Avery Swartz
डिजिटल मार्केटिंग के साथ अपने छोटे बिजनेस को कैसे ग्रो करें।
दो लफ्जों में
2020 में आई ये बुक हमें डिजिटल मार्केटिंग के बारे में गाइड करती है। अगर आपने कभी भी वेबसाइट बनाने के बारे में सोचा होगा या कभी ईमेल मार्केटिंग कैंपेन के बारे में सोचा होगा तो आप इस बुक की हेल्प से उसके बारे में पूरी तरह से जान पाएंगे।
ये बुक किसके लिए है?
स्माल बिजनेस ऑनर जोकि डिजिटल मॉर्केटिंग में इंट्रेस्टेड हैं।
ये बुक डिजिटल और सोशल मीडिया मैनेजर्स के लिए भी है।
ये बुक उन लोगों के लिए भी है जो मॉर्केटिंग की नई स्ट्रैटजी में इंट्रेस्टेड हैं।
लेखिका के बारे में
Avery Swartz एक डिजिटल मार्केटिंग कंसलटेंट हैं। इसके अलावा वो टेक राइटर भी हैं और एक स्पीकर भी हैं। अवेरी कैम्प टेक कम्पनी की फाउंडर और सीईओ भी है। ये वो कम्पनी है जो छोटे बिजनेस और ऑर्गेनाइजेशन को डिजिटल मार्केटिंग की ट्रेनिंग प्रोवाइड करती है।
आपकी डिजिटल प्रिजेंस तब स्टार्ट होती है जब आप इंटरनेट मार्केटिंग में कदम रखते हैं।
इंटरनेट का एक बेनिफिट ये है कि अब लोग अपने बिजनेस को कम पैसों में एक्सपैंड कर सकते हैं। लेकिन डिजिटल मार्केटिंग से आपको न सिर्फ वेबसाइट और फेसबुक पर बिजनेस एक्सप्लोर करने के बारे में सीखने को मिलेगा बल्कि आप और भी बहुत कुछ जान सकेंगे। और भी बहुत से बिजनेस गोल हैं जो आपको कंसीडर करने चाहिए और बहुत सी अलग अलग स्ट्रैटजी है जिसको आप फॉलो कर सकते हैं। इस बुक में आप अलग अलग डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफार्म के बेसिक्स के बारे में जानेंगे। इस समरी मे आप जानेंगे वेबसाइट बनाने का बेस्ट तरीका। और आखिर क्यों सोशल मीडिया प्लेटफार्म आपके पसंदीदा दोस्त की तरह है? और एडवरटाइजिंग और कसीनो में क्या कॉमन है?
तो चलिए शुरू करते हैं!
आजकल जब भी हमें किसी भी चीज की जरूरत होती है तो सबसे पहले हम इंटरनेट पर उस चीज की तलाश करते हैं। इसलिए आज कल हर बिजनेस का ऑनलाइन अवलेबल रहना जरूरी हो गया है क्योंकि अगर कोई बिजनेस ऐसा है जिसकी अपनी वेबसाइट या ईमेल एड्रेस नहीं है यानी कि वो बिजनेस जो ऑनलाइन मौजूद नहीं है उसे कस्टमर का लॉस सहना पड़ा सकता है।
डोमेन नेम एक वेबसाइट या फिर एक ईमेल एड्रेस होता है। और इसका यूज़ करके कस्टमर आप तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इसलिए अपने लिए ऐसा डोमेन नेम डिसाइड करें जो आपके बिजनेस से मैच करता हो। जैसे की अमेज़न ने जो डोमेन नेम लिया हुआ है वो है अमेज़न डॉट कॉम और इसी प्रकार आपको भी अपने बिजनेस से मैच करता हुआ डोमेन लेना चाहिए।
डोमेन नेम के लिए आप गो डैडी जैसी वेबसाइट पर जाके रजिस्टर कर सकते हैं और अपने एकॉर्डिंग अपना डोमेन नेम खरीद सकते हैं। एक बार आपने अपने लिए कोई डोमेन नेम चुन लिया तो फिर कोई और उस डोमेन नेम को नहीं खरीद सकता। अगर किसी और को वो डोमेन नेम चाहिए तो उसे आपके पास आना होगा। एक बार अच्छे से रिसर्च जरुर कर लें कि आपका डोमेन नेम कितना यूनिक है। एक बार ऐसा हुआ था की एक महिला ने अपने नाम से डोमेन नेम रखने का डिसीजन लिया। लेकिन उसके नाम से डोमेन नेम मौजूद नहीं था शायद किसी ने पहले ही ले लिया था। तो उसने डॉट कॉम एक्सटेंशन की जगह अपने ही नाम के साथ कोई और एक्सटेंशन लगाकर डोमेन के लिया। बाद में पता चला कि डॉट कॉम वाला डोमेन नेम किसी एडल्ट फ़िल्म स्टार ने खरीद रखा था।
