सेज के भरोसे पर छोड़ देते हैं और फास्टलेन मिलेनियर्स अपने ऐसेट्स को कंट्रोल करते हैं और उनकी वैल्यू को मैनिपुलेट करने की पावर रखते हैं.

5. स्लोलेन मिलेनियर्स महंगी गाड़ियां अफोर्ड नहीं कर सकते और फास्टलेन मिलेनियर्स महंगी से महंगी गाड़ी में घूम सकते हैं. 

6. स्लोलेन मिलेनियर्स अपने टाइम के लिए काम करते हैं और और फास्टलेन मिलेनियर्स के पास उनके अपने लिए काम करने का टाइम होता है. 

7. स्लोलेन मिलेनियर्स एंप्लाइज होते हैं और फास्टलेन मिलेनियर्स एंप्लाइज को काम पर रखते हैं. 

8. स्लोलेन मिलेनियर्स के पास रिटायरमेंट सेविंग प्लांस होते हैं और फास्टलेन मिलेनियर्स रिटायरमेंट सेविंग प्लांस ऑफर करते हैं. 

9. स्लोलेन मिलेनियर्स अमीर बनने के लिए म्यूच्यूअल फंड और स्टॉक मार्केट का इस्तेमाल करते हैं और फास्टलेन मिलेनियर्स अमीर बने रहने के लिए उनका इस्तेमाल करते हैं. 

10. स्लोलेन मिलेनियर्स की इनकम के फ्लो को दूसरे लोग कंट्रोल करते हैं और फास्टलेन मिलेनियर्स अपनी खुद की इनकम के फ्लो को कंट्रोल करते हैं. 

फास्टलेन का मतलब आपको एक इरिटेटिंग या बोरिंग शख्स के तौर पर अगला मिडिल क्लास मिलेनियर बनाना नहीं है. बल्कि आपको यह बताना है कि असल में आप क्या कर सकते हैं.

Part 5 Wealth: The Fastlane Roadmap : Chapter 16 : Wealth's Shortcut: The Fastlane
फास्टलेन एक बिजनेस, और एक लाइफस्टाइल है. जिसमें " CUL" यानी " कंट्रोलेबल अनलिमिटेड लिवरेज " देने की खासियत होती है. इस तरह से यह दौलत बनाने और एक परफेक्ट लाइफस्टाइल के लिए माहौल बनाने में मदद करता है. अब जरा इन चार सेगमेंट्स पर ध्यान दीजिए :

1.CULयानी कंट्रोलेबल अनलिमिटेड लिवरेज.

 जहां स्लोलेन को ऐसे अनकंट्रोलेबल वैरियेबल्स के तौर पर समझा जाता है, जिनका कोई फायदा नहीं उठाया जा सकता. वहीं फास्टलेन में कंट्रोलेबल वैरियेबल्स का फायदा उठाया जा सकता है : यानी कि इसमें मैक्सिमम कंट्रोल और फायदा उठाने की कैपेसिटी होती है .

2. बिजनेस. 

जैसे स्लोलेन एक जॉब को सपोर्ट करता है उसी तरह से फास्टलेन आपके खुद के बिजनेस, या सेल्फ-एंप्लॉयमेंट या एंटरप्रेन्योरशिप को सपोर्ट करता है. 

3. लाइफस्टाइल. 

फास्टलेन एक लाइफस्टाइल की चॉइस है : जैसेकि आप अपने कई तरह के बिलीफ सिस्टम्स के मुताबिक एक कमिटमेंट करते हैं और उसे पूरा करने के लिए कई तरह के प्रोसेसेज और एक्शन्स में शामिल होते हैं. 

4. तेजी से दौलत बनाना.

फास्टलेन तेजी से और “middle class.” की लिमिट से बाहर जाकर बहुत बड़ी दौलत बनाने में मदद करता है. 

फास्टलेन रोडमैप की टेंडेंसी बहुत ज्यादा दौलत बनाने की तरफ होती है . क्योंकि यह एक वेल्थ इक्वेशन के मुताबिक ऑपरेट करता है. जिसमें कई वेरिएबल चीजों को कंट्रोल किया जा सकता है और इसमें समय की पाबंदी नहीं होती. इसमें ULL की जगह CUL की खासियत होती है. जिसका फायदा उठाकर बहुत कम सालों में तेजी से दौलत को इकट्ठा किया जा सकता है. 

इसलिए हमेशा इन बातों को याद रखिए :

-  फास्टलेन स्ट्रेटजी में स्लोलेन के जैसे ही तमाम तरह के रिस्क होते हैं. लेकिन उसके रिवार्ड्स स्लोलेन से कहीं ज्यादा होते हैं. 

- फास्टलेन रोडमैप की स्ट्रैटेजी “Get Rich Quick” यानी " जल्दी अमीर बनें " के मुताबिक काम करके आपको शॉर्टकट रास्ते से कम समय में अमीर बनाती है. लेकिन आपको इसे “Get Rich Easy ” यानी " आसानी से अमीर बनें " समझ कर कंफ्यूज नहीं होना चाहिए.

Chapter 17 : Switch Teams and Playbooks
आपने यह नोटिस किया होगा कि हम लोग बचपन से ही इस तरह की कंडीशन्स में पलकर बड़े होते हैं, जिसकी वजह से आप तमाम तरह के प्रोडक्ट्स को पाने की इच्छा करते हैं, या प्रोडक्ट्स आपकी जरूरत बन जाते हैं, और आप प्रोडक्ट्स को खरीदना चाहते हैं. इसके अलावा आप उनमें से भी खासकर सबसे सस्ते प्रोडक्ट्स की खोज करते हैं. इस तरीके से  आप शुरू से ही एक कंज्यूमर की तरह बर्ताव करने लगते हैं और कंज्यूमरर्स की मेजोरिटी से जुड़ जाते हैं. इसी वजह से प्रोडक्ट बनाने वाले प्रोड्यूसर्स बहुत कम, यानी माइनॉरिटी में होते हैं. और फिर आप पैसा कमाने के लिए स्लोलेन या साइडवॉक की स्ट्रेटजी के मुताबिक काम करते हैं . क्योंकि इन दोनों तरीकों में कंज्यूमर प्रोसेस को आसान बनाने के लिए एक जॉब करने को ही सबसे अच्छा और सेफ तरीका बताया जाता है. इस तरह की सोच फास्टलेन की सोच से बिल्कुल अलग होती है. 

फास्टलेन रोडमैप की स्ट्रैटेजी के मुताबिक आपको कंज्यूमर वाली मेंटालिटी को छोड़कर ,चीजों को प्रोड्यूस करने के बारे में सोचना होता है. और इसके लिए आपको अपनी लाइफ के फोकस को दोबारा से सेट करना होता है. 

जब आप अपनी सोच को कंज्यूमर्स की मेजोरिटी की जगह प्रोड्यूसर्स की माइनॉरिटी में बदल लेते हैं तो आप  एक हारने वाली टीम को छोड़कर एक जीतने वाली टीम के साथ जुड़ जाते हैं. 

इसलिए आपको एक कंज्यूमर बनने से पहले एक प्रोड्यूसर बनना होगा. 

याद रखिए कि गरीब लोग मेजॉरिटी में रहते हैं ,जबकि अमीर लोग माइनॉरिटी में रहते हैं. और अगर आप अमीरों वाली माइनॉरिटी में रहना चाहते हैं तो आपको एक माइनॉरिटी वाले प्रोड्यूसर के माइंडसेट के मुताबिक शुरुआत करनी होगी. 

एक प्रोड्यूसर बनने के लिए आपको एक एंटरप्रेन्योर, एक इनोवेटर, दूर तक की सोच रखने वाला और एक क्रिएटर बनने की जरूरत होती है. 

जहां स्लोलेन रोडमैप की मेन थीम एक जॉब करने की होती है, वहीं फास्टलेन रोडमैप की स्ट्रैटेजी के मुताबिक आपको एक बिजनेस करना होता है. फास्टलेन वेल्थ इक्वेशन में फास्टलेन बिजनेस तेजी से दौलत इकट्ठा करने में आपकी मदद करता है . क्योंकि यह वेल्थ वैरियेबल्स के एक नए सेट का फायदा उठाता है जो अनलिमिटेड और कंट्रोलेबल होते हैं . जबकि दूसरी तरफ स्लोलेन में यह वैरियेबल्स लिमिटेड और अनकंट्रोलेबल होते हैं. यानी कि फास्टलेन में ULL को CUL से बदल दिया जाता है. मिसाल के तौर पर इस किताब के ऑथर डी मार्को, इसी किताब की बिक्री की मदद से अपने आप को स्लोलेन वेल्थ इक्वेशन की मुश्किल सिचुएशन से आजाद करते हैं. यह किताब उनको फास्टलेन की दुनिया में ले जाती है . जिसको नेट प्रॉफिट और ऐसेट वैल्यू की वेल्थ इक्वेशन के जरिए कंट्रोल किया जाता है. यह किताब एक बिजनेस सिस्टम है. जिसमें वेरिएबल्स के तौर पर टाइम और पैसे का अनलिमिटेड फायदा उठाया जाता है. 

उन्होंने इस किताब को लिखने में करीब 1000 घंटे का समय खर्च किया है. अगर वह हर किताब पर 5 डॉलर के प्रॉफिट के हिसाब से एक लाख किताब बेचते हैं तो वह 5 लाख डॉलर कमाते हैं. यानी  वह हर घंटे के लिए करीब 500 डॉलर कमाते हैं. और अगर वह 5 लाख किताब बेचते हैं, तो वह हर घंटे के लिए 2,500 डॉलर कमाएंगे. 

आप देखते हैं जब आप स्लोलेन रोडमैप मे लगाई गई टाइम की पाबंदी से खुद को आजाद कर लेते हैं तो आप अपनी आमदनी का जिम्मा एक ऐसे बिजनेस सिस्टम को सौंप देते हैं जो मैथमेटिक्स का फायदा उठाता है. और जहां पर वैरियेबल्स को कंट्रोल करके उनका फायदा उठाया जा सकता है.

Chapter 18 : How the Rich Really Get Rich
स्लोलेनर्स और फास्टलेनर्स की सोच " एसेट्स " के बारे में बिल्कुल अलग तरह की होती है. स्लोलेनर्स और साइडवॉकर्स डिप्रीशिएटिंग एसेट्स को खरीदते और बेचते हैं, जो समय के साथ खराब हो जाते हैं: जैसे कि कारें, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स और डिजाइनर कपड़े वगैरह ऐसे एसेट्स होते हैं, जिनको खरीदते ही उन की वैल्यू कम होनी शुरू हो जाती है. जबकि दूसरी तरफ फास्टलेनर्स, अप्रिशिएटिंग एस्टेट्स को खरीदते और बेचते हैं जिनकी वैल्यू और ज्यादा बढ़ती है : जैसेकि बिजनेस, ब्रांड्स, कैश फ्लोज,नोट्स, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, इंवेंशंस, पेटेंट्स और रियल एस्टेट. 

अमीर लोगों के लिए " प्राइमरी वेल्थ एक्सीलरेशन " के मायने ऐसे लगातार बढ़ते रहने वाले एसेट्स की वैल्यू होती है, जिनको बनाया ,खरीदा या इस्टैबलिश किया जा सकता है. 

अमीर लोग अपनी ऐसेट वैल्यू में तेजी लाकर और अपग्रेडेड एसेट्स को मार्केट में बेचकर अपनी वेल्थ को एक्सीलरेट करते हैं. ऐसेट वैल्यू के जरिए हर एक इंडस्ट्री के एवरेज मल्टीप्लायर की मदद से तेजी से दौलत बनाई जाती है. स्टॉक मार्केट में हर एक कंपनी के लिए उसके प्राइस से अरनिंग के रेशियो यानी PE रेशियो को उस कंपनी का मल्टीप्लायर कहते हैं. 

मिसाल के तौर पर डी मार्को  की वेबसाइट स्पेस कंपनी के मल्टीप्लायर्स की रेंज 2 से 6 के बीच में है. इसलिए हम उसके एवरेज मल्टीप्लायर फैक्टर यानी 4 को यूज करेंगे. इसका मतलब है कि उन्होंने किसी भी वक्त आपने नेट प्रॉफिट में या अपने बिजनेस की वैल्यू में 4 के फैक्टर के हिसाब से यानी 400 परसेंट की बढ़ोतरी की है. 

लिक्विडेशन इवेंट भी फास्टलेन से बाहर निकलने की एक स्ट्रेटजी है .लिक्विडेशन इवेंट आपके लगातार बढ़ते रहने वाले एसेट्स को बाजार में बेचने का प्रोसेस है. यह प्रोसेस आपको रातों रात एक मिलेनियर बनाता है .

हालांकि तमाम तरह के बिजनेस, या रियल एस्टेट या दूसरे अप्रिशिएबल ऐसैट्स यानी जिनकी वैल्यू और ज्यादा बढ़ती है, यह सब रियलिटी में मौजूद नहीं होते, बल्कि यह सिर्फ एक subjective analysis ,यानी कुछ लोगों के पर्सनल नजरिए और जजमेंट के साथ मार्केट डाटा के बेस पर सिर्फ एक वैल्यूएशन होते हैं.

आप जिस कंपनी को शुरू से बनाते हैं, अगर उसकी पेपर वैल्यू 6 करोड़ डॉलर है. लेकिन अगर आपके बैंक खाते में सिर्फ दस हजार डॉलर ही जमा हैं, तो क्या आप अपने आप को एक करोड़पति मान सकते हैं. जाहिर है कि आप ऐसा नहीं मानेंगे . इसलिए आपको करोड़ों डॉलर पाने के लिए या तो इसे कमाना होगा या फिर इसकी सेविंग करनी होगी या फिर आपको फास्टलेन की स्ट्रेटजी के मुताबिक इससे बाहर निकलना होगा : जैसेकि आप कंपनी का लिक्विडेशन करके ऐसा कर सकते हैं .

फास्टलेनर्स, कैश फ्लो वाले ऐसे एसेट्स बनाते हैं जिनको मार्केट में बेचकर उनसे प्रॉफिट कमाया जा सकता है. और वह उनकी मदद से ' वेल्थ एक्सीलेरेशन ' करते हैं. यानी अपनी दौलत में बढ़ोतरी करते हैं, . फास्टलेनर्स की वेल्थ इक्वेशन को कंट्रोल किया जा सकता है और उसमें बहुत ज्यादा फायदा उठाने की कैपेसिटी होती है.

Chapter 19 : Divorce Wealth from Time
जब आप काम नहीं कर रहे होते हैं, और अगर आप उस दौरान भी पैसा कमा रहे होते हैं तो इसे " पैसिव इनकम " कहते हैं. जैसेकि डी मार्को को रिटायरमेंट के बाद कुछ काम किए बगैर भी हर महीने बड़े अमाउंट के चेक मिलते रहते हैं. पैसिव इनकम, पैसे के लिए समय के लेन-देन के रिश्ते से खुद को तलाक देने जैसा होता है. खासतौर से स्लोलेनर्स को पैसिव इनकम से बहुत मदद मिलती है. अगर आपकी मंथली इनकम , तमाम तरह के टैक्स चुकाने के बाद आपकी लाइफ स्टाइल के खर्चों से ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि आप अपने काम से रिटायर हो सकते हैं. 

