Gillian Zoe Segal
A Book of Mentors
दो लफ्जों में
गेटिंग देयर दुनिया के कामयाब एंटरप्रेन्योर, आर्टिस्ट्स, राइटर और सीईओज़ के बारे में है, जिन्होंने लगातार मेहनत करके जिंदगी की हर मुश्किलों से आगे बढ़कर अपना पैशन हासिल किया है. जिंदगी के कामयाब लोगों पर लिखी गई यह समरी अपने रीडर्स को यह बताना चाहती है कि आप भी अपनी सक्सेस जस्नेशन तक पहुंच सकते हैं.
किनके लिए है
अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट करने की कोशिश कर रहे एंटरप्रेन्योर्स के लिए
अपने फ्यूचर के बारे में सोच रहे या उन लोगों के लिए
हर शख्स के लिए जो किसी एंबिशियस प्रोजेक्ट की शुरुआत कर रहा हो
लेखक के बारे में
Gillian Zoe Segal अपना कैरियर तो लव में शुरू किया था लेकिन बाद में वह अपने पैशन यानी फोटोग्राफी की और बढ़ गईं. उन्होंने Getting There इस मकसद से लिखी कि वह लोगों को उन लोगों की कहानी बता सके जिन्होंने अपने ख्वाबों को पूरा करने के लिए हर मुमकिन मेहनत की. उनके राइटिंग पीस को फोर्ब्स और न्युयॉर्क टाइम्स में भी जगह मिल चुकी है.एक कामयाब इंजीनियर का बेटा हावर्ड यूनिवर्सिटी का डीन बनने के लिए अपने खुद के रास्ते पर चलता है
हमारी जिंदगी में न जाने कितने लोग हैं जो हमें इंस्पायर करते हैं- टीचर्स, मैनेजर्स, आर्टिस्ट्स यहां तक कि हम हिस्टोरिकल फिगर्स से भी इंस्पायरर हो जाते हैं. ऐसे ही लोगों को हम मेंटर कहते हैं और ऐसे लोगों के सलाह और एक्सपीरियंस इनवेल्युएबल होते हैं. हर कोई इतना किस्मत वाला नहीं होता कि उसे पर्सनली गाइड करने के लिए कोई मेंटल मिल जाए, फिर भी हम दुनिया के कामयाब लोगों की कहानियां जानकर, अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं. इस समरी में आप ऐसे 6 लोगों के बारे में जानेंगे जिन्होंने मेहनत करके दुनिया में अपनी एक पहचान बनाई है. इनमें से हर कोई एक अलग रास्ते पर चला है और हर किसी ने अलग-अलग मुश्किलों का सामना किया है. जो एक चीज इन कहानियों को आपस में जोड़ती है वह है इनके पीछे की इंस्पिरेशन, यही इंस्पिरेशन आपके लिए मैटर बन सकती है जिसे आप अपने रास्ते पर इस्तेमाल कर सकते हैं.
इस समरी में आप जानेंगे, कि कैसे एक सोल्जर की वैल्यूज़ एक कामयाब आर्टिस्ट बना सकती हैं?,
कैसे कम्युनिकेशन में अच्छा ना होना Craigslist के क्रिएशन की वजह बनी? और Teach For America की शुरुआत के पीछे एक मामूली सा अंडर ग्रेजुएट था।
तो चलिए शुरू करते हैं!
क्या जब आप छोटे थे तो अपने पेरेंट्स को फॉलो किया है? हम में से बहुत सारे लोगों ने किया है और आज भी कर रहे हैं. लोगों का कैरियर के मामले में भी अपने पेरेंट्स के फूटस्टेप्स को फॉलो करना कोई अलग बात नहीं है. कुछ ऐसा ही हावर्ड बिजनेस स्कूल के दिन Nitin Nohria ने भी करने की कोशिश की. Nohria के लिए उनके फादर उनके रोल मॉडल थे. उनकी पैदाइश हिंदुस्तान के एक छोटे से गांव में हुई थी जहां पर बहुत कम लोगों को ही पढ़ाई करने का मौका मिल पाता था Nohria के फादर वह इंसान थे जिन्होंने हाई स्कूल ग्रेजुएट किया था. उसके आगे की पढ़ाई उन्होंने देश के बाहर की. वापस इंडिया कर बड़ी कंपनी का सीईओ बनने के लिए उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पर काम किया. अपने फादर को प्राउड फील करवाने के लिए Nohria ने भी इंजीनियरिंग की, लेकिन उनके ग्रेड्स कभी अच्छी नहीं आए. इसके पीछे की वजह लिटरेचर के लिए उनका फैशन था, जिसमें ज्यादातर वक्त चला जाता था. यूनिवर्सिटी की साइंस क्लास में भी Nohria के ग्रेड्स एवरेज ही आते थे, लेकिन लिटरेचर, हिस्ट्री और इकोनॉमिक्स जैसे सब्जेक्ट में उन्होंने