डोमेन नेम लेने के बाद आप ईमेल की होस्टिंग और वेबसाइट के लिए अरेंजमेंट कर सकते हैं।
आइये समझते हैं कि होस्टिंग क्या होती है। मान लीजिए आप अपनी वेबसाइट और ईमेल एड्रेस को अपने घर की तरह देखते हैं तो घर बनाने के लिए आपको किसी अच्छी जगह की जरूरत भी होगी। होस्टिंग वही जगह होती है जो आपके घर के लिए सही होती है। बहुत सारी डोमेन रजिस्ट्रेशन कम्पनी डोमेन के साथ में होस्टिंग भी ऑफर करती हैं।
ऑथर के एकॉर्डिंग होस्टिंग के लिए आपको गूगल का जी सूट सर्विस या फिर माइक्रोसॉफ्ट का ऑफिस 365 सॉल्यूशन यूज़ करना चाहिए। जी सूट के काफी एडवांटेज हैं। और माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 365 सॉल्यूशन उनको यूज़ करना चाहिए जो पहले से ही माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर यूज़ कर रहे हैं।
ईमेल होस्टिंग सेट करने के बाद आप काम शुरू कर सकते हैं। हालांकि आपकी वेबसाइट को अभी कुछ और इम्प्रूवमेंट की जरूरत है।
बिजनेस वेबसाइट ऐसी होनी चाहिए जोकि सबके द्वारा एक्सेसिबल हो और साथ में मार्केट को टारगेट कर सके।
एक वेबसाइट किसी भी बिजनेस के लिए रियल एसेट हो सकती है। इसके जरिये आप अपने पोटेंशियल कस्टमर से कनेक्ट कर सकते हैं। वेबसाइट की प्लानिंग करते टाइम बहुत सी चीजें कंसीडर करनी चाहिए। आप किसी प्रोफेशनल के द्वारा भी अपनी वेबसाइट बनवा सकते हैं या खुद भी वर्डप्रेस या फिर स्क्वायरस्पेस जैसे प्लेटफार्म का यूज़ करके अपने लिए एक वेबसाइट बना सकते हैं। अगर आप अपना कोई प्रोडक्ट ऑनलाइन सेल करना चाहते हैं तो आप अपनी वेबसाइट में ई कॉमर्स सेक्शन इंक्लूड कर सकते हैं या फिर पूरी की पूरी वेबसाइट ही एक ऑनलाइन स्टोर की तरह डिज़ाइन कर सकते हैं जैसा की अमेज़न ने किया हुआ है।
हर बिजनेस की अलग अलग नीड होती है। लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता की वेबसाइट किसने बनाई है या फिर उसके फीचर क्या हैं, इम्पोर्टेन्ट ये है कि हर कोई आपकी वेबसाइट को यूज़ कर पा रहा है या नहीं। ध्यान रखें कि जो भी कस्टमर आपकी वेबसाइट पर विजिट कर रहा है उसके लिए नेविगेट करना आसान हो और वो आसानी से उस चीज तक पहुंच सके जिसकी वो तलाश कर रहा है। याद रखिए की आजकल ज्यादातर लोग मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करके वेबसाइट विजिट करते हैं। तो आप ऐसी वेबसाइट डिज़ाइन करिए जोकि मोबाइल फोन में भी अच्छे से रन कर पाए। अगर आप खुद से अपनी वेबसाइट बना रहे हैं तो ऐसे टेम्पलेट यूज़ करें जोकि मोबाइल फ्रेंडली हों।
दूसरी जरूरी बात ये की आपकी वेबसाइट ऐसी होनी चाहिए जो हर कोई आसानी से यूज़ कर सके। वो लोग भी आपकी वेबसाइट को यूज़ कर सकें जोकि किसी न किसी डिसएबिलिटी से लड़ रहे हैं। इसके लिए आप वेब कंटेंट एक्सेसिबिलिटी गाइडलाइन्स से कन्सल्ट कर सकते हैं। ये गाइड लाइन आपको ये बताती हैं कि किस तरह ऐसी वेबसाइट डिज़ाइन की जाए जोकि सबसे द्वारा यूज़ की जा सके। बहुत से देश तो ऐसे हैं जहां पर आप इन गाइड लाइन्स का यूज़ किये बिना वेबसाइट ही नहीं बना सकते।