फास्टलेन रोडमैप को दो तरह के परपज पूरा करने के लिए तैयार किया गया है : पहला यह है कि यह रोडमैप आपके खर्चों और लाइफस्टाइल की इच्छाओं के मुकाबले आपको और ज्यादा पैसिव इनकम देने के लिए डिजाइन किया गया है. और दूसरा यह है कि यह आपको किसी भी उम्र में वाकई में फाइनेंशिययल आजादी देता है. 

यहां पर यह बताया गया है कि 5 तरह के बिजनेस सिस्टम्स के जरिए पैसा कमाया जा सकता है .हालांकि यह सिस्टम्स परफेक्ट नहीं होते . लेकिन यह एक दूसरे से फायदा उठाते हैं. हर एक सिस्टम में एक नेचुरल तरीके से उसका एक ग्रेड मौजूद होता है जो उस सिस्टम की पैसिविटी को जज करता है. यानी कि उसकी बर्दाश्त करने की कैपेसिटी को जज करता है. इससे यह पता चलता है कि आप इस सिस्टम से किस हद तक फायदा उठा सकते हैं. अगर एक सिस्टम हाई ग्रेड का है तो इसका मतलब है कि यह सिस्टम आपको पैसा कमाने में आमतौर से ज्यादा सपोर्ट करेगा . लेकिन यह जरूरी नहीं है कि उस सिस्टम की इनकम भी ज्यादा होगी. 

इन सिस्टम्स के बारे में यह बताया गया है :

1.  Rental Systems

रियल एस्टेट एक रेंटल सिस्टम है. यह पुराना तरीका है लेकिन अभी भी पैसा कमाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. आप अपनी प्रॉपर्टी को किराए पर देकर हर महीने एक पैसिव इनकम यानी इनडायरेक्ट तरीके से पैसा कमा सकते हैं . इसके अलावा रियल एस्टेट ऐसी प्रॉपर्टी है, जिसकी वैल्यू लगातार बढ़ती रहती है. लीज रेंट, रॉयल्टी पेमेंट्स, और लाइसेंसिंग जैसे तरीके भी रेंटल सिस्टम हैं. 

 इसी तरह से अगर आप किसी प्रोडक्ट को बनाने के प्रोसेस की खोज करते हैं, फिर उसे पेटेंट कराते हैं, औेर दूसरी कंपनियों को उसे प्रोड्यूस करने का लाइसेंस देते हैं तो आप उसकी लाइसेंसिंग फीस से पैसिव इनकम कमाने लगते हैं. 

2. Computer/Software Systems

कंप्यूटर्स और इंटरनेट हर एक दिन 24 घंटा काम करते हैं और पैसा कमाने में आपकी मदद करते हैं. जो चीज इंटरनेट को रियल एस्टेट से अलग करती है, वह यह है कि इसमें इनडायरेक्ट तरीके से फायदा उठाने की कैपेसिटी होती है. जैसे कि जब आप एक वेब साइट के मालिक होते हैं तो आप लाखों लोगों तक पहुंच सकते हैं. जबकि आप एक थ्री बेडरूम वाले घर को रेंट पर देने के लिए सिर्फ कुछ लोगों तक ही पहुंच सकते हैं. इसके अलावा कंप्यूटर सिस्टम्स सिर्फ इंटरनेट तक ही लिमिटेड नहीं होते, बल्कि यह एक सॉफ्टवेयर या एप्लिकेशन भी हो सकते हैं. माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स और ओरेकल के लैरी एलिसन जैसे सीईओ, सॉफ्टवेयर के बेस पर ही अरबपति बने हैं. 

3. Content Systems

कंटेंट सिस्टम्स इंफॉर्मेशन के सिस्टम्स होते हैं. इंफॉर्मेशन को कई दूसरे सिस्टम्स से जोड़ा जा सकता है : जैसेकि इंटरनेट और फिजिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम. यह किताब एक कंटेंट सिस्टम है, जिसको इंटरनेट जैसे दूसरे चैनल्स के थ्रू या एक किताब के डिस्ट्रीब्यूटर के थ्रू आगे बढ़ाया जा सकता है. कंटेंट सिस्टम, टाइम भी बचाता है. कंटेंट एक ऐसी प्रॉपर्टी है जिसे बार-बार बेचा जा सकता है. और हर एक कंटेंट की बिक्री के साथ ही टाइम की इफेक्टिव कॉस्ट में भी गिरावट आती है. और यह कंटेंट लिखने में आपके खर्च किए गए टाइम के लिए पर आवर रिटर्न यानी हर घंटे की आमदनी को बढ़ाती है. 

4. Distribution Systems

एक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम ऐसा स्ट्रक्चर या ऑर्गनाइजेशन है, जिसे तमाम तरह के प्रोडक्ट्स को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को कंटेंट और कंप्यूटर सिस्टम जैसे दूसरे फैक्टर्स के साथ भी जोड़ा जा सकता है. 

मिसाल के तौर पर अगर आप अपने नए विटामिन प्रोडक्ट के लिए एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी बनाते हैं, तो इसका मतलब है कि आप एक ऐसा नेटवर्क बना रहे हैं जो लाखों डॉलर कमा सकता है . और अगर आप एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी को ज्वाइन करते हैं तो आप खुद को डिस्ट्रीब्यूशन प्रोसेस का एक हिस्सा बना रहे हैं. लेकिन आप इसका फायदा ज्यादा पैसा कमाने में नहीं उठा सकते. 

5. Human Resource Systems

ह्यूमन रिसोर्स सिस्टम्स, पैसिविटी को और ज्यादा बढ़ा सकते हैं. या उनको और कम कर सकते हैं. पैसिविटी का मतलब  दूसरी चीजों को इनडायरेक्ट तरीके से आपके साथ काम करने का मौका देना होता है . अगर आप लाखों या करोड़ों डॉलर कमाना चाहते हैं तो आपके पास ह्यूमन रिसोर्स सिस्टम्स को होना चाहिए. क्योंकि आप हर चीज को अपने आप नहीं कर सकते.

Chapter 20 : Recruit Your Army of Freedom Fighters
आपका बचाया हुआ हर एक डॉलर आपकी फाइनेंशियल फ्रीडम पाने की सेना में एक फ्रीडम फाइटर जैसा है . पैसा आपकी सेना है. अगर आपके पास ज्यादा पैसा है तो आप इस लड़ाई को ज्यादा अच्छे से लड़ेंगे. 

फास्टलेनर्स और स्लोलेनर्स, दोनों कंपाउंड इंटरेस्ट का फायदा अलग अलग तरीके से उठाते हैं. मिडिल क्लास के स्लोलेनर्स, कंपाउंड इंटरेस्ट का इस्तेमाल अमीर बनने के लिए करते हैं. जबकि दूसरी तरफ अमीर फास्टलेनर्स, इसका इस्तेमाल आमदनी और लिक्विडिटी क्रिएट करने में करते हैं. जहां स्लोलेनर्स इसकी शुरुआत 5 डॉलर से करते हैं, वही फास्टलेनर्स इसकी शुरुआत 50 लाख डॉलर से करते हैं. 

फास्टलेनर्स के लिए कंपाउंड इंटरेस्ट उनकी पैसिव इनकम यानी काम किए बगैर पैसा कमाने का एक जरिया होता है . फिर भी वह लोग कंपाउंड इंटरेस्ट से दौलत इकट्ठा नहीं करते हैं. क्योंकि यह उनकी वेल्थ इक्वेशन नहीं  है. वह ज्यादातर अपनी दौलत अपने फास्टलेन बिजनेस के जरिए इकट्ठा करते हैं. 

आपने नोटिस किया होगा कि जब एक अमीर पॉलीटिशियन या कोई मशहूर इंसान सामने आता है और अपने पैसों का खुलासा करता है तो उनकी आमदनी का सोर्स उनके बिजनेस इंटरेस्ट से आता है. जबकि उनके लिक्विड कैश रिजर्व्स, फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज के साथ जुड़े होते हैं : जैसेकि  म्युनिसिपल बॉन्ड्स, ट्रेज़रीज़ , और दूसरे हाईली लिक्विड और सेफ इन्वेस्टमेंट होते हैं. अमीर लोग मार्केट को दौलत क्रिएट करने के लिए इस्तेमाल नहीं करते हैं. बल्कि वह लोग बिजनेस एसेट्स का  फायदा उठाकर अपनी मौजूदा दौलत को और ज्यादा बढ़ाते हैं. मिसाल के तौर पर एक करोड़ डॉलर पर पांच पर्सेंट टैक्स फ्री होने का फायदा आपके लिए अचानक से 5 लाख डॉलर्स की सालाना पैसिव इनकम बनाता है .फास्टलेनर्स कंपाउंड इंटरेस्ट की पावर का बड़ा फायदा उठाने के लिए एक बड़े अमाउंट के साथ शुरुआत करते हैं. एक करोड़ डॉलर पर 10 परसेंट इंटरेस्ट के हिसाब से एक लाख डॉलर सालाना का रिटर्न मिलता है. इसका मतलब है कि उनको हर महीने 83,333 डॉलर की कमाई हो सकती है. 

आखिर में, अगर आप एक करोड़ डॉलर कमाना चाहते हैं तो इसका सॉल्यूशन यह है कि आप फास्टलेन बिजनेस से पैदा होने वाले " एक्स्पोनेंशियल लिवरेज़्ड ग्रोथ " की मदद से बहुत कम टाइम में इतनी बड़ी रकम कमा सकते हैं. एक्स्पोनेंशियल लिवरेज़्ड ग्रोथ, एक मैथमेटिकल कैलकुलेशन के बेस पर काम करती है : जैसेकि अगर आप सिर्फ एक पैसे को 40 दिनों तक रोजाना दोगुना करते रहें तो यह रकम बढ़कर 550 करोड रुपए हो जाएगी. पैसा कमाने की ऐसी स्ट्रेटजी ना तो स्टॉक मार्केट में होती है और ना ही किसी जॉब में होती है.

Chapter 21 : The Real Law of Wealth
" Law of Effection " के मुताबिक अगर  आप एक ऑर्गेनाइजेशन को कंट्रोल करने के दौरान जितनी ज्यादा जिंदगियों पर, और जितने ज्यादा बड़े " Scale " पर और जितने ज्यादा बड़े " magnitude " का इंपैक्ट बनाएंगे, आप उतना ही ज्यादा अमीर बन जाएंगे. इसका सीधा सा मतलब है कि लाखों पर इंपैक्ट बनाइए और लाखों कमाइए.

अब जरा आप इस बात पर गौर कीजिए कि आपने कितनी जिंदगियों को टच किया है? आपके काम से, या आपके एसेट्स से, या और आपकी आर्टिस्टिक स्किल से कितने लोगों को फायदा पहुंचा है? या आपने दूसरे लोगों की किस तरह की प्रॉब्लम्स को सॉल्व किया है? या सोसाइटी के लिए आप की क्या वैल्यू है? 

अगर आप एक होटल में रिसेप्शनिस्ट जॉब कर रहे हैं, तो सीधी सी बात है कि आप लोगों पर ज्यादा इंपैक्ट नहीं बना रहे हैं. और इस वजह से आपके बैंक अकाउंट में भी ज्यादा पैसा नहीं होगा. आपके पास जितना पैसा है या जितना पैसा नहीं है, उसे यह पता चलता है कि आपको सोसाइटी में कितनी वैल्यू दी गई है या कितनी वैल्यू नहीं दी गई है.

लॉ ऑफ इफेक्शन का फायदा उठाने के लिए आपके बिजनेस को या तो बड़े स्केल पर या बड़े मैग्नीट्यूड पर, या फिर दोनों चीजों पर इंपैक्ट डालने की जरूरत होती है. 

हमारे फास्टलेन वेल्थ इक्वेशन के अंदर " स्केल" और " मैग्नीट्यूड" को हमारे " नेट प्रॉफिट " जैसा वेरिएबल समझा जाता है. 

फास्ट लेन रोड मैप की वेल्थ इक्वेशन में प्रॉफिट वेरिएबल का मतलब है : बेची गई यूनिट्स. जैसे कि अगर आप 75 पैसे के मार्जिन पर दो करोड़ पेन बेचते हैं, तो आप एक करोड़ पचास लाख रुपए कमाते हैं. यह एक छोटे मेग्नीट्यूड के साथ बड़े स्केल पर इंपैक्ट है. 

जबकि दूसरी तरफ फास्ट लेन की वेल्थ इक्वेशन में प्राइस हमेशा मेग्नीट्यूड को  दिखाता है. मिसाल के तौर पर अगर आपके पास अपार्टमेंट कंपलेक्स की 400 यूनिट्स हैं. और आपको हर यूनिट से हर महीने 100 डॉलर किराया मिलता है. तो आप हर महीने 40,000 डॉलर कमा रहे हैं. और क्योंकि आप 400 फैमिलीज को घर प्रोवाइड कर रहे हैं, इसलिए आप बड़े स्केल का नहीं बल्कि मेग्नीट्यूड का एक इंपैक्ट बना रहे हैं. लोगों को घर प्रोवाइड करने में मेग्नीट्यूड होता है . मेग्नीट्यूड में छोटे स्केल पर बड़ा प्रॉफिट कमाने की कैपेसिटी होती है . इसलिए अगर आप स्केल और मेग्नीट्यूड दोनों को एक साथ कंबाइन करते हैं तो आप अरबों डॉलर कमा सकते हैं.

अमेरिकन प्रेसिडेंट रह चुके डोनाल्ड ट्रंप, स्केल और मेग्नीट्यूड दोनों पर इंपैक्ट डालते हैं. इसी वजह से उनके ऐसेट्स अरबों डॉलर में हैं.

Chapter 23 : Life's Steering Wheel
दौलत के बारे में सोचने और दौलत को चुनने में बहुत बड़ा फर्क है. आप साइडवॉक, स्लोलेन, या फास्टलेन चुन सकते हैं. लेकिन आपकी चॉइस आपकी जिंदगी की डायरेक्शन को, एक गाड़ी के स्टीयरिंग व्हील की तरह सबसे ज्यादा पावरफुल तरीके से कंट्रोल करती है. डी मार्को, स्लोलेन रोडमैप को पसंद नहीं करते .  क्योंकि इस स्ट्रेटजी में आपको एक जॉब करने के अलावा किसी और चॉइस का मौका नहीं मिलता. 

एक गरीब इंसान होना लोगों की चॉइस नहीं होती. बल्कि उनके खराब डिसीजंस ही धीरे-धीरे उनको गरीब बनाते हैं .

इसी तरीके से गैर कानूनी काम करने की चॉइस हमेशा के लिए आपकी जिंदगी पर नेगेटिव तरीके से असर डालती है : जैसेकि मिसाल के तौर पर 28 साल की उम्र में आंद्रे नाम का एक शख्स एक फास्टलेन मिलेनियर था. वह एक खूबसूरत बीवी और एक प्यारी सी छोटी बेटी के साथ रहता था. वह 7 रेस्टोरेंट्स का मालिक था. वह बहुत अच्छा पैसा कमा रहा था. और बहुत खुशहाल जिंदगी जी रहा था. एक रात उसने अपने एक फ्रेंड की बर्थडे पार्टी सेलिब्रेट करने के लिए काफी ज्यादा शराब पी ली. और फिर वह नशे की हालत में कार ड्राइव करते हुए अपने घर की तरफ लौटता है . क्योंकि उस वक्त उसकी चॉइस यह थी कि " मैं ठीक हूं. " लेकिन रास्ते में उसका एक्सीडेंट हो गया, जिसकी वजह से एक फैमिली के 4 लोग मर गए. आंद्रे शराब पीकर गाड़ी चलाने के जुर्म में गिरफ्तार हो गया. और इसके लिए उसे जेल में रहकर 11 साल की सजा काटनी पड़ी . इसके बाद उसने अपना बिजनेस और फैमिली दोनों को खो दिया. 

इसके बाद आंद्रे की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई . क्योंकि उसने कई तरह की गलत चीजों को चुना था : जैसेकि उसने ज्यादा शराब पीने को चुना, शराब पीकर गाड़ी ड्राइव करने को चुना, और यह सोचने को चुना कि " मैं ठीक हूं." 

आप हर दिन जिस तरह के डिसीजन लेते हैं, उसका असर आपके फ्यूचर पर पड़ता है. इसलिए आपको यह सोचना होगा कि आपकी चॉइस, आपके लिए खुशियां और दौलत लेकर आने की जगह कहीं आपके लिए फ्रस्ट्रेशन और और गरीबी की वजह ना बन जाए.

Part 6 : Your Vehicle to Wealth: YOU : Chapter 22 : Own Yourself First
अगर आप खुद अपने मालिक नहीं हैं तो आप खुद को पहले पेमेंट नहीं कर सकते. यानी आप अपना पैसा नहीं बचा सकते . आपको अपनी फास्टलेन की सवारी को यानी खुद अपने आपको ,फ्री और क्लियर बनाना होगा . जब आप एक जॉब करते हैं तो एक दूसरा शख्स आप का मालिक होता है. इसलिए आपको पहले नहीं बल्कि बाद में पेमेंट किया जाता है. 

अपनी सवारी को यानी खुद को कंट्रोल करने का पहला स्टेप यह है कि आप अपने मालिक खुद बनिए. जिससे कि आप सही मायने में पहले खुद को पैसा दें और फिर बाद में

 गवर्नमेंट को पैसा दें. ऐसा करने के लिए आपको अपने बिजनेस को एक ऐसे कारपोरेशन में बदलना होगा जिससे आप खुद कंट्रोल कर सकते हों. एक कारपोरेशन, फास्टलेन फ्रेम की तरह काम करता है .क्योंकि यह फौरन आपको टैक्स का बेनिफिट प्रोवाइड करता है. जब आप एक कारपोरेशन के मालिक होते हैं तो खर्चों को नेट प्रॉफिट में से घटा दिया जाता है. और बाकी के प्रॉफिट पर ही गवर्नमेंट को साल में 4 बार टैक्स देना होता है . इस तरह से आप साल में 365 दिन पहले खुद को पेमेंट देते हैं और बाद में गवर्नमेंट को. 

आपके फास्टलेन बिजनेस के लिए तीन तरह के बेस्ट बिजनेस स्ट्रक्चर्स होते हैं :

1. C - corporation

2. S - corporation

3. Limited liability corporation

हालांकि हर एक तरह के बिजनेस स्ट्रक्चर में इसके अपने फायदे या नुकसान होते हैं. लेकिन यह सभी स्ट्रक्चर्स दो तरह के कॉमन बेनिफिट्स शेयर करते हैं : जैसेकि लिमिटेशन ऑफ लायबिलिटी और टैक्स एफिशिएंसी. इसका मतलब है कि इनमें आपकी देनदारियों कम होती हैं और आपको टैक्स भी आमतौर से कम देना होता है. 

आपको किस तरह का बिजनेस स्ट्रक्चर सिलेक्ट करना चाहिए यह आपके गोल्स और बिजनेस के लिए जरूरी चीजों को देखने की काबिलियत पर डिपेंड करता है . यहां कुछ ऐसे जनरल टाइप के सवाल हैं, जिनकी मदद से आप एक सही डिसीजन ले सकते हैं  : जैसेकि, 

- आपकी एग्जिट स्ट्रेटजी क्या है? क्या आप अपनी कंपनी को पब्लिक में बेचेंगे? क्या आप इसे प्राइवेट इन्वेस्टर्स को बेचेंगे? 

- आप की ग्रोथ स्ट्रेटजी क्या है? 

- सबसे खराब सिचुएशन में  आपकी देनदारियों का रिस्क कितना है ? 

- क्या आप अभी या फ्यूचर में पूंजी जुटाने का प्लान कर रहे हैं ?

- क्या आप अपने यहां सैलरी पर एम्पलाईज रखने का प्लान कर रहे हैं? 

- क्या आप नए पार्टनर्स को लेने का प्लान कर रहे हैं? 

- क्या आप तेजी से प्रॉफिट कमाने के लिए प्लान कर रहे हैं? या फिर आप कुछ समय के लिए ऐसा नहीं सोच रहे हैं? 

आपके जवाब ही आपके लिए एक सही बिजनेस स्ट्रक्चर को सिलेक्ट करने में आपकी मदद करेंगे. हालांकि डी मार्क अपने बिजनेस के लिए S corporation और Limited liability corporation, दोनों तरह के स्ट्रक्चर्स इस्तेमाल करते हैं. लेकिन फाइनली एक बिजनेस स्ट्रक्चर को सिलेक्ट करते वक्त आपको इस बारे में किसी प्रोफेशनल एक्सपर्ट से भी एडवाइज ले लेनी चाहिए.

Chapter 25 : Deodorize Flatulent Headwinds
क्या आप जानते हैं कि ओलिवर राइट और विलबर राइट नाम के दो अमेरिकन भाइयों ने दुनिया में पहली बार  हवाई जहाज की खोज करने, उसे बनाने और उड़ाने में सक्सेस हासिल की थी . उनकी बड़ी कामयाबी सिर्फ इस वजह से  शानदार नहीं थी, कि उन्होंने एक भारी वजन को धरती के ग्रेविटेशनल फोर्स के खिलाफ उड़ाने का काम किया था, बल्कि यह इसलिए शानदार थी क्योंकि उन्होंने सोसाइटी के खिलाफ जाकर यह काम किया था. उनकी सोसाइटी ने उनके लिए हेडविंड जैसे ट्रेडिशनल हालात बना रखे थे. हेडविंड का मतलब है तेज हवाओं के खिलाफ आगे बढ़ना. 

 सोसायटी की नेचुरल ट्रेनिंग लोगों के दिमाग पर गहरा असर डालती है : जैसेकि आपको याद होगा कि जब आप बचपन में किसी रिश्तेदार के यहां जाते थे तो आप के मां बाप आपको वहां पर एक अलग तरीके से बर्ताव करना सिखाते थे. 

हमें " ना " कहने वाले लोगों को नहीं सुनना चाहिए क्योंकि उन्हें सोसाइटी ने इसी तरह से ट्रेनिंग दी है.  सोसाइटी आपके ज्यादातर कामों के लिए लगातार विरोध करती है. आप अपने आप को जितना ज्यादा अनोखा और आमतौर से अलग बनाने की कोशिश करते हैं उतना ही ज्यादा आपको, सोसायटी के ट्रेडिशनल आइडियाज, नजरिए और प्रोफेशनल स्ट्रैटेजिज की सिचुएशन से लड़ने की जरूरत होती है. इसी वजह से आपको एक बड़ी दौलत हासिल करने के लिए अपने ऊपर बहुत ज्यादा भरोसा करना होगा . आप अपनी सोसाइटी के तमाम नियमों और उनकी उम्मीदों के साथ एक ग्रेविटेशनल फोर्स की तरह से बंधे हुए होते हैं, लेकिन एक बड़ा गोल हासिल करने के लिए आपको अपने आप को ऐसी ताकतों से आजाद कराने की जरूरत होती है . 

फास्टलेन में जाने और एक मोमेंटम बनाने के लिए आपको ऐसे लोगों को अवॉइड करने की जरूरत होती है जो आप के आगे बढ़ने की डायरेक्शन के खिलाफ हालात बनाते हैं. क्योंकि टॉक्सिक रिलेशनशिप यानी ऐसे रिश्ते जो आपको सपोर्ट नहीं करते , या जो आपको गलत समझते हैं, या आप पर अटैक करते हैं, वह आपकी सारी एनर्जी को खत्म कर देते हैं और आपको अपने बड़े गोल तक पहुंचने के रास्ते से भटकाते हैं. लेकिन अच्छे रिश्ते पैसा कमाने  के प्रोसेस को तेज करने में आपकी मदद करते हैं.

जिन रास्तों पर आप कम सफर करते हैं उन पर चलना आपके लिए पहले से ही मुश्किल होता है. इसलिए जरा सोचिए कि क्या आप ऐसे शख्स के साथ रिश्ता बनाना चाहेंगे, जो पैसा कमाने के लिए आपकी तरह फास्टलेन रोडमैप की स्ट्रेटजी को फॉलो करने पर भरोसा नहीं करता, और जॉब करने को ज्यादा सेफ और फायदेमंद स्ट्रेटजी समझता है? या क्या आपने एक ऐसे शख्स के साथ एक  सही रिश्ता बनाया है जो आप पर और आपके गोल पर भरोसा करता है? और अगर ऐसा नहीं है तो आपको अपने रिश्ते को फिर से जज करना होगा.

Chapter 26 : Your Primordial Fuel: Time
आप अपनी पूरी जिंदगी के दौरान दो तरीके से अपना वक्त गुजारते हैं : पहले तरीके में आप अपना फ्री टाइम ,और दूसरे तरीके में आप अपने टाइम को एक कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक दूसरों का काम करने में खर्च करते हैं. इस टाइम को indentured time कहते हैं. 

 " फ्री टाइम " को आप अपनी मर्जी के मुताबिक खर्च कर सकते हैं : जैसेकि आप टीवी देख कर, वीडियो गेम खेलकर, अपनी पसन्द की चीजें खाकर या छुट्टियां एंजॉय करने के लिए किसी ट्रिप पर जाकर, और ज्यादातर दूसरे लोगों की तरह शाम का वक्त और हफ्ते के आखिरी दिनों में अपना बहुत सारा ऐसा टाइम खर्च कर सकते हैं, जिसके बदले में आपको कोई पेमेंट नहीं मिलता. 

जबकि दूसरी तरफ " indentured time" बिल्कुल अलग किस्म का होता है. यह पैसा कमाने के लिए खर्च किया गया आपका टोटल टाइम होता है : जैसेकि आप सुबह को सो कर उठने के बाद नहा धोकर कपड़े पहनते हैं और अपने काम पर जाते हैं. और वहां पर आप 8 घंटे काम करते हैं. इसे indentured time  कहते हैं. 

पैसा फ्री टाइम खरीदता है और indentured time को खत्म करता है. आप अपने दोस्तों या फैमिली के साथ अपना फ्री टाइम इसलिए एंजॉय कर पाते हैं, क्योंकि आपने दिन में 8 घंटे अपना indentured time खर्च करके अपने लिए फ्री टाइम कमाया होता है. 

आप अपना indentured time खर्च करके अपने लिए फ्री टाइम का इंतजाम करते हैं. 

अमीर या गरीब हर एक शख्स के पास एक बराबर 24 घंटे का टाइम होता है .जिसे वह रोज दूसरों के साथ शेयर करते हैं या खुद इस्तेमाल करते हैं .

लेकिन क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है कि क्यों कुछ लोग बहुत अमीर होते हैं. लेकिन बाकी लोग अपनी तनख्वाह पर डिपेंड रहते हैं ? दरअसल दोनों लोगों में असली फर्क उनके फ्री टाइम का, उनके रोडमैप की चॉइस का, और उनके कर्जे की देनदारी की रकम का होता है.

फास्टलेनर्स अपना डिसीजन लेते वक्त अपने टाइम की वैल्यू को बहुत ज्यादा अहमियत देते हैं. क्योंकि यह वाकई में हमारा सबसे ज्यादा वैल्युएबल ऐसेट होता है.

फास्टलेनर्स टाइम को बहुत इंपॉर्टेंस देते हैं. जबकि दूसरी तरफ स्लोलेनर्स पैसे को बहुत इंपॉर्टेंस देते हैं. साइडवाकर्स और स्लोलेनर्स अपना डिसीजन लेने में पैसे का इस्तेमाल बस एक ही स्टैंडर्ड के तौर पर करते हैं : जैसेकि किस जॉब में उन्हें सबसे ज्यादा पैसा मिलेगा? या सबसे सस्ता आइटम कहां मिलेगा?, या उन्हें कुछ फ्री का सामान कहां से मिल सकता है?, वगैरह. 

अगर आप एक बहुत पैसे वाला इंसान बनना चाहते हैं तो आपको टाइम को अपनी सबसे ज्यादा कीमती पूंजी मानकर अपने  डिसीजन्स लेने होंगे, उसका रिस्पेक्ट करना होगा, और अपने indentured time को अपने फ्री टाइम में बदलने का तरीका खोजना होगा.

Chapter 27 : Change That Dirty, Stale Oil
क्या आप यह जानते हैं कि एक कार मालिक को हर 5000 किलोमीटर चलने पर अपनी गाड़ी का इंजन ऑइल बदलने की जरूरत होती है. वरना उसके इंजन की लाइफ जल्दी खत्म हो जाती है. बार-बार ऑइल बदलने से आपकी कार बहुत स्मूथली चलती रहती है. और अगर ऑइल को सही वक्त पर नहीं बदला जाता है तो वह गंदा हो जाता है और आपकी सवारी को बहुत मुश्किल बना देता है.

इसी तरह से फास्टलेन रोड ट्रिप में भी आपको अपनी सवारी गाड़ी, जो कि आप खुद होते हैं, उसमें बार-बार फ्रेश ऑइल बदलने की जरूरत होती है. लेकिन आपका ऑइल एजुकेशन या नॉलेज हैं. इसके अलावा आपका ऑइल सही क्वालिटी , और एक सही पर्पज के लिए होना चाहिए. 

साइडवाकर्स अपने ऑइल की परवाह नहीं करते. और 5000 किलोमीटर के बाद उनकी गाड़ी स्मूथली चलना बंद हो जाती है. उनके लिए आखरी ऑइल चेंज, बस ग्रेजुएशन कोर्स  करने तक होता है . स्लोलेनर्स सिर्फ अपनी intrinsic value बढ़ाने के लिए ऑइल चेंज  करते हैं : जैसेकि वह एक बड़ी तनख्वाह पाने के लिए एडवांस्ड एजुकेशन लेते हैं और तमाम तरह के सर्टिफिकेशन कोर्स भी करते हैं. फास्टलेनर्स, पूरी जिंदगी के दौरान ऑइल चेंज करते रहते हैं : यानी कि वह जिंदगी भर अपनी एजुकेशन और नॉलेज को बढ़ाते रहते हैं . 

हालांकि स्लोलेन और फास्टलेन दोनों तरह के रोड मैप्स के लिए एजुकेशन फायदेमंद होती है लेकिन दोनों के लिए इनके रोल्स अलग-अलग तरीके के होते हैं : जैसे कि स्लोलेन में एजुकेशन को इंट्रिंसिक वैल्यू बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ फास्टलेन में इसका इस्तेमाल बिजनेस सिस्टम को डेवेलप करने और आसान बनाने के लिए किया जाता है. इसके अलावा फास्टलेन एजुकेशन आपको कर्ज लेने और सोशल प्रेशर की सिचुएशन से भी बचाती है. इस वजह से आपको सोसाइटी में एक पैसा वाला शख्स होने का दिखावा करने की जरूरत नहीं पड़ती है.