वेबसाइट का सबसे जरूरी एस्पेक्ट है कंटेंट क्योंकि इसी के लिए तो कस्टमर आपकी वेबसाइट पर आते हैं।
आपका कंटेंट ऐसा होना चाहिए जो आपके बिजनेस के लिए मार्केट को टारगेट कर सके। मान लीजिए कोई फैमिली लॉयर है और उसने अपनी वेबसाइट पर लॉ से रिलेटेड कंटेट पोस्ट किया हुआ है। लेकिन अगर वह लॉयर अपनी वेबसाइट पर अपने द्वारा सॉल्व किये गए फैमिली केस को शो करेगा तो शायद उसकी वेबसाइट की एंगेजमेंट बढ़ जाए। इसलिए आप भी अपने प्रोडक्ट को एक रेलटेबल ह्यूमन वे में हाईलाइट करें।
रेलटेबल होने के साथ साथ कंटेंट इंगेजिंग भी होना चाहिए। लांग टेक्स्ट को अवॉइड करें और कोशिश करें की शार्ट में अपनी बात कस्टमर को समझाएं। हाई क्वालिटी इमेज का यूज़ करें। और हां रेगुलरली कंटेंट अपडेट करते रहें जिससे लोग बार बार आपकी वेबसाइट विजिट करते रहें।
सही कीवर्ड और कंटेंट आपकी वेबसाइट को अच्छी रैंक तक पहुंचाने में हेल्प करता है।
ऐसा कंटेंट बनाना जोकि लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचे इम्पोर्टेन्ट है लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी इस बात पर ध्यान देना है कि किस तरह से आपकी वेबसाइट सबसे पहले लोगों को नजर आएगी। इसी काम के लिए होता है सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन या फिर कहें एसईओ।
जब कोई व्यक्ति इंटरनेट या फिर गूगल पर कुछ सर्च करता है तो जो वेबसाइट टॉप रैंक पर होती है वो सबसे पहले अपीयर करती है। सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन वो प्रोसेस है जिसकी वजह से आपकी वेबसाइट अच्छी रैंक प्राप्त कर सकती है।
एसईओ को दो पार्ट में डिवाइड किया जा सकता है। ऑन पेज एसईओ और ऑफ पेज एसईओ। ऑन पेज का मतलब वो कंटेंट और सोर्स कोड जिसको ऑप्टिमाइज किया जा सकता है और ऑफ पेज का मतलब लिंक्स और एक्सटर्नल फैक्टर जिसकी मदद से ऑप्टिमाइजेशन किया का सकता है। आपकी वेबसाइट की रैंक तभी अच्छी होगी जब वो सर्च इंजन को पसंद आएगी। गूगल सर्च इंजन कीवर्ड्स के थ्रू मोटीवेट होता है। कीवर्ड्स वो टर्म होती है जिसको कोई व्यक्ति किसी चीज के बारे में सर्च करते टाइम यूज़ करता है। जैसे कि अगर आपको सलमान खान की ऐज के बारे में जानना है तो आप गूगल पर डालेंगे सलमान खान ऐज और यही कीवर्ड है।
अपने वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट में, वेबसाइट के टाइटल में रिलेवेंट कीवर्ड का यूज़ करने से आपका ऑन पेज एसईओ इम्प्रूव होता है। इन वर्ड्स को पाने के लिए ऑनलाइन टूल का यूज़ करें। इससे आपको पता चल जाएगा कि आपकी ऑडियंस के बीच कौन सा कीवर्ड ज्यादा पॉपुलर है।जब कोई और वेबसाइट आपकी वेबसाइट से लिंक करती है तो गूगल आपकी वेबसाइट को अच्छी रैंक देता है। अगर आपकी वेबसाइट से लिंक होने वाली वेबसाइट पॉपुलर है तो फिर तो और अच्छी बात है।
कुछ और भी स्टेप्स हैं जिनकी हेल्प से आप अपना ऑफ पेज एसईओ और इम्प्रूव कर सकते हैं। अपने खुद के डिजिटल मार्केटिंग के बिजनेस कैम्प टेक के लिए ऑथर ने कई अलग अलग ऑर्गेनाइजेशन, ब्लॉग पर गेस्ट पोस्टिंग की। इससे ये हुआ कि अलग अलग वेबसाइट का कैम्प टेक के साथ लिंक बन गया। सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के लिए लास्ट स्ट्रेटेजी ये है की सर्च इंजन को बताएं कि आप कौन हैं?