महंगे सेमिनारों के ऑर्गेनाइजर्स " इवेंट्स " के नाम पर झूठे वादों की मार्केटिंग करते हैं. और इवेंट्स की मदद से साइडवाकर्स और स्लोलेनर्स के खराब हालात का फायदा उठाते हैं. 

हालांकि ऐसे सेमिनार जो ज्यादा महंगे नहीं होते और जहां पर किसी प्रोफेशनल या आमतौर पर एक पब्लिक स्पीकर की जगह प्रोड्यूसर्स और एक्सपर्ट्स बहुत यूज़फुल नॉलेज देते हैं,  वह आपकी नॉलेज और एजुकेशन को बढ़ाने के लिए बहुत असरदार भी हो सकते हैं. 

लेकिन आप यह कैसे पता लगाएंगे कि एक सेमिनार अच्छा है या खराब है? इसके लिए पहली इंफॉर्मेशन इसकी कीमत होती है. अगर इसकी कीमत बहुत ज्यादा रखी गई है तो यह आपके लिए एक सिग्नल है कि सेमिनार का प्रोवाइडर आपको अच्छी एजुकेशन देने के मुकाबले ज्यादा पैसा कमाने में इंटरेस्टेड है . और दूसरी इंफॉर्मेशन एक सेमिनार को फ्री में करना होता है. आमतौर पर फ्री सेमिनार का यह मतलब है कि यहां पर 10 मिनट की एजुकेशन देकर आपको एक ज्यादा कीमत वाले 8 घंटे के सेमिनार को अटेंड करने के लिए पैसा खर्च करने को तैयार किया जाता है. और तीसरी इंफॉर्मेशन यह है कि इस सेमिनार को कौन दे रहा है?, क्या वह कोई प्रोफेशनल स्पीकर है?, या वो कोई ऐसा शख्स है जो दूसरों को जो नॉलेज देता है वह खुद भी उसकी प्रैक्टिस करता है या नहीं?

Chapter 28 : Hit the Redline
बहुत से लोग अपनी जिंदगी की गाड़ी को पहले गियर में यानी धीरे-धीरे चलाते हैं . फ़िर वह यह सोचते हैं कि वह ऐसी हालत में कैसे पहुंच गए? आखिर पैसा कमाने के बारे में कौन नहीं सोचना चाहता ? बदकिस्मती से दौलत और फाइनेंशियल सिक्योरिटी के बारे में " इंटरेस्टेड" होने के लिए कोई कोशिश नहीं करनी पड़ती. और जो लोग पैसे के लिए सिर्फ इंटरेस्टेड होते हैं वह फर्स्ट गियर में जिंदगी गुजारते हैं.

फर्स्ट गियर से बाहर निकलने के लिए आपको फास्टलेन की पावर का फायदा उठाने की जरूरत होती है . इसके लिए आपको एक सॉलिड एफर्ट और अच्छी चॉइस बनाने की आदत डालनी पड़ती है . इंटरेस्ट और कमिटमेंट में एक बड़ा गहरा फर्क़ होता है : जैसेकि इंटरेस्ट का मतलब एक किताब को पढ़ना होता है जबकि कमिटमेंट का मतलब उस किताब मे बताई गई चीजों को 50 बार अप्लाई करना होता है,या इंटरनेट एक बिजनेस को शुरू करना चाहता है जबकि कमिटमेंट एक l.l.c. यानी लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी चलाने के लिए जरूरी पेपर वर्क की फॉर्मेलिटी पूरी करता है, या इंटरेस्ट, एक महंगी कार को किराए पर लेता है जबकि कमिटमेंट एक बाइक पर चलता है और अपने पैसे को बिजनेस सिस्टम में डालता है, या फिर इंटरेस्ट का मतलब अमीर दिखना है जबकि कमिटमेंट अमीर बनने की प्लानिंग करना है.

बहुत से लोग अक्सर अपनी रेडलाइन को तय नहीं कर पाते हैं . रेडलाइन का मतलब प्योर कमिटमेंट होता है. दरअसल कमिटमेंट एक ऐसा शब्द है जिसमें आप फेल भी हो सकते हैं. 

इसी वजह से ज्यादातर लोग रेडलाइन को हिट करने से बचते हैं. यानी वो एक कमिटमेंट करने के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाते. और वह कमिटमेंट करने के लिए किसी खास दिन का इंतजार ही करते रहते हैं: जैसेकि वह यह सोचते हैं, 

" मैं एक प्रमोशन का इंतजार कर रहा हूं." 

" मैं अपने बच्चे के बड़े होने का इंतजार कर रहा हूं." 

" मैं अपना कर्जा चुकाने का इंतजार कर रहा हूं." 

" मैं अपनी वाइफ को एक जॉब मिलने का इंतजार कर रहा हूं." वगैरह -वगैरह. 

लेकिन आपको इस बात को समझना होगा कि कभी भी कोई परफेक्ट टाइम नहीं होता. किसी दिन का मतलब आज ही का दिन होता है. और अगर आप इंतजार करेंगे तो आपके मौके हाथ से निकल जाएंगे. इस तरह से आपकी फास्टलेन जर्नी कभी शुरू नहीं हो सकती. क्योंकि जब तक आपके कमिटमेंट करने की कोई कंडीशन पूरी होती है, तब तक उसमें और दूसरी नई कंडीशन्स जुड़ जाती हैं.  इसी तरह से साल दर साल गुजर जाते हैं . और जब आपके हाथ से मौके निकल जाते हैं, तो इसी के साथ आप का टाइम भी गुजर जाता है. 

इसलिए आपको यह समझना होगा कि अगर आप समझदारी से रिस्क लेकर कमिटमेंट करते हैं तो लॉन्ग टर्म में आपके पैसों में अनलिमिटेड बढ़ोतरी की गुंजाइश होती है.

Part 7 : The Roads to Wealth : Chapter 29 : The Right Road Routes to Wealth
आप पैसा कमाने की रोड के बारे में क्या सोचते हैं ? अगर आप एक स्लोलेनर हैं, तो आपकी रोड आपका जॉब होती है : जैसेकि डॉक्टर, वकील, इंजीनियर या सेल्समैन वगैरह.  अगर आप एक फास्टलेनर हैं, तो आपकी रोड  एक बिजनेस होती है : जैसे कि इंटरनेट एंटरप्रेन्योर, रियल एस्टेट इन्वेस्टर, ऑथर या इन्वेंटर वगैरह. आपकी रोड आपका कैरियर या बिजनेस का तरीका हो सकती है, लेकिन उस रोड को दौलत का रास्ता होना जरूरी होता है. बदकिस्मती से कई वजहों से ज्यादातर जॉब्स, और यहां तक कि ज्यादातर बिजनेस भी दौलत का रास्ता नहीं बन सकते. मिसाल के तौर पर अगर एक रोड शिकागो से शुरू होती है .और पूरब की तरफ आगे बढ़ती है तो वह कभी लॉस वेगास सिटी को हिट नहीं करेगी. और आगे चलकर यह रोड एक डेड-एंड होती है. यानी कहीं नहीं जाती . अगर आप एक गलत बिजनेस रूट पर हैं तो आपको अपने स्टीयरिंग व्हील को इस्तेमाल करके इस रूट को बदलना होगा : जैसेकि अपनी गाड़ी को घुमाइए और उस रोड से बाहर निकलिए, और एक मोड़ लेकर सही सड़क की तरफ घूम जाइए .

लॉ ऑफ इफेक्शन के मुताबिक, लाखों डॉलर बनाने के लिए आपको लाखों लोगों पर अपना इम्पैक्ट बनाना पड़ता है. क्या आपने कभी यह सोचा है कि आप ऐसा कैसे करेंगे? स्लोलेन में आप अपनी इंट्रिंसिक वैल्यू को बहुत ज्यादा बढ़ाते हैं, आप कई ऑर्गेनाइजेशंस के लिए बहुत जरूरी बन जाते हैं और लाखों डॉलर कमाते हैं. फास्टलेन में आप एक ऐसे बिजनेस को डिजाइन करते हैं, जो " स्केल " में लाखों लोगों की जिंदगियों को टच करता है, या " मेग्नीट्यूड " में कई जिंदगियों पर बहुत गहराई से असर डालता है. 

आप लॉ ऑफ इफेक्शन को सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए और अपने फास्टलेन रोड के सफर को आसान बनाने के लिए इन 5 रूल्स की मदद से इन तरीकों की जांच पड़ताल कर सकते हैं : 

1) The Commandment of Need

2) The Commandment of Entry

3) The Commandment of Control

4) The Commandment of Scale

5) The Commandment of Time

इन रूल्स को NECST या " Next " भी कहते हैं. जो आपकी फास्ट लेन रोड को अप्रूव करते हैं : जैसेकि इससे यह पता चलता है कि क्या आपकी रोड, दौलत की रोड है?, क्या यह फास्ट लेन है?, क्या यह दौलत के क्रिएशन को हिट कर सकती है ?, क्या आपकी रोड एक मल्टी-मिलियन इंटरप्राइज तक जाने का रास्ता है?, क्या यह आपके लिए पैसिव इनकम जनरेट कर सकती है और क्या यह रोड फाइनल लिक्विडेशन इवेंट पर खत्म होती है ? यानी कि क्या आप इसे बेचकर लाखों डालर बना सकते हैं?

Chapter 30 : The Commandment of Need
जैसा कि आप जानते हैं कि रेत की बुनियाद पर बने घर टूट कर बिखर जाते हैं. उसी तरीके से अगर आप एक गलत बुनियाद पर अपने बिजनेस को बनाते हैं तो वह फेल हो जाएगा .

आप जरा बिजनेस के परपज के बारे में सोचिए कि वह क्यों मौजूद हैं?, क्या वह आपकी उन इच्छाओं को पूरा करते हैं जिनसे आप प्यार करते हैं?, या क्या वो दौलत और फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए आपके लालच को पूरा करते हैं? जबकि वाकई में ऐसी कोई बात नहीं है. दरअसल बिजनेस में कोई भी दूसरा शख्स आपकी इच्छा, आपके सपने और आपके पैशन की और इस बात की भी कि आप एक अमीर इंसान क्यों बनना चाहते हैं कोई परवाह नहीं करता. 

आप यह सोच रहे होंगे कि लोग किस बात की परवाह करते हैं? लोग यह परवाह करते हैं कि आपका बिजनेस उनके लिए क्या कर सकता है. और उनकी प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने में कैसे उनकी मदद कर सकता है? या उनकी जिंदगी को कैसे आसान बना सकता है? या उनको एक घर प्रोवाइड करा सकता है? या उनके पैसे बचा सकता है ? या उनको एजुकेट कर सकता है? या उनके अंदर अच्छी फीलिंग पैदा कर सकता है? क्योंकि लोग आपके बिजनेस में अपना पैसा लगाने से पहले यह जानना चाहते हैं कि आप उनकी जिंदगी को किस तरह से और ज्यादा बेहतर बना सकते हैं? 

" Commandment of Need " के मुताबिक जो बिजनेस दूसरों की प्रॉब्लम्स को सॉल्व करते हैं उन्हें सक्सेस मिलती है. 90 परसेंट से ज्यादा बिजनेस इसलिए फेल हो जाते हैं क्योंकि वह मार्केट की जरूरत के मुताबिक बने होने की जगह बिजनेस ओनर के स्वार्थ की जरूरतों को पूरा करने के बेस पर बने होते हैं. अगर आप पैसे के पीछे भागेंगे तो यह आपसे दूर हो जाएगा . हालांकि अगर आप पैसे का पीछा करने की जगह इसे इग्नोर करते हैं और पैसे को अपनी तरफ अट्रैक्ट करने पर फोकस करते हैं तो तो आप बहुत ज्यादा पैसा बनाने में कामयाब होंगे . लाखों डॉलर कमाने के लिए आपको लाखों लोगों की मदद करनी होगी. 

बहुत से फाइनेंशियल  गुरु यह सलाह देते हैं कि " आप पैसा कमाने के लिए ऐसी चीजों को कीजिए जिनको आप प्यार करते हैं ." जबकि ऐसा करना सही नहीं है. क्योंकि ऐसा करने के लिए आपको दो चीजों की जरूरत होती है :

1. आप जिस चीज से प्यार करते हैं, उसे एक जरूरत को पूरा करने वाला भी होना चाहिए. 

2. आपको इस काम में महारत हासिल होनी चाहिए. 

मिसाल के तौर पर जरा इस किताब के बारे में सोचिए. डी मार्को लिखने के काम से प्यार करते हैं. और यह किताब इस बारे में बताती है कि वह जिस सपने से प्यार करते हैं उसको पूरा करते हैं : जैसे कि उन्होंने अपने सपने को फास्टलेन मिलेनियर किताब को लिखकर पूरा किया है. और जिसका फायदा बहुत से दूसरे लोग भी एक बड़ी दौलत इकट्ठा करने के लिए उठा सकते हैं.

Chapter 31 : The Commandment of Entry
" Commandment of Entry " के मुताबिक किसी भी बिजनेस की फील्ड में जब कंपटीशन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो उस बिजनेस में एंट्री करने की सड़क के रास्ते में तमाम तरह की रुकावटें पैदा हो जाती हैं. जिसकी वजह से बिजनेस में दाखिल हो पाना बहुत मुश्किल हो जाता है. जिन बिजनेसेज में एंट्री करने के लिए ज्यादा बड़ी रुकावट होती है, उनकी रोड ज्यादा मजबूत, ज्यादा पावरफुल, और बहुत कम कंपटीशन वाली होती है. जबकि दूसरी तरफ जिन बिजनेसेज में एंट्री करने के लिए छोटी रुकावट होती है, उनकी रोड कमजोर होती है . क्योंकि बिजनेस में आसान एंट्री की वजह से इस रोड में हाई कंपटीशन और हाई ट्रैफिक क्रिएट हो जाता है. और जहां पर ट्रैफिक ज्यादा होता है वहां पर चलना मुश्किल होता है. इसी वजह से अगर आप खुद एक नेटवर्क मार्केटिंग या (MLM) यानी मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी के मालिक नहीं होते हैं, तो आप हमेशा इस तरह की कंपनी से" कमांडमेंट ऑफ एंट्री " के मुताबिक ज्यादा पैसा कमाने में फेल हो जाते हैं . क्योंकि यह बिल्कुल उसी तरह से होती हैं जैसे कि अगर आप 2,000 ऐसे लोगों के साथ रहते हैं जो वही काम करते हैं जो आप भी करते हैं तो, आपको उस फील्ड में कई बड़ी मुश्किलों से मुकाबला करना पड़ता है. और जब आप उस कंपनी के इनोवेटर, या उसके लीडर, या एक ऐसे फास्टलेनर शख्स के साथ अपना कंपैरिजन करेंगे, जिसने उस कंपनी की शुरुआत की है. तो आप पाएंगे कि उस शख्स की फास्टलेन आर्मी में आप सिर्फ एक सिपाही हैं. MLM फाउंडर को किसी सक्सेस के पिरामिड पर चढ़ने की जरूरत नहीं होती है. क्योंकि उसने खुद वह पिरामिड बनाया होता है. यह आपको तय करना है कि आप  एक पिरामिड बनाने वाला बनना चाहते हैं या पिरामिड पर चढ़ने वाला बनना चाहते हैं? 

नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियों के फाउंडर्स अपना काम बहुत शानदार ढंग से अच्छा करते हैं. क्योंकि वह जानते हैं कि लोग इवेंट्स से प्यार करते हैं. और वह एक इवेंट के दौरान लोगों को यह ऑफर देते हैं कि " इस एप्लीकेशन फॉर्म को भरिए और अपना बिजनेस शुरू कीजिए. " वह लोगों को एक बिजनेस में आसान एंट्री का फायदा देकर खुद भी उसका फायदा उठाते हैं. क्योंकि आमतौर पर एंटरप्रेन्योर्स के तौर पर हम ऐसी कंपनियां शुरू करना चाहते हैं, जिसको दूसरे लोग एक इवेंट के तरीके से ज्वाइन कर सकें. हालांकि यह एक गलत सोच है. क्योंकि एक ट्रैफिक से भरी हुई सड़क में सभी तरह के लोग भरे होते हैं. अगर हर कोई भीड़ में शामिल हो रहा है तो आपको ऐसी रोड से बाहर निकल जाना चाहिए. क्योंकि एक भीड़ में मौजूद रहकर हर एक शख्स कभी अमीर नहीं बन सकता. और अगर हर कोई अमीर बन सकता होता तो हर कोई उन्हीं के तरीके से काम करता. हालांकि फिर कोई भी शख्स अमीर ना होता. क्योंकि अगर हर कोई एक ही तरह की एक्टिविटी में इंगेज होता तो वह जरूर फेल हो जाता.

Chapter 32 : The Commandment of Control
जब आप अपने बिजनेस को कंट्रोल करते हैं तो आप उस में होने वाली हर चीज को कंट्रोल करते हैं : जैसे कि आपका ऑर्गेनाइजेशन, आपका प्रोडक्ट, आपकी प्राइसिंग, आपका रेवेन्यू मॉडल यानी पैसा बनाने की स्ट्रेटजी, और आपकी ऑपरेशनल चॉइसेज. यानी कि आप किन तरीकों से बिजनेस को चलाएंगे. अगर आप अपनी कंपनी के हर पहलू को कंट्रोल नहीं कर सकते, तो इसका मतलब है कि आप अपनी गाड़ी को ठीक से नहीं चला पा रहे हैं. और अगर आप ड्राइव नहीं कर सकते हैं, तो आप अपने आप को अचानक, अनएक्सपेक्टेड एक्सीडेंट के लिए तैयार करते हैं. ऐसे लोगों को " hitchhiker " कहते हैं. यानी कि जो दूसरों की गाड़ियों में लिफ्ट लेकर सफर करते हैं. इसका मतलब है कि वह लोग दूसरों के भरोसे अपना बिजनेस चलाते हैं. जबकि फास्टलेन ड्राइवर्स बिजनेस पर अपना कंट्रोल बनाए रखते हैं. 

आपको भी यह सोचना चाहिए कि क्या आप फास्टलेन ड्राइविंग कर रहे हैं. या आप एक हिचहाइकर हैं. फास्टलेन ड्राइवर्स बिग मनी बनाते हैं, और हिचहाइकर्स ज्यादा से ज्यादा गुड मनी बना पाते हैं. 

बिग मनी, गुड मनी और लेजेंडरी मनी में एक फर्क होता है : जैसे कि गुड मनी 20,000 डॉलर पर मंथ होती है, बिग मनी दो लाख डॉलर पर मंथ होती है. जो कि आपकी लाइफ स्टाइल पर एक गहरा असर डालती है. और आपकी जिंदगी को बदल देती है. और इसके बाद लेजेंडरी मनी होती है, जहां आप हर महीने एक मिलियन यानी 10 लाख डॉलर से ज्यादा कमाते हैं. जब आप सभी पांचो कमांडमेंट्स, जैसे कि Need, Entry, Control, Scale और Time का फायदा उठाते हैं, और अपनी कंपनी को खुद कंट्रोल करते हैं, तो फिर आपके लिए हर महीने एक मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाना नामुमकिन नहीं होता.

बिग मनी या लेजेंडरी मनी को हासिल करने के लिए आपको अपने बिजनेस सिस्टम और उसके हर पहलू को कंट्रोल करने की जरूरत होती है. जब आप अपने बिजनेस को एक हिचहाइकर  की तरह चलाते हैं तो इसका मतलब है कि आप अपने बिजनेस का कंट्रोल फास्टलेनर ड्राइवर के हवाले कर देते हैं. और उनको बिग मनी कमाने देते हैं. जबकि आप एक पैसेंजर के तौर पर खुद एक गुड मनी एक्सेप्ट करते हैं. मिसाल के तौर पर आपने शायद इंटरनेट एंटरप्रेन्योर्स के एक ग्रुप के बारे में सुना होगा ,जिसे “AdSense” मिलेनियर्स कहते हैं. 

गूगल ऐडसेंस एक इंटरनेट एडवरटाइजर है जो अपनी वेबसाइट्स के ट्रैफिक से पैसा कमाने के लिए ऑनलाइन कंटेंट पब्लिशर्स का फायदा उठाता है. जहां पर ऐसे एफिलिएट ब्लॉगर्स और पब्लिशर्स हैं जो गूगल एडसेंस प्रोग्राम का इस्तेमाल करके काफी ज्यादा पैसा कमाते हैं. इनमें से कुछ कंटेंट प्रोवाइडर्स और ब्लॉगर्स हर महीने लाखों डॉलर कमाते हैं. हालांकि यह एक बिग मनी है लेकिन फिर भी एक मास्टरलेन ड्राइवर के तौर पर गूगल हर महीने लेजेंडरी मनी बनाता है. क्योंकि बिजनेस का मेन कंट्रोल गूगल के पास है.

Chapter 33 : The Commandment of Scale
जब आपके बिजनेस की रोड, कमांडमेंट ऑफ़ स्केल के मुताबिक नहीं होती, तो आपके पैसा बनाने की तेजी एक लिमिटेड दायरे में कैद होकर रह जाती है . मान लीजिए कि अगर आप 15 किलोमीटर की स्पीड से ड्राइव कर रहे हैं तो आप कहीं भी तेजी से नहीं जा सकते. 

स्केल, लिवरेज यानी फायदा उठाने के बारे में बताता है. और लिवरेज यह बताता है कि फास्टलेन वेल्थ इक्वेशन को पावर कहां से मिल सकती है. 

बिजनेस लिवरेज यानी बिजनेस का फायदा उठाने के लिए आप एक तरह से पानी में रहने वाली चीजों के माहौल के मुताबिक अपने बिजनेस के तरीके को सिलेक्ट करते हैं. जो एक स्विमिंग पूल जैसी छोटी जगह से लेकर महासागर जैसी बहुत बड़ी जगह मे हो सकता है. आप आमतौर पर इन 6 तरह के हैबिटेट्स यानी माहौल में अपने बिजनेस का फायदा उठा सकते हैं :

• Local/community (pool)

• County/city (pond)

• Statewide (lagoon)

• Regional (lake)

• National (sea)

• Worldwide (ocean)

एक लोकल कम्युनिटी या एक स्विमिंग पूल जैसे माहौल में स्केल को ढूंढना मुश्किल है . क्योंकि यहां पर सिर्फ एक छोटी संख्या में लोग रहते हैं. हालांकि बिजनेस में ऐसे माहौल का ज्यादा फायदा नहीं उठाया जा सकता. मिसाल के तौर पर अगर आप एक सैलून के मालिक हैं तो आपका बिजनेस हैबिटेट लोकल होगा. यानी आपका सलून एक लोकेलिटी में होगा. अगर आप एक महंगे रेस्टोरेंट के मालिक हैं तो आपका रेस्टोरेंट्स एक शहर में होगा . और अगर आप एक इंटरनेट कंपनी के मालिक हैं तो आपकी कंपनी दुनिया भर में होगी. इसका मतलब है कि आपका हैबिटेट जितना ज्यादा बड़ा होगा, उसी के मुताबिक आपके फास्टलेन के फायदा उठाने की या तेजी से पैसा कमाने की उम्मीद भी उतनी ही ज्यादा होगी. 

लेकिन अपने हैबिटेट का ज्यादा फायदा उठाने के लिए " magnitude " यानी लोगों पर एक बड़ा इंपैक्ट डालने की भी जरूरत होगी . जो कि काफी महंगा होता है.

आप छोटे हैबिटेट से बहुत कम पैसा कमा सकते हैं. क्योंकि "  स्केल " यानी बड़े पैमाने पर फायदा कमाने के लिए आपको नेशनली या ग्लोबली बिजनेस करने के बारे में सोचना होगा. लॉ ऑफ इफेक्शन के मुताबिक आपको बड़ी संख्या या एक बड़े पैमाने पर डील करना होता है. जिसका मतलब है कि आपको लाखों डॉलर कमाने के लिए लाखों लोगों पर इंपैक्ट बनाने की जरूरत होती है. यह काम एक सड़क पर छोटा स्टोर खोलकर नहीं किया जा सकता. लेकिन आप देशभर में सैकड़ों स्टोर्स खोलकर यह काम कर सकते हैं. क्योंकि आप इस तरीके से एक बड़ी संख्या में लोगों पर इंपैक्ट बना सकते हैं.

Chapter 34 : The Commandment of Time
कमांडमेंट ऑफ टाइम के लिए जरूरी है कि आपका बिजनेस टाइम पर डिपेंड ना रहे . क्या आप चाहते हैं आपका बिजनेस हमेशा एक पैसों के पेड़ की तरह आपके लिए पैसे उगाता रहे? फास्टलेन, कमांडमेंट ऑफ टाइम के जरिए  पैसिव इनकम के तौर पर आपका यही पर्पज पूरा करता है .

याद रखिए कि आपके पास एक बिजनेस होने का मतलब दौलत की गारंटी नहीं होता और ना ही इसकी वजह से आपके लिए टाइम की जरूरत खत्म हो जाती है . जब आप कमांडमेंट ऑफ टाइम को नहीं मानते हैं तो आप अपने बिजनेस को एक जॉब की तरह करते हैं .

कमांडमेंट ऑफ टाइम के मुताबिक काम करने के लिए आपको इन सवालों के जवाब देने होते हैं:

- क्या इस बिजनेस को मेरे मौजूद न रहने पर भी ऑटोमेटिक और सिस्टमैटिक तरीके से ऑपरेट किया जा सकता है? 

- क्या इसमें मुनाफे का मार्जिन इतना ज्यादा है कि मैं अपनी इनकम को और ज्यादा बढ़ाने के लिए कुछ और लोगों को भी काम पर रख सकता हूं? 

- क्या मुझे और लोगों को काम पर रखने का फायदा मिलेगा ?

- क्या मैं अपने टाइम की परवाह किए बगैर इस बिजनेस को ऑपरेट कर सकता हूं

क्या आपने कभी अपने बिजनेस को ऑपरेट करने के बारे में इस तरीके से सोचा है? अगर नहीं सोचा है तो फास्ट लेन रोड मैप की वेल्थ इक्वेशन का फायदा उठाने के लिए इस तरीके से सोचिए. और यह देखिए कि आप अपने बिजनेस को किस तरीके से कमांडमेंट ऑफ टाइम के मुताबिक चलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा कोशिश कर सकते हैं? 

जब आप एक जॉब करते हैं तो आप पैसों के बदले में अपने टाइम का सौदा करते हैं. और यही काम आप अपने बिजनेस के साथ भी करते हैं. जब आप कमांडमेंट ऑफ टाइम को नहीं मानते हैं, तो आप अपने बिजनेस को सही ढंग से नहीं चला सकते. लोग अक्सर एक गलत आईडिया के साथ अपने बिजनेस को शुरू करते हैं : जैसेकि वह इस बात पर यकीन करते हैं कि वह खुद अपने बॉस हैं और अपनी पसंद का कोई भी काम कर सकते हैं. और सक्सेस हासिल करने के लिए उनको इससे ज्यादा किसी और चीज की जरूरत नहीं है. जबकि एक फास्टलेनर के तौर पर बिजनेस को चलाने के लिए आपका इरादा और तरीका ऐसा होना चाहिए कि आप इसे ऑटोमेटिक सिस्टम वाला बना सकें .

अगर आपके बिजनेस में सिर्फ एक ही जरिए से आमदनी हो रही है. तो आपको इसके साथ ही पैसे कमाने के और दूसरे जरिए भी तैयार करने होंगे : जैसेकि कंटेंट सिस्टम्स , कंप्यूटर सिस्टम्स, सॉफ्टवेयर सिस्टम्स, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, और ह्यूमन रिसोर्स सिस्टम्स, यह सब पैसिव इनकम के तौर पर पैसा कमाने के दूसरे जरिए हैं. जो आपकी मौजूदगी और टाइम पर डिपेंड नहीं होते.

Chapter 35 : Rapid Wealth: The Interstates
आपको पैसों के बदले में अपने टाइम का सौदा नहीं करना चाहिए, आपको छोटे पैमाने पर बिजनेस नहीं चलाना चाहिए, आपको अपना कंट्रोल नहीं छोड़ना चाहिए और आपको एक बिजनेस स्टार्टअप को प्रोसेस की जगह एक इवेंट नहीं बनने देना चाहिए. जैसेकि MLM कंपनियों में अक्सर होता है. 

आपको फास्टलेन बिजनेस के लिए बहुत सारा टाइम, एफर्ट और पैसा चाहिए होता है. 

" प्योरेस्ट फास्टलेन " में सबसे ज्यादा दौलत बनाने की कपैसिटी होती है. जब आप लॉ ऑफ इफेक्शन के मुताबिक काम करते हैं तो आप बहुत सारा पैसा कमाते हैं . क्या आप जानते हैं कि कुछ " प्योरेस्ट फास्टलेन रोड्स " सुपर फास्ट स्पीड से लॉ ऑफ इफेक्शन के मुताबिक फास्टलेन की शुरुआत करती हैं. 

सबसे ज्यादा इफेक्टिव फास्ट लेन रोड्स को “The Three Interstates ” कहते हैं. इन में सबसे ज्यादा स्पीड होती है और यह पांचों तरह के कमांडमेंट्स के मुताबिक बनी होती हैं. यह तीनों इंटरस्टेट्स इस तरह से होते हैं :

1) Internet

हर एक इंटरस्टेट के अंदर दर्जनों दूसरी रोड्स शामिल होती हैं . और तीनों इंटरस्टेट्स को मिलाकर आपके पास सफर करने के लिए हजारों फास्ट लेन रोड्स अवेलेबल होती हैं.