गूगल यूज़र्स को उनके आसपास के रिलेवेंट बिजनेस शो करता है। तो अपने एरिया के लोगों तक पहुंचने के लिए आप गूगल माई बिजनेस प्रोफाइल क्रिएट करें। आपको इसके लिए बस बिजनेस एड्रेस, कांटेक्ट डिटेल, वर्किंग टाइम, और कुछ इमेज चाहिए होंगी। और ये पूरा फ्री में हो जाएगा।
सोशल मीडिया पर सक्सेस के लिए एंगेजमेंट का रूल फॉलो करिए और ऐसा प्लेटफार्म ढूंढ़िए जो आपकी मार्केट के साथ रेजोनेट करता हो।
आप उस प्रोडक्ट के बारे में सोचिए जिसको आप सबसे ज्यादा यूज़ करते हैं या फिर कोई ऐसा ब्रांड जिसको आप पसन्द करते हों। वो सभी चीजें जो आप डेली लाइफ में यूज़ करते हैं वो सब आजकल सोशल मीडिया पर मौजूद है। और अगर नहीं है तो आने वाले टाइम में जरूर होंगी। आपका चाहे जो भी बजट हो और आपके बिजनेस का चाहे जो भी साइज हो आप सोशल मीडिया के जरिये बेनिफिट कर सकते हैं बस आपको एक ट्रिक मालूम होनी चाहिए।
आपको ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म को जॉइन करना चाहिए जहां पर आपके बिजनेस को पसन्द करने वाली टारगेट मार्केट मौजूद हो। मान लीजिये कि आपके 5 दोस्त हैं लेकिन एक दोस्त ऐसा है जिसकी पसन्द आपकी पसन्द से बिल्कुल मिलती जुलती है। तो आप जब भी कहीं बाहर जाएंगे तो सबसे पहले अपनी उसी दोस्त के साथ जाना पसन्द करेंगे। बिल्कुल वैसे ही उस सोशल मीडिया प्लेटफार्म का यूज़ करिए जो आपके बिजनेस से मिलता जुलता हो।
सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है फेसबुक। फेसबुक हालांकि आजकल बड़े बुजुर्गों में ज्यादा पॉपुलर हो गया है। फेसबुक पर लोग इसलिए टाइम बिताते हैं ताकि वो दोस्तों और परिवार वालों की पोस्ट देख सकें। इसलिए हो सकता है की फेसबुक पर बिजनेस स्ट्रगल करे। लिंकडिन एक और सोशल मीडिया प्लेटफार्म है जो केवल प्रोफेशनल नेटवर्किंग पर फोकस करता है। और ये प्लेटफार्म आपके बिजनेस को दूसरे बिजनेस और लोगों के साथ जोड़ने के लिए काफी सही रहेगा।
बात करते हैं एक और सोशल मीडिया प्लेटफार्म की जो कि है ट्विटर। ट्विटर पर आपको ज्यादातर सेलेब्रिटीज़ और मिलेनिअल्स नजर आएंगे। लेकिन यहां पर भी आपका एक्टिव रहना जरुरी है। यूट्यूब, इंस्टाग्राम, पिंटरेस्ट ये सब सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी आपके बिजनेस को एक्सपोजर देने में हेल्प कर सकते हैं। सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को ट्राई करिए और फिर डिसाइड करिए कि कौन सा प्लेटफार्म आपके बिजनेस के लिए बेटर है। जब आपको समझ आ जायेगा कि कौन से एक दो प्लेटफार्म आपके बिजनेस के लिए सही रहेंगे तो आपको ये सोचना है कि उस जगह पर आपको पोस्ट क्या करना है। ऑथर के एकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर आपके द्वारा की गई 80% पोस्ट सोशल होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर आपके द्वारा पोस्ट किया जाने वाला कंटेंट ऐसा हो जो आपके बिजनेस को हाईलाइट करे। और हां ये भी याद रखिये की हर सोशल मीडिया प्लेटफार्म अलग है इसलिए वहां पर की गयी पोस्ट भी अलग होनी चाहिए। आप टाइम टाइम पर वीडियो चैट कर सकते हैं, अपने एम्पलॉय को फीचर कर सकते हैं।