इंटरनेट बिजनेस एक सबसे ज्यादा असरदार इंटरस्टेट होता है. पिछले 10 सालों में इंटरनेट ने किसी दूसरे मीडियम के मुकाबले कहीं ज्यादा लोगों को मिलेनियर बनाया है. इंटरनेट सबसे अच्छा फास्टलेन बिजनेस होता है. क्योंकि यह " Need " के बेस पर फास्टलेन के पांचों कमांडमेंट्स को मानता है, यह नेचुरल तरीके से बड़े पैमाने पर दुनिया भर के ऑडियन्स तक पहुंचता है, यह कंप्यूटर सिस्टम के जरिए ऑटोमेटिक सिस्टम को ऑर्गेनाइज करता है. और यह एक ऐसा मीडियम है, जिसे आप कंट्रोल कर सकते हैं. फिर भी इसके अंदर इतनी मजबूत रुकावटें होती हैं कि हर कोई इसमें एंट्री नहीं कर सकता. आमतौर पर इंटरनेट बिजनेस में 7 कैटेगरीज होती हैं: जैसेकि सब्सक्रिप्शन बेस्ड, कंटेंट बेस्ड, लीड जेनरेशन, सोशल नेटवर्क, ब्रोकरेज सिस्टम्स, ऐड्वर्टाइज़िंग, और ई-कॉमर्स. 

2) Innovation

इनोवेशन में भी कई सड़कें शामिल होती हैं. यह अमीर होने के लिए पुराने फैशन का एक अच्छा तरीका है : जैसेकि एक प्रोडक्ट या एक सर्विस या एक इंफॉर्मेशन को क्रिएट कीजिए, उसको मैन्युफैक्चर कीजिए, और फिर उसे डिस्ट्रीब्यूट कीजिए. इनोवेशन में दो तरह के एक्शंस शामिल होते हैं : पहला मैन्युफैक्चरिंग और दूसरा डिस्ट्रीब्यूशन. 

3) Intentional Iteration 

इंटेंशनल इटरेशन का मतलब , आमतौर पर किसी खास गोल, टारगेट या रिजल्ट तक पहुंचने के लिए एक एक्शन या प्रोसेस को बार-बार रिपीट करना होता है. इंटेंशनल इटरेशन, एक असरदार फास्टलेन है . यह प्रोसेस, कमांडमेंट ऑफ स्केल को पूरा करता है. स्केल को या तो ह्यूमन रिसोर्स सिस्टम्स के जरिए हासिल किया जा सकता है या फिर इसके लिए आपको बार-बार अपनी सक्सेस को रिपीट करना पड़ता है. मिसाल के तौर पर जब एक रियल एस्टेट इन्वेस्टर एक बैंक ऑक्शन के जरिए एक सिंगल फैमिली के लिए घर खरीदता है और बाद में उसे किराए पर देता है तो इसमें कोई स्केल नहीं होता. इस वजह से इन्वेस्टर को अपनी फास्ट लेन इक्वेशन में ज्यादा कुछ करने की आजादी नहीं होती. क्योंकि इस केस में नेट इनकम, रेंट से ली जाती है और ऐसेट वैल्यू घर की मार्केट वैल्यू से हासिल होती है. 

इस चैलेंज से निपटने के लिए इन्वेस्टर इसी प्रोसेस को बार-बार रिपीट करता है. इसके लिए वह एक घर खरीदने की जगह 50 घर खरीदता है. इस तरह से इंटेंशनल इटरेशन एक फास्टलेनर के लिमिटेड स्केल के कम आमदनी वाले रिस्पांस को बार-बार रिपीट करके, एक सिंगल बेस्ड बिजनेस को भी एक बड़े स्केल के ज्यादा आमदनी वाले बिजनेस में बदल देता है.

Chapter 37 : Give Your Road a Destination
आपको अपनी आजादी की कीमत पैसों से चुकानी पड़ती है. और इस बात से भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके सपने छोटे हैं या बड़े हैं. लेकिन उनकी कीमत होती है पैसा, रिस्पांसिबिलिटी जवाबदेही और कमिटमेंट. 

आपकी मंजिल वह फ्रीडम है जिसे आप अपनी लाइफस्टाइल को इंजॉय करने के लिए चाहते हैं . आपके पास अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए दो स्ट्रैटजीज़ हैं: पहली स्ट्रेटजी एक मनी सिस्टम है जिसमें आप मंथली इंटरेस्ट के तौर पर पैसा हासिल करने के लिए काफी ज्यादा अमाउंट एक साथ जमा करते हैं. जो आपकी लाइफस्टाइल के लिए जरूरी खर्चों को पूरा करता है. दूसरी स्ट्रेटजी एक बिजनेस सिस्टम है जिसमें आप पैसिव कैश फ्लो यानी खुद कोई काम किए बगैर ही पैसों का लेन-देन करते हैं. बिजनेस सिस्टम आपकी लाइफस्टाइल की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही साथ आपके मनी सिस्टम को भी पैसे देता है .

यह सब करने के लिए आपको अपना टारगेट पता होना जरूरी होता है : जैसेकि खासतौर से आपको यह पता होना चाहिए कि आपके और आपकी फैमिली के खर्चे पूरे करने के लिए कितने पैसों की जरूरत होगी?, और आप अपने लिए जो आजादी और लाइफस्टाइल चाहते हैं उसकी क्या कीमत देनी होगी ? 

इसके अलावा आपको ग्रेजुएशन के बाद अपने आप को फाइनेन्स और इकोनॉमिक्स की बेसिक नॉलेज के बारे में भी एजुकेट करना होगा. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप एक बड़ी दौलत इकट्ठा नहीं कर सकते. बल्कि आप के लिए एक साइडवाकर बनने का रिस्क भी पैदा हो सकता है. दुनिया में ज्यादातर लोग फाइनेंशियल मामलों में एक तरह से अनपढ़ होते हैं. जैसे आपको एक ड्राइवर के तौर पर  नॉलेज ना होने पर आप सड़क के नियमों को नहीं जान सकते. इसी तरह से हम लोगों को बचपन में मनी मैनेजमेंट या बेसिक फाइनेंशियल डिसिप्लिन के बारे में नहीं सिखाया जाता. इसी वजह से बहुत से परफेक्टली इंटेलिजेंट लोगों में भी फाइनेंशियल कॉन्सेप्ट्स की नॉलेज डेवेलप करने में कमी रह जाती है : जैसेकि 

• Interest rates

• Taxable and non-taxable इनकम

• गिरवी की रकम को रेगुलरली मंथली पेमेंट के जरिए payment करना 

• हर महीने अपने अकाउंट की एंट्रीज को चेक करना

• Basic percentage calculations करना

• इन्वेस्टमेंट पर रिटर्न कैलकुलेट करना

• स्टॉक ऊपर नीचे क्यों होते हैं

• कॉल और पुट जैसे स्टॉक ऑप्शंस कैसे काम करते हैं

• इंश्योरेंस पॉलिसी क्यों जरूरी होती है 

• म्यूच्यूअल फंड कैसे काम करता है

• बाँड्स क्या हैं, और वह कैसे ऊपर नीचे होते हैं और 

• Global currency वगैरह. 

इसलिए आपके लिए भी इन सब चीजों की बेसिक नॉलेज का होना बहुत जरूरी होता है. 

 फाइनेंशियल नॉलेज का पहला नियम यह है कि " अपने खर्चों को अपनी आमदनी से कम रखें." 

याद रखिए कि स्लोलेनर्स खर्चों को कम करने की कोशिश करते हैं .जबकि फास्टलेनर्स अपनी आमदनी और ऐसेट वैल्यूज को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने की कोशिश करते हैं.

डी मार्को को कहते हैं कि वह खुद अपने फाइनेंशियल एडवाइजर हैं. क्योंकि वह अपना कंट्रोल खोना नहीं चाहते. एक फाइनेंशियल एडवाइजर को काम पर रख लेने से आपको फाइनेंशियल नॉलेज नहीं मिल सकती. अगर आप एक फाइनेंशियल एडवाइजर को काम पर रखते हैं तो आपके अंदर उसकी सलाह का वैल्यूएशन करने की काबिलियत भी होनी चाहिए. अगर आप एक एडवाइजर के काम की जांच नहीं कर सकते हैं तो इसका मतलब है कि आपका कोई फाइनेंशियल कंट्रोल नहीं है. जबकि फाइनेंशियल नॉलेज आपको फ्रॉड के खतरों से सावधान करती है .

Part 8 :Your Speed: Accelerate Wealth : Chapter 38 : The Speed of Success
सक्सेस की स्पीड का मतलब एक फास्ट लेन बिजनेस के बारे में सोचना नहीं, बल्कि उस बिजनेस को क्रिएट करना होता है. आपको एक फास्टलेनर की तरह बड़ी सक्सेस हासिल करने के लिए अपने बिजनेस के तरीके को वन डाइमेंशनल  " checkers  game" की जगह मल्टी डाइमेंशनल  " chess game " की एप्रोच के साथ ऑपरेट करना होगा. क्योंकि checkers  game, एक चौकोर बोर्ड पर दो लोगों के बीच खेला जाने वाला गेम है ,जिसमें दोनों प्लेयर्स के पास राउंड शेप में 12 पीसेज होते हैं. जिनको एक ही तरीके से चलाया जाता है. जबकि चेस के गेम में हर एक मोहरे को एक अलग पर्पज के लिए, अलग तरीके से चलाया जाता है. 

जो लोग अपने बिजनेस को checkers  game की तरह से ऑपरेट करते हैं, उनके पास बिजनेस स्ट्रेटजी के तौर पर सिर्फ प्रोडक्ट प्राइस ही एक तरीका होता है : जैसेकि कि वह अपने प्रोडक्ट के प्राइस को कम या ज्यादा करते हैं, अपने खर्चों को कम करते हैं या सस्ते सप्लायर्स की तलाश करते हैं. जब ज्यादातर लोग सेल्स बढ़ाने के लिए सस्ता सामान बेचने की कोशिश करते हैं तो इस तरह से मार्केट में सबसे सस्ता सामान बेचने का कंपटीशन शुरू हो जाता है.

आप अपने बिजनेस को ऑपरेट करने के लिए चेस के गेम को जिस तरीके से इस्तेमाल करते हैं, उससे यह पता चलता है कि क्या आप अपने बिजनेस में फास्टलेन की स्पीड बनाते हैं या बिना किसी टारगेट के अपना पैसा ,एनर्जी और टाइम खर्च करते हैं. आप शतरंज के मोहरों को इस तरह से बिजनेस में इस्तेमाल कर सकते हैं :

• The King: आपका execution

• The Queen: आपकी marketing

• The Bishop: आपकी customer service

• The Knight: आपका product

• The Rook: आपके लोग

• The Pawn: आपके ideas.

आप सिर्फ आइडियाज की मदद से अपने बिजनेस की स्पीड को नहीं बढ़ा सकते बल्कि इसके लिए आपको अपनी प्लानिंग के मुताबिक तमाम चीजों को पूरा करना होता है. बिजनेस में आपके आईडियाज " pawns" यानी प्यादे के मोहरे की तरह होते हैं. और वह पार्किंग में खड़ी हुई एक गाड़ी के स्पीडोमीटर पर 220 मील प्रति घंटे की स्पीड को दिखाते हैं. लेकिन वाकई में स्पीड को हासिल करने के लिए आपको गाड़ी के एक्सीलेरेटर पर प्रेशर डालना पड़ता है. यही एग्जीक्यूशन यानी एक्सीलरेटर पर प्रेशर डालना बिजनेस में शतरंज के " किंग " की तरह से काम करता है. 

अगर आपके पास एक शानदार आईडिया होने के बावजूद आप उसके मुताबिक सही ढंग से काम नहीं कर पाते हैं, तो वह आईडिया बेकार हो जाता है. 

डी मार्को ने जब अपना वेबसाइट का बिजनेस शुरू किया था, तो उस दौरान तमाम दूसरी वेबसाइट कंपनियां भी इस्टैबलिश्ड हो गई थीं. लेकिन उन्होंने दूसरी वेबसाइट कंपनियों के मुकाबले ज्यादा बेहतर काम किया और उस इंडस्ट्री में एक लीडर बन गए. हालांकि उनके आइडिया में कोई खास बात नहीं थी लेकिन वह इस फील्ड में दूसरी कंपनियों के साथ कंपटीशन करके उनसे बहुत आगे निकल गए. इसके बाद उनके कंपीटीटर्स ने उनके रिवेन्यू मॉडल की कॉपी करने की कोशिश भी की थी लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सके. क्योंकि दूसरों का आईडिया चोरी करने से आपको दौलत कमाने के लिए शतरंज का पावरफुल मोहरा " किंग " यानी उस आईडिया को सक्सेसफुली लागू करने का तरीका नहीं मिल जाता . जैसेकि शतरंज के खेल को सिर्फ प्यादों को चुराने भर से ही नहीं जीता जा सकता.

Chapter 39 : Burn the Business Plan, Ignite Execution
दुनिया आपके आइडियाज की परवाह नहीं करती यह बस उन पर रिएक्ट करती है. लेकिन क्या आपने यह सोचा है कि एक बिजनेस प्लान के बिना, आपको बिजनेस चलाने के लिए इन्वेस्टर्स या पैसा कैसे मिलेंगे ?. इसके लिए आपको यह पता होना चाहिए कि दुनिया में सबसे अच्छा बिजनेस प्लान हमेशा " एग्जीक्यूशन" का ट्रैक रिकॉर्ड होता है. यानी आपने पास्ट में अपने बिजनेस को जिस तरीके से चलाया होता है, उसी के अच्छे या खराब रिकॉर्ड के मुताबिक लोग आपके बिजनेस प्लान की वैल्यू करते हैं. अगर आप एक एक्सपीरिएंस्ड बिजनेसमैन हैं तो अचानक से लोग आपका बिजनेस प्लान देखना चाहेंगे. क्योंकि वह जानते हैं कि आपके पास बिजनेस प्लान को अमल करने की काबिलियत है. अगर आप एक ऐसे एंटरप्रेन्योर से एक बिजनेस प्लान को लेते हैं, जिसने सिर्फ 2 साल पहले अपनी कंपनी को दो करोड़ डॉलर में बेचा है. तो फिर यकीन मानिए कि असल में वैल्यू उस प्लान की नहीं बल्कि उस शख्स की और उसके एग्जीक्यूशन के ट्रैक रिकॉर्ड की है. अगर आपके पास बिजनेस एग्जीक्यूशन का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है, तो आपके बिजनेस प्लान की कोई कीमत नहीं है. 

डी मार्को ने अपनी कंपनी 900 डॉलर से शुरू की थी. उस वक्त कोई भी इन्वेस्टर उनकी कंपनी में पैसा लगाने के लिए तैयार नहीं था . इसलिए उन्होंने भी एक लंबे चौड़े बिजनेस प्लान पर अपना वक्त बर्बाद नहीं किया . और फिर जब हकीकत में उनके आईडियाज, दुनिया के इस्तेमाल करने लायक ऐसेट्स की शक्ल में बदलने लगे, तो लोगों को उनकी कंपनी की वैल्यू का एहसास होने लगा . और फिर अचानक, बहुत से लोग उनके बिजनेस प्लान को देखने में इंटरेस्टेड हो गए. इसकी वजह यह थी कि उन्होंने अपने आइडियाज को एक कागज पर लिखने की जगह हकीकत में अपने बिजनेस कांसेप्ट को सक्सेसफुली एग्जीक्यूट करके दिखाया था. इसलिए अगर आप वाकई में अपने बिजनेस के लिए पैसा इकट्ठा करना चाहते हैं, तो दुनिया के सामने अपने बेहतरीन आइडियाज को हकीकत में एग्जीक्यूट करके दिखाइए. क्योंकि एग्जीक्यूशन ही फास्टलेन पर स्पीड को बनाता है.