अगर आप चाहते हैं कि हर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आप ही का कंटेंट टॉप पर रहे तो उसके लिए भी टूल्स हैं जो आपकी हेल्प कर सकते हैं। आप पोस्ट किए जाने वाले कंटेंट को एक वीक पहले ही रेडी कर लें जिससे आपको एन्ड में प्रॉब्लम न हो।
इफेक्टिव ईमेल मार्केटिंग का मतलब होता है की आप अपनी ऑडियंस के लिए वैल्यू क्रिएट कर रहे हैं।
आजकल ऑनलाइन मार्केटिंग के जमाने में हर वेबसाइट पर मौजूद प्रोडक्ट देखने के लिए आपको साइन अप करना होता है। ऐसे में इस बात का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है कि आपने कितनी वेबसाइट पर साइन अप किया हुआ है। और यही रीजन है कि ईमेल मार्केटिंग इतनी पॉपुलर है। ईमेल मार्केटिंग में न ही ज्यादा पैसे की जरूरत होती है और न ही टेक्नोलॉजी की। और इसकी हेल्प से बिजनेस किसी भी तरह की इन्फॉर्मेशन को कम्यूनिकेट कर सकते हैं। अपने द्वारा की गई ईमेल मार्केटिंग को सक्सेसफुल बनाने के लिए आपको ऐसा कंटेंट क्रिएट करना होगा जोकि एंगेजिंग हो और लोग उसमें इंट्रेस्टेड हों।
आपके द्वारा सेंड किया जाने वाला हर ईमेल आपके बिजनेस से रिलेटेड होना चाहिए और साथ ही साथ वो ईमेल रिसीवर के काम का भी होना चाहिए। सबसे पहले आपको यही पता करना होगा कि ईमेल में सेंड किया जाना वाला कंटेंट आपके बिजनेस और आपके रिसीवर के लिए जरूरी है या नहीं। अपने आप से ये सवाल करिए कि आप अपने रिसीवर को सेंड किए गए ईमेल का रिस्पांस किस तरह से चाहते हैं। क्या आप चाहते है कि रिसीवर आपके बिजनेस को प्रोमोट करे, या आपकी वेबसाइट विजिट करके वहां से कोई प्रोडक्ट खरीदे। आपका ईमेल ऐसा होना चाहिए जो लोगों को आपके मन का काम करने के किए इनकरेज करे। मान लीजिए आपकी कम्पनी ने कोई नया प्रोडक्ट लॉन्च किया है और आप चाहते हैं कि ईमेल मार्केटिंग के द्वारा आप अपना प्रोडक्ट सेल करें तो इसके लिए आप अपने रिसीवर को ईमेल के जरिए ये कन्वे कर सकते हैं कि आप उस प्रोडक्ट पर डिस्काउंट दे रहे हैं।
ज्यादा से ज्यादा लोगों को एंगेज करने के लिए आपको अलग टैक्टिक्स अपनानी होंगी। ईमेल मार्केटिंग में सिर्फ कंटेंट ही जरूरी नहीं होता बल्कि ये नही जरूरी होता है कि आप किस टाइम पर ईमेल सेंड कर रहे हैं। हो सकता है आपका ईमेल सेंड करने का टाइम ही सही न हो और रिसीवर आपके द्वारा सेंड किया गया ईमेल कभी ओपन ही न करे। इसके लिए आप ईमेल मार्केटिंग प्लेटफार्म मेलचिम्प का यूज़ कर सकते हैं। अपने ईमेल मार्केटिंग कैंपेन से और ज्यादा इन्फॉर्मेशन लेने के लिए आप अपने प्लेटफार्म ऑफ चॉइस को अपनी वेबसाइट से लिंक करें। इससे आपको पता चलेगा कि क्या ईमेल के जरिए कस्टमर आपकी वेबसाइट विजिट कर रहे हैं और अगर विजिट कर रहे हैं तो किसलिए।