Chapter 40 : Pedestrians Will Make You Rich!
जब बिजनेसमैन कहीं से कोई शिकायत सुनते हैं तो उनमें से ज्यादातर लोग इसे अनदेखा कर देते हैं. और ज्यादातर मामलों में वह उन शिकायतों को अपने एंप्लाइज को देख लेने के लिए कहते हैं और यह उम्मीद करते हैं कि इस तरीके से प्रॉब्लम दूर हो जाएगी. लेकिन फास्टलेन में ऐसा नहीं होता. शिकायतें मुफ्त में फीडबैक को रिप्रेजेंट करती हैं और आपके बिजनेस में अधूरी जरूरतों को दिखाती हैं और वह आप के सफर की सड़क के शोर को भी रिप्रेजेंट करती हैं. 

शिकायतें 4 तरह की होती हैं:

1) Complaints of change

चेंज की शिकायत में सबसे कम जानकारी मौजूद होती है ,इसलिए इसको समझना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है. जब आप कुछ बदलाव करते हैं तो आपको शिकायतें मिलती हैं. इसकी वजह यह है कि ह्यूमन साइकोलॉजी ऐसी होती है कि इंसान कुदरती तौर पर बदलाव को पसंद नहीं करता. उनको यह लगता है कि बदलाव उनके कम्फर्ट ,उम्मीद और सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकते हैं.

 2) Complaints of expectation 

उम्मीद की शिकायतें उस वक्त होती हैं जब आप अपने कस्टमर की उम्मीद के खिलाफ काम करते हैं : जैसेकि जब आप उन्हें अपना प्रोडक्ट खरीदने के लिए मना लेते हैं , लेकिन असल में आप उन्हें जो देते हैं वह उनकी उम्मीद को पूरा नहीं करता. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि या तो आपकी सर्विस फेल हो जाती है या आपकी मार्केटिंग स्ट्रेटजी उनकी उम्मीद के मुताबिक ना होकर गलत तरीके से धोखा देने वाली होती हैं. 

3) Complaints of void and

यह शिकायत उस वक्त होती है जब आपका कस्टमर लगातार आपसे किसी चीज की डिमांड करता है और आपके पास वो चीज नहीं होती. Void की शिकायतें सबसे ज्यादा कीमती होती हैं, क्योंकि वह अधूरी जरूरतों के बारे में बताती हैं. और यह शिकायतें आपको बहुत  इंपॉर्टेंट अपॉर्चुनिटीज प्रोवाइड करती हैं. ऐसी शिकायतें करके लोग आजादी के साथ आपको ठीक-ठीक यह बताते हैं कि वह क्या चाहते हैं. और आपको इस इंपॉर्टेंट जनकारी को हासिल करने के लिए कोई कीमत नहीं चुकानी पड़ती. 

 4) Complaints of fraud.

फ्रॉड की शिकायतें सबसे ज्यादा अफसोस करने के लायक होती हैं. क्योंकि यह सोसाइटी की सबसे खराब हालत को दिखाती हैं . नाजायज शिकायतों को बिजनेस मालिकों से गलत तरीके से फायदा उठाने के लिए डिजाइन किया जाता है. बदकिस्मती से जब आप लाखों कस्टमर्स के साथ डील करते हैं तो आपको सैकड़ों साइडवॉकर्स का सामना भी करना पड़ सकता है. जब कुछ कस्टमर्स अपने साथ कुछ गलत होने की फ्रॉड शिकायतें करते हैं तो आप इनकी वजह से फ्रस्ट्रेट हो सकते हैं . क्योंकि आपका गलत ढंग से फायदा उठाने वाले लोग बहुत लो-क्लास के फ्रॉड होते हैं. मिसाल के तौर पर जब कुछ लोग अपने चिकन सूप में मक्खी डालकर यह उम्मीद करते हैं कि उन्हें फ्री में खाना मिल जाएगा.

अगर आप एक शानदार कस्टमर सर्विस देकर अपने बिजनेस को तेजी से आगे बढ़ाना चाहते हैं तो आपको अपने कस्टमर्स के एक्सपेक्टेशन प्रोफाइल को समझना होगा. इसका मतलब है कि आपको यह पता करना होगा कि आपके कस्टमर्स आपके कंपीटीटर्स के कंपैरिजन में आपसे किस तरह की अच्छी चीजें हासिल होने की उम्मीद रखते हैं. हालांकि कस्टमर्स को शानदार सर्विस प्रोवाइड करने में आमतौर से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं लेकिन आपको खर्चे से ज्यादा फायदा भी मिलता है. अच्छी सर्विस की वजह से आपका बिजनेस आमतौर से 5 साल ज्यादा चलता है.

Chapter 41 : Throw Hijackers to the Curb!
बिजनेस पार्टनरशिप्स शादियों की तरह होती हैं. शादियों में लव अफेयर्स और जिस्मानी जरूरतें पूरी होने के बाद पति-पत्नी को अपने कैरेक्टर में तालमेल बिठाकर, साथ मिलकर और अपनी दूसरी क्वालिटीज को भी एक दूसरे की भलाई को ध्यान में रखते हुए अच्छी तरह इस्तेमाल करते हुए जीना होता है. पार्टनरशिप में भी इसी तरह की चीजें होती हैं. ज्यादातर मामलों में पार्टनरशिप्स इस वजह से फेल हो जाती हैं क्योंकि पार्टनर्स के नजरिए और इंटरेस्ट्स अलग तरह के होने की वजह से उनमें अच्छे रिश्ते नहीं बन पाते. अच्छी पार्टनरशिप के लिए यह जरूरी होता है कि आप ऐसे लोगों को अपना पार्टनर बनाएं जिनके अंदर एक दूसरे को सपोर्ट करने की काबिलियत और स्किल्स होती हैं : जैसेकि अगर आप मार्केटिंग की फील्ड से आते हैं ,तो आपके पार्टनर को एक टेक्निकल शख्स होना चाहिए. 

असल में अक्सर लोग एक पार्टनरशिप में गलत लोगों के साथ इंगेज हो जाते हैं. जैसे कि आपके अकाउंटेंट्स और वकील भी एक कॉन्ट्रैक्ट के थ्रू आपके बिजनेस पार्टनर की तरह होते हैं. इन्हीं लोगों के पास आपके बिजनेस के सक्सेस की चाबी होती है. यह आपके बिजनेस में हजारों, लाखों डॉलर बचा सकते हैं. और यही लोग आपको फाइनेंशिययल बर्बादी की तरफ भी ले जा सकते हैं. इसलिए इन लोगों पर पूरी तरह से भरोसा करने से पहले आपको इनकी ईमानदारी और काबिलियत के बारे में पूरी तरह से श्योर हो जाना चाहिए. क्योंकि इनके पास आपको सही या गलत बनाने की पावर होती है. लोगों पर अनलिमिटेड भरोसा करने से आपके लिए अनलिमिटेड रिस्क का खतरा भी बन जाता है. और सही जांच पड़ताल के बगैर भरोसा करने की वजह से जो नतीजे सामने आते हैं वह आपके कंट्रोल से बाहर हो जाते हैं.

डी मार्को ने जब अपना एंटरप्रेन्योरशिप कैरियर शुरू किया था तो वह सभी लोगों पर भरोसा करते थे. जब आप हर किसी पर भरोसा करने लगते हैं तो आप ऐसी बिजनेस अपॉर्चुनिटीज में इंगेज हो जाते हैं, जो कमांडमेंट ऑफ कंट्रोल के खिलाफ काम करती है. इस तरीके से आप अपने बिजनेस का कंट्रोल दूसरे लोगों के हवाले कर देते हैं . और जिसकी वजह से आप को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है. याद रखिए कि दुनिया में सिर्फ एक ही शख्स ऐसा है जिस पर आप आंख बंद करके भरोसा कर सकते हैं. और वह शख्स आप खुद हैं. 

जब आप लाखों लोगों को अपना प्रोडक्ट या सर्विस देते हैं तो आप लाखों लोगों के कांटेक्ट में रहते हैं. और तब आपको पता चलता है कि कोई भी जगह ऐसी नहीं है जहां पर झूठ बोलने वालों से, बहला-फुसलाकर ठगने वालों से, चोरों से और बदमाशों से खतरा मौजूद ना हो.

डी मार्को अब किसी पर भरोसा नहीं करते. लेकिन वह हर किसी को अपना भरोसा साबित करने का मौका जरूर देते हैं . दुनिया में बहुत से अच्छे लोग भी होते हैं बस आपको सावधानी से उनको चुनना होता है. 

कस्टमर्स को अच्छी सर्विस प्रोवाइड करने के लिए आपके एंप्लाइज को अच्छी सर्विस डिलीवर करने का तरीका भी पता होना चाहिए. इसके लिए जरूरी है कि आपके एंप्लाइज  को कस्टमर सर्विस की फिलासफी की जानकारी होनी चाहिए . जिसको ह्यूमन इंटेरेक्शन की मदद से डिलीवर किया जाता है. इसका मतलब है कि आपके एंप्लाइज के अंदर अपने अच्छे एक्सप्रेशंस, अच्छे बिहेवियर , और अच्छी बातचीत के साथ-साथ  कस्टमर्स को उनकी उम्मीद से ज्यादा बेहतरीन सर्विस देकर खुश रखने की काबिलियत और स्किल्स होनी चाहिए.

Chapter 42 : Be Someone's Savior
आपने यह नोटिस किया होगा कि बहुत से बिजनेस जरूरत के हिसाब से नहीं बल्कि और दूसरी चीजों के बेस पर शुरू किए गए होते हैं. हालांकि उनमें कोई फर्क क्या खासियत नहीं होती. और वह सिर्फ इस बेस पर किए जाते हैं कि क्योंकि बहुत सारे लोग इस बिजनेस को कर रहे हैं, इसलिए मैं भी करूंगा. और फिर ऐसे बिजनेस, लोगों की भीड़ में कमोडिटाइज होकर रह जाते हैं . और जब ऐसे बिजनेस मालिकों को अपनी गलती का एहसास होता है तो वह अपने बिजनेस को " चेकर्स गेम " की तरह एक ही तरीके से चलाने के लिए मजबूर हो जाते हैं .

कमोडिटाइजेशन ऐसे प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को कहते हैं , जिनके सारे सर्विस प्रोवाइडर्स एक जैसे दिखाई देते हैं. मिसाल के तौर पर एयर ट्रैवल सर्विस बहुत ज्यादा कमोडिटाइज हो चुकी है. ज्यादातर लोग किसी खास एयरलाइन को इंपॉर्टेंस नहीं देते. वह उसी कंपनी को पसंद करते हैं जिसका किराया सबसे सस्ता होता है . इसका मतलब है कि यह प्रोडक्ट कमोडिटाइज हो गया है. इसी तरीके से लोग किसी भी पेट्रोल पंप से तेल खरीद लेते हैं .क्योंकि यह प्रोडक्ट भी कमोडिटाइज होता है. 

ज्यादातर बिजनेस के मालिक अपने खुद के बिजनेस पर ध्यान ना दे कर अपने कंपीटीटर्स के बिजनेस पर ज्यादा ध्यान देते हैं. जब ऐसा होता है तो आप अपने प्रोडक्ट के बारे में फ्यूचर की प्रॉब्लम्स, जरूरतों और चीजों के बदलने की उम्मीद के बारे में सोचना बंद कर देते हैं. और इसकी जगह दूसरों के प्रोडक्ट्स पर रिएक्ट करने लगते हैं. अगर आप अपने बिजनेस में दूसरों को फॉलो करते हैं तो आप अपने बिजनेस को लीड नहीं कर सकते. और अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप अपने काम में कुछ भी नया नहीं कर सकते. 

अगर आप कभी किसी मौके पर अपने कंपीटीटर के प्रोडक्ट पर अपना रिएक्शन देते हैं तो ऐसा अपने फायदे के लिए कीजिए . उनकी कमजोरियों को पहचान कर अपने प्रोडक्ट को उनके प्रोडक्ट से बेहतर बनाइए, इस बारे में पता लगाइए कि आपको ऐसी क्या चीज करनी चाहिए जो वह लोग नहीं कर रहे हैं. इसका मतलब है कि आप उस जरूरत को खोजिए जिसकी वजह से आपके प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ सकती है. और आप उनकी कस्टमर सर्विस की गलतियों को पहचान कर इसका फायदा उठाइए.

Chapter 43: Build Brands, Not Businesses
याद रखिए कि आपके फास्टलेन टूल बॉक्स में मार्केटिंग और ब्रांडिंग सबसे ज्यादा पावरफुल टूल होते हैं . क्योंकि बिजनेस सिर्फ जिंदा रहते हैं लेकिन ब्रांड फलते-फूलते हैं. जब आप अपने बिजनेस की कमाई से महीने भर का घर खर्च ही उठा सकते हैं तो इसका मतलब है कि आप एक ही डायरेक्शन वाला चेकर्स गेम खेल रहे हैं .

लोग बड़ी बिजनेस कंपनियों या और दूसरे बिजनेस के मुकाबले ब्रांड और रिश्तों के मामले में ज्यादा वफादार होते हैं. मिसाल के तौर पर अगर आप " कोक " से प्यार करते हैं और " पेप्सी" से नफरत करते हैं, तो आप कोक के लिए हमेशा वफादार रहेंगे. मान लीजिए कि अगर पेप्सी अचानक से सस्ती हो जाती है फिर भी आप कोक ही खरीदेंगे. कोक ने अपना एक ब्रांड बनाया है. और उस ब्रांड की पावर एक मजबूत वफादारी है जिसे तोड़ना बहुत मुश्किल है. और आप इस बात की भी परवाह नहीं करते हैं कि कोक या पेप्सी में से कौन सी ड्रिंक ज्यादा अच्छी है. 

एक ब्रांड बनाने का पहला कदम एक " Unique Selling Proposition" या USP होती है. 

आपकी यूएसपी आपके ब्रांड को पकड़े रहती है . क्या आपको पता है कि वह क्या चीज है जो आपकी कंपनी को दूसरों से अलग बनाती है ?, या कौन सी चीज आपके बिजनेस को दूसरों से अलग तरीके से सेट करती है ?, या कौन सी चीज एक कस्टमर को दूसरों को छोड़कर आपके प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करेगी? अगर आप नहीं जानते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि USP, एक ब्रांड बनाने की जरूरतों को पूरा करती है और इनकी वजह से एक प्रोडक्ट की बिक्री, उसकी महंगी कीमत या उसकी घटिया क्वालिटी के बावजूद कम नहीं होती . 

क्या आप पोलराईज़ेशन के बारे में जानते हैं? पोलराईज़ेशन का मतलब अलग-अलग राय रखने वाले लोगों को अलग-अलग ग्रुप्स में डिवाइड करना होता है. और आपको यह पता होना चाहिए कि बड़े पैमाने पर मार्केट ब्रांड के लिए पोलराईज़ेशन शायद सबसे अच्छी बिजनेस स्ट्रेटजी नहीं है. क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा आईडियाज या मैसेजेस शामिल होते हैं. और आप अपने बिजनेस में आधे कस्टमर्स को कम नहीं करना चाहते. हालांकि पोलराईज़ेशन वेबसाइट्स के लिए ट्रैफिक को कंट्रोल करने में या रीडर्स की जरूरत के मुताबिक किताबें तलाश करने में बहुत शानदार ढंग से काम करता है.  पोलराईज़ेशन इसलिए अच्छा काम करता है क्योंकि इसमें तमाम तरह के आईडियाज शामिल होते हैं. जो लोगों को किसी चीज को या तो प्यार करने के लिए मजबूर करते हैं ,या फिर नफरत करने के लिए. 

क्या आप जानते हैं कि " प्राइस " भी एक ब्रांड को बनाता है. क्योंकि किसी चीज के प्राइस से उसकी वैल्यू के बारे में पता चलता है. किसी प्रोडक्ट का प्राइस उसके कंपीटीटर प्रोडक्ट के मुकाबले जितना ज्यादा महंगा होता है, उसी के मुताबिक उस प्रोडक्ट को और ज्यादा वैल्युएबल माना जाता है. अगर किसी प्रोडक्ट का प्राइस सस्ता होता है तो उसकी वैल्यू को भी बहुत कम माना जाता है. प्राइस सिर्फ एक संख्या है जो यह बताता है कि किसी चीज की क्या कीमत है. और उस की क्या वैल्यू है और वह किस लायक है. कंज्यूमर के दिमाग तक पहुंचने के कई रास्तों में से एक रास्ता प्राइस भी है. अपने ब्रांड के लिए प्राइस का इस्तेमाल करते वक्त आपको कंज्यूमर को यह भी समझाना होगा कि प्रोडक्ट की हाई वैल्यू के मुताबिक उसका प्राइस जस्टिफाइड है. 

इसलिए  हमेशा यह ध्यान रखें कि प्राइस के बारे में डिसाइड करते वक्त आप कभी भी अपने ब्रांड को अपने नजरिए के मुताबिक एक औसत दर्जे का प्रोडक्ट जाहिर ना होने दें.

Chapter 44 : Choose Monogamy Over Polygamy
क्या आप जानते हैं कि टेकेल सिंड्रोम आपको तमाम तरह के प्रोजेक्ट्स और अपॉर्चुनिटीज पर एक ही टाइम में अपना ध्यान हर तरफ बिखेरने के लिए बहुत ज्यादा मोटिवेट करता है . मान लीजिए कि अगर आप अपना टाइम पांच अलग-अलग तरह के बिजनेस में लगाते हैं तो आप एक " polygamist-opportunist " बन जाते हैं. इसका मतलब है कि आप कई शादियां करने वाले एक मौकापरस्त इंसान की तरह से बर्ताव करते हैं. एक बिखरे हुए ध्यान की वजह से आपको उन तमाम बिजनेस में से किसी एक में भी सही रिजल्ट नहीं मिल पाते. 

मिसाल के तौर पर अगर एक polygamist-opportunist के पास 20 ऐसे बिजनेस हैं जो उसकी एनर्जी ,टाइम और पैसे को चूस रहे हैं तो उसकी जगह फलने-फूलने वाला एक ही बिजनेस करना ज्यादा बेहतर है. 

10 बिजनेस करके 10,000 डॉलर की कुल आमदनी कमाने से बेहतर, अकेले ही किसी एक बिजनेस को संभालना होता है. जब आप एक साथ कई बिजनेस ऑपरेट करने की कोशिश करते हैं, तो आपके ऐसेट्स बहुत कमजोर होते हैं. कमजोर ऐसेट्स से बिजनेस में ज्यादा स्पीड नहीं आती, उनसे ज्यादा पैसा  नहीं कमाया जा सकता, उनकी वैल्यूएशन मल्टीमिलियन-डॉलर के पैमाने पर नहीं होती, यह दौलत इकट्ठा करने में तेजी नहीं लाते, क्योंकि वह सिर्फ महीने के खर्चों को पूरा करने के लिए और अगले महीने की शुरुआत करने के लिए जरूरी पैसों को ही कमा पाते हैं .

कई बहुत बड़े टेक एंटरप्रेन्योर्स ने तमाम इंप्रेसिव कंपनियों को बनाने के लिए अपना पूरा फोकस अपने हंड्रेड परसेंट कमिटमेंट पर रखा है. जबकि उन्होंने किसी दूसरी तरह के बिजनेस पर ध्यान नहीं दिया . और फिर उस बिजनेस में सक्सेसफुली एक बड़ी कमाई शुरू हो जाने के बाद ही वह अपने मेन बिजनेस से अलग हटकर दूसरे टाइप के बिजनेस भी करते हैं . दूसरे शब्दों में इसे कहते हैं कि " their monogamy led to polygamy." इसका मतलब है कि उनकी एक शादी की वजह से कई शादियां हो गईं. 

फास्टलेन एक शादी की तरह होती है. इसमें मोनोगैमी से सक्सेस मिलती है. अगर आप एक साथ बहुत से बिजनेस करते हैं तो इसका मतलब है कि आपको अपने फोकस को अपनी मेन पत्नी के अलावा दूसरी पत्नियों में भी बांटना पड़ता है. जिसकी वजह से आप किसी एक पर भी अपना पूरा ध्यान नहीं दे पाते. इसलिए किसी एक फास्टलेन बिजनेस पर फोकस कीजिए और बेफिक्र होकर ढेर सारा पैसा कमाइए.

Chapter 45 : Put It Together: Supercharge Your Wealth Plan!
अगर आप एक बेहतर तरीके से अपनी फास्टलेन रोड ट्रिप को शुरू करना चाहते हैं तो आपको फास्ट लेन प्रोसेस के इस शार्ट फॉर्म को एक साथ इस्तेमाल करना होगा :

" F-A-S-T-L-A-N-E-S-U-P-E-R-C-H-A-R-G-E-R." इसके हर एक अल्फाबेट का अपना एक अलग मतलब है : जैसेकि

1. Formula (Fastlane supercharger)

दौलत एक Formula और विश्वासों, चॉइसेज, एक्शन्स और आदतों का सिस्टमैटिक प्रोसेस है. क्योंकि यह एक लाइफस्टाइल को बनाती है. दौलत एक प्रोसेस है. और यह एक इवेंट नहीं है. 

2. Admit (fAstlane supercharger)

आप यह Admit यानी एक्सेप्ट कीजिए कि दौलत के लिए पहले से तय किया गया तरीका “Get Rich Slow,” यानी धीरे-धीरे अमीर बनिए, ULL (अनकंट्रोलेबल लिमिटेड लिवरेज) की वजह से एक गलत तरीका है, आप यह एडमिट कीजिए कि “Get Rich Quick ” यानी जल्दी अमीर बनाने का तरीका भी मौजूद होता है,और आप  एडमिट कीजिए कि कोई प्लान ना होना एक अच्छा प्लान नहीं है. 

3. Stop and Swap (faStlane supercharger)

गलत रोड मैप्स को फॉलो करना Stop कीजिए. आप जो कर रहे हैं उसे करना Stop कीजिए. एक वीकेंड के बदले में अपने टाइम का सौदा करना Stop कीजिए. और यह थिंकिंग Stop कीजिए कि म्यूच्यूअल फंड्स और रिटायरमेंट पेंशन सेविंग्स आप को अमीर बना देंगे. फास्टलेन रोडमैप के लिए बेअसर रोड मैप को Swap कीजिए. यानी उसे किसी असरदार रोडमैप से बदल दीजिए. अपनी वफादारी को  कंज्यूमर से प्रोड्यूसर की तरफ Swap कीजिए. यानी अपनी वफादारी की अदला बदली कीजिए. 

4. Time (fasTlane supercharger)

Time, फास्टलेन का किंग एसेट है. खासतौर से फ्री टाइम फास्टलेन की सबसे बड़ी पूंजी है. इसलिए उन एक्टिविटीज में इन्वेस्ट करें जो आपको फ्री टाइम देंगी. टाइम की चोरी करने वाली चीजों से बचें: जैसेकि आपका लिया हुआ कर्जा, आपके फ्री टाइम को इंडेंचर्ड टाइम में बदल देता है. ऐसे बिजनेस सिस्टम में इन्वेस्ट कीजिए जो आपके इंडेंचर्ड टाइम को फ्री टाइम में बदल सके . 

5. Leverage (fastLane supercharger)

दौलत इकट्ठा करने के लिए कंट्रोलेबल और अनलिमिटेड मैथमेटिक्स  का Leverage लीजिए. यानी उसका फायदा उठाइए. स्लोलेन वेल्थ इक्वेशन के अंदर कोई लिवरेज नहीं है. क्योंकि इसमें टाइम के बेस पर पैसों की कमाई का अंदाजा लगाया जाता है : जैसेकि हर घंटे के हिसाब से पेमेंट, या सालाना तनख्वाह, या कई सालों के लिए इन्वेस्टमेंट वगैरह होते हैं. अगर आप मैथमेटिक्स के मुताबिक पहले से ही तय हो चुकी अपनी कमाई को कंट्रोल नहीं कर सकते हैं और ना ही अपनी कमाई की रकम को बहुत ज्यादा बढ़ा सकते हैं, तो आप अपने फाइनैंशियल प्लान को कंट्रोल नहीं कर सकते. 

6. Assets and Income (fastlAne supercharger)

दौलत को एक ऐसे बिजनेस के जरिए इकट्ठा किया जा सकता है जिसमें आप इनकम और ऐसेट की वैल्यू को तेजी से बढ़ा सकें. और आखिर में उस एसेट को एक लिक्विडेशन इवेंट में बेचा जा सके. 

7. Number (fastlaNe supercharger)

आप जैसी लाइफस्टाइल साथ जीना चाहते हैं उसके लिए तय कीजिए कि आपको कितने पैसों की जरूरत होगी . आप अपने ख़र्चे के अमाउंट को  नम्बरर्स में तय कीजिए : जैसेकि आप अपने खर्चों का एक ब्रेकअप बनाइए कि आपको किस आइटम में हर महीने कितना पैसा खर्च करना है और अपनी आमदनी के मुताबिक अपने खर्चे को एडजेस्ट कीजिए .

8. Effection (fastlanE supercharger)

इफ़ेक्शन का नियम कहता है कि " आप अपने कंट्रोल के जरिए जितने ज्यादा लोगों की जिंदगियों पर असर डालते हैं, आप उतना ही ज्यादा पैसा कमाते हैं." 

9. Steer (fastlane Supercharger)

लाइफ को के Steer करना आपकी चॉइस है. आप अपनी जिंदगी की डायरेक्शन को जिस तरह से बदलते हैं उसी से यह तय होता है कि आपके लिए फास्टलेन एक लाइफस्टाइल है, या यह आपकी एक हॉबी है. 

10. Uncouple (fastlane sUpercharger)

आप अपने बिजनेस स्ट्रक्चर के लिए एक फेवरेबल फास्टलेन कंपनी क्रिएट करके ऑफीशियली अपने आप को स्लोलेन वेल्थ इक्वेशन से Uncouple यानी अलग कीजिए : जैसेकि सी-कॉर्पोरेशन, या एस- कारपोरेशन या लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी बनाइए. 

11. Passion & Purpose (fastlane suPercharger)

आपको अपने सपनों को पूरा करने के लिए Passion & Purpose की जरूरत होती है. जो इस प्रोसेस में आपके एक्शंस को चलाते हैं. 

12. Educate (fastlane supErcharger)

आपकी असली एजुकेशन ग्रेजुएशन के बाद शुरू होती है. इसलिए कभी भी सीखना बंद मत कीजिए. 

13. Road (fastlane supeRcharger)

दौलत कमाने के लिए फास्टलेन रोड पर आइए. चिंता मत कीजिए कि आपको किस रोड पर जाना है. आपको सही रोड भी मिल जाएगी. अपने दिमाग को जरूरत और प्रॉब्लम को देखने के लिए ट्रेन कीजिए.

14. Control (fastlane superCharger)

अपने फाइनेंशियल प्लान को कमांडमेंट ऑफ कंट्रोल के मुताबिक कंट्रोल कीजिए. अपने आपको ऐसी ऑर्गेनाइजेशन में इंगेज कीजिए, जिसको आप पूरी तरह से कंट्रोल कर सकें. 

15. Have (fastlane supercHarger) 

दूसरों की जरूरत की चीजों को रखिए, और फिर आपकी जिंदगी में पैसा आना शुरू हो जाएगा. यह कमांडमेंट ऑफ नीड को दिखाता है. 

16. Automate (fastlane superchArger)

अपने बिजनेस को आटोमेटिक बनाइए और कमांडमेंट ऑफ टाइम के मुताबिक चलिए. और अपने टाइम को बिजनेस से अलग कीजिए.

17. Replicate (fastlane superchaRger)

अपने बिजनेस सिस्टम को रिपीट कीजिए और कमांडमेंट ऑफ़ स्केल के मुताबिक चलिए.

18. Grow (fastlane supercharGer)

अपने बिजनेस को शतरंज के खेल की तरह मल्टीडाइमेंशनल मानकर आगे बढ़ाइए. और बिजनेस की जगह एक ब्रांड बनाइए. 

19. Exit (fastlane superchargEr)

Exit की स्ट्रेटजी रखिए. फास्टलेन की मंजिल, मनी  सिस्टम के जरिए फुल पैसिविटी को पूरा करना है. बहुत बड़ी ऐसेट वैल्यू के अमाउंट के लिक्विडेशन इवेंट के जरिए आपके मनी सिस्टम को पैसा मिलता है. यानी कि कंपनी को बेचकर आप मिलियन डॉलर्स भी बना सकते हैं. 

20. Retire, Reward, or Repeat (fastlane superchargeR)

अपने ऐसेट का लिक्विडेशन करने के बाद रिटायरमेंट लीजिए या अपनी सक्सेस को रिपीट कीजिए. इसके अलावा सफर के दौरान आपको जो भी सक्सेस मिलती है, उसका Reward लेते रहिए : जैसेकि पहला प्रोडक्ट बेचने पर सेलिब्रेट कीजिए. या जब आपकी " नेट वर्थ " एक लाख डॉलर क्रॉस करती है, तो दोस्तों के साथ एक बड़ी पार्टी कीजिए.

कुल मिलाकर
फास्टलेन रोड ट्रिप एक मंजिल नहीं है बल्कि यह एक पर्सनल जर्नी है . और यही जर्नी आपकी जिंदगी और आपका प्रोसेस बन जाती है. आपको पता चलेगा कि यह जर्नी तब तक जीने लायक है जब तक कि आपके सपने जिंदा हैं और उनके पूरा होने की उम्मीद बाकी है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां से शुरू करते हैं लेकिन इससे जरूर फर्क पड़ता है कि आप कैसे आगे बढ़ते हैं. एक शानदार जिंदगी का सफर शुरू करने के लिए आपके गैरेज का दरवाजा खुला है. अपनी गाड़ी को स्टार्ट कीजिए और अपने पास्ट को पीछे छोड़ कर फास्टलेन की रोड पर आ जाइए. याद रखिए कि सारे फास्टलेनर्स एक जैसी मुश्किलों और उथल-पुथल वाली जिंदगी के बीच अपनी जर्नी स्टार्ट करते हैं. लेकिन वह बाद में एक बड़ी दौलत इकट्ठा करने में कामयाब होते हैं. 

 

येबुक एप पर आप सुन रहे थे the Millionaire FASTLANE by M J De Marco 

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