ऑनलाइन एडवरटाइजिंग में सक्सेस होने के लिए लोगों को वो ऑफर करें जो वो चाहते हैं और अपने लिए सही प्लेटफार्म फाइंड करें।
आप दिन भर में ऑनलाइन कितने एड देखते हैं? गिनना मुश्किल है, है न? न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिसर्च के एकॉर्डिंग अगर आप एक सिटी में रहते हैं तो दिन में कम से कम 5000 एड आप देखते हैं। हमारी पूरी लाइफ एडवरटाइजिंग से घिर गई है।
किसी भी बिजनेस के लिए इतनी भीड़ के बीच खुद को स्टेबल करना बहुत मुश्किल है लेकिन इम्पॉसिबल नहीं। ऑनलाइन एडवरटाइजिंग ईमेल मार्केटिंग के साथ कुछ बेसिक पिन्सिपल भी शेयर करता है। वो ये की आपके द्वारा किया गया हर एक एड कैंपेन ऐसा हो जो आपके बिजनेस गोल को सपोर्ट करे और आपके कस्टमर को वैल्यू प्रोवाइड करे जिससे वो कुछ एक्शन लें। इसके बाद जरूरी ये है कि आपको अपने एड को कहां प्लेस करना चाहिए।
स्माल बिजनेस के लिए बहुत सारे ऑनलाइन एडवरटाइजिंग ऑप्शन मौजूद हैं। सबके अपने अलग अलग एडवांटेज हैं। कभी आपने नोटिस किया है कि जब भी आप गूगल की मदद से किसी वेबसाइट पर विजिट करते हैं तो आपके सामने कोई न कोई एड पॉप अप हो जाता है। इनको गूगल एड्स कहते हैं। और ये बहुत इफेक्टिव होते हैं क्योंकि ये उसी चीज से रिलेटेड होते हैं जिनके बारे में लोग सर्च करते हैं।
अगर आप फेसबुक या इंस्टाग्राम यूज़ करते हैं तो वहां पर भी आपको एड देखने को मिल जाते हैं। इन एड्स की खासियत ये है कि इनके जरिये आप अलग अलग कैटेगरी के लोगों को टारगेट कर सकते हैं। एक और ऑप्शन आपके पास ये है कि आप किसी वेबसाइट ऑनर से बात करके अपनी वेबसाइट का एड उसकी वेबसाइट पर अटैच कर सकते हैं। गूगल फेसबुक हर जगह एड करने के लिए आपको कुछ न कुछ खर्च तो करना होगा। जिस हिसाब की आपकी एड होगी आपको उतना ही खर्च करना होगा। अगर आप चाहते हैं कि आपकी एड ज्यादा लोग देखें तो आपको ज्यादा पैसा देना होगा।
सबसे पहले आप हर प्लेटफार्म पर थोड़ा थोड़ा स्पेंट करें और देखें कि कौन सा प्लेटफार्म आपके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है। फिर उसके बाद उस प्लेटफार्म पर ज्यादा इन्वेस्ट करें। ये बिल्कुल एक कसीनो की तरह है। जैसे आप कसीनो में जाते हैं तो पहले हर गेम पर थोड़ा थोड़ा इन्वेस्ट करते हैं और फिर जिस गेम में आप अच्छा परफॉर्म करते हैं उसमें एक्स्ट्रा इन्वेस्ट करते हैं।
उन चीजों पर नजर बनाए रखें जो आपके बिजनेस को बहुत ज्यादा इम्पैक्ट करती हैं।
मान लीजिए आपने वेबसाइट बना ली, ईमेल मार्केटिंग भी की, सोशल मीडिया पर एड भी शेयर किए। लेकिन आपको कैसे पता चलेगा कि ये सब करने से आपका बिजनेस ग्रो कर रहा है या नहीं। इसका जवाब है कि आप नम्बर्स पर ध्यान दें। चाहे वो वेबसाइट हो या फिर फेसबुक आपके पास हर तरह का डाटा अवलेबल रहेगा। इसमें से बहुत डाटा ऐसा होगा जो आपके बिजनेस गोल से रिलेटेड होगा।
अपनी वेबसाइट के परफॉर्मेंस को जानने के लिए उसको गूगल एनालिटिक्स टूल से कनेक्ट करें। इसे आपको पता चलेगा कि कितने लोग आपकी वेबसाइट पर विजिट कर रहे हैं और आपकी वेबसाइट का कौन सा सेक्शन सबसे ज्यादा पॉपुलर है। साथ ही साथ आपको यह भी पता चलेगा कि किस तरह से विजिटर आपकी वेबसाइट तक पहुंचा है। गूगल एनालिटिक्स की मदद से आपको बहुत हेल्प मिल जाएगी।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म का अपना खुद का रिपोर्टिंग सिस्टम होता है। यहां से भी आप डाटा कलेक्ट कर सकते हैं कि आपका एड कितने लोगों तक पहुंच रहा है और वो आपके द्वारा शेयर किये गए कंटेंट के साथ एंगेज हो पा रहे हैं या नहीं। ये सब चीजें इस बात पर डिपेंड करती हैं कि आपने अपने बिजनेस के लिए क्या गोल सेट किए हैं। अगर आप ज्यादा प्रोडक्ट सेल करना चाहते हैं तो पता करें कि कितने लोग आपकी वेबसाइट पर जाके सेल को पूरा कर रहे हैं और ये भी पता करें कि किस तरह से वो आपकी वेबसाइट पर पहुंच रहे हैं। क्या वो फेसबुक एड की वजह से आए हैं, या ईमेल मार्केटिंग की वजह से या गूगल एड्स।
हो सकता है कि एडवरटाइजिंग की वजह से आपके स्टोर पर भी काफी लोग आने लगें और हो सकता है कि आपको काफी फोन कॉल भी आएं। तो इन सब चीजों पर भी नजर बनाए रखें। अपने डाटा पर हमेशा नजर रखें। हो सके तो हर वीक एनालाइज करें और पिछले वीक के साथ कम्पेयर भी करें। जैसे जैसे आपका बिजनेस ग्रो करेगा आप नई नई टैक्टिक्स भी अप्लाई करने लगेंगे।
कुल मिलाकर
आपके द्वारा की गई डिजिटल मार्केटिंग हमेशा आपके बिजनेस से कनेक्टेड होनी चाहिए। सबसे पहले डिसाइड करें की आपका गोल क्या है और फिर उसके लिए काम करना शुरु करें। फेसबुक हो, या ईमेल मार्केटिंग या वेबसाइट कोशिश करें की आपके कंटेंट के साथ लोगों की एंगेजमेंट बढ़े।
क्या करें
अपने आप को उन बिजनेस और ब्लॉगर्स के साथ इंट्रोड्यूस करें जो कि आपके बिजनेस से रिलेटेड हों। और ये मेक स्योर करें कि आप उनके साथ डायरेक्ट कॉम्पिटिशन में नहीं हैं। उनके साथ कनेक्शन बनाने के लिए उनको अलग अलग तरह के ऑफर दें। और उनको अपने प्लेटफार्म पर भी मौका दें।
येबुक एप पर आप सुन रहे थे See You on the Internet by Avery Swartz
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आप और कौनसी समरी सुनना चाहते हैं ये भी बताएं. हम आप की बताई गई समरी एड करने की पूरी कोशिश करेंगे.
अगर आप का कोई सवाल, सुझाव या समस्या हो तो वो भी हमें ईमेल करके ज़रूर बताएं.
और गूगल प्ले स्टोर पर ५ स्टार रेटिंग दे कर अपना प्यार बनाएं रखें.
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