बहुत अच्छा परफॉर्म किया. जिसके चलते उन्हें एहसास हुआ कि शायद इंजीनियरिंग उनका रास्ता नहीं है. इसलिए उन्होंने कुछ नया एक्सपेरिमेंट करने की सोची. अच्छी बात यह रही कि उन्हें Massachusetts Institute Of Technology यूनिवर्सिटी में फाइनेंस पढ़ने के लिए फेलोशिप मिल गयी. जिसके चलते वह यूनाइटेड स्टेट चले गए. एक बार Nohria ने MIT में ना चाहते हुए भी अपनी ह्युमैनिटीज़ की क्लासेस में बहुत अच्छा परफॉर्म किया. अपनी इस कामयाबी से इंस्पायर होकर उन्होंने मैनेजमेंट की तरफ अपनी डिग्री शिफ्ट कर ली, आखिरकार डॉक्टरेट हासिल कर लिया. उनकी यह सारी मेहनत तब कामयाब हो गई जब उन्हें हावर्ड बिजनेस स्कूल के डीन की पोस्ट ऑफर हुई. अपने फादर की तरह ही वह भी नहीं अपॉर्चुनिटी क्रिएट करने की तरफ काम करते रहे. हालांकि उन्होंने अपने फादर का एग्जैक्ट पाथ फॉलो नहीं किया लेकिन इस बात की खुशी है कि उन्हें ऐसा मेंटर मिला. हालांकि, दुनिया के हर पेरेंट्स अपने बच्चों को इंस्पायर नहीं करते लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि बच्चे अपने दम पर कुछ हासिल नहीं कर सकते.
परफॉर्मेंस आर्टिस्ट Marina Abramović ने अपनी बचपन की तकनीकों का इस्तेमाल कर अपनी आर्ट्स को इमोशनली स्ट्रांग बना दिया
बहुत सारे पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए इमोशनली प्रेजेंट नहीं होते, उनकी जरूरतों का ख्याल नहीं रख पाते इससे ना सिर्फ बच्चों का बचपन बर्बाद हो जाता है बल्कि उनके आने वाली जिंदगी में भी एक इमोशनल बैगेज बंधा रहता है. लेकिन फिर भी लोग बचपन में जिन मुश्किलों का सामना करते हैं वह उन्हें आगे की जिंदगी में मोटिवेट कर सकता है. यहां पर परफॉर्मेंस आर्टेस्ट Mariana इसका एक परफेक्ट एग्जांपल हैं. Mariana, Serbia के Belgrade में पैदा हुई थी. उनके पेरेंट्स पैरामिलिट्री ग्रुप के एक्टिव मेंबर्स थे. ज्यादातर पेरेंट्स साथ नहीं होते थे और जब भी वह घर आते थे तो कंट्रोल करते और आर्डर ही देते रहते थे. Mariana की मां Germaphobe थीं और अपनी बेटी के साथ बहुत सख्त बिहेवियर रखती थीं. अगर वह तिरछा हो कर सोतीं तो उनकी मां उन्हें जबरदस्ती उठा देती और बाकी बच्चों के साथ खेलने भी नहीं देती थी. अपनी जिंदगी के शुरुआती सालों में Mariana अकेली ही थीं. 3 साल की उम्र में तो वह पेंटिंग नहीं कर सकती थी लेकिन 12 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार आर्ट की दुनिया में कदम रखा.
उन्होंने आर्ट्स को ही तवज्जो दी. इसके लिए उन्होंने Belgrade और Zagreb आर्ट एकेडमीज़ से ग्रेजुएट किया. इसी दौरान उन्हें अपने और आर्ट्स के बीच के रिश्ते की एक बहुत बड़ी बात पता चली. Mariana ने एक दिन अपने सर के ऊपर से प्लेन उड़ते हुए देखे जो आसमान में एक लाइनिंग छोड़ते जा रहे थे. इन लकीरों ने Mariana को बहुत अट्रैक्ट किया, ऐसी बोल्ड ड्राइंग जो सिर्फ गायब हो जाने के लिए ही बनीं. उसे एहसास हुआ कि दुनिया में किसी भी चीज से आर्ट निकल सकता है. यहां तक कि उसके अपने शरीर से भी. यही ख़याल एक परफॉर्मिंग आर्ट्स के रूप में Mariana के शानदार करियर की जड़ बने. लेकिन जॉब Mariana ने परफॉर्मेंस आर्ट की शुरुआत की थी तो उस वक्त परफॉर्मेंस 8 को कोई लेजिटीमेट आर्टफॉर्म नहीं समझा जाता था. उन्हें खूब क्रिटिसाइज़ किया गया और उनका मजाक भी उड़ाया गया. लेकिन फिर भी उन्होंने लगातार इस फील्ड में काम करना जारी रखा. और आज उन्हें पूरी दुनिया में जाना जाता है.
एक बाहरी इंसान के रुप में क्रेग न्यूमार्क के एक्सपीरियंस ने उन्हें ऑनलाइन Community बनाने के लिए इंस्पायर किया
टीनएज के बच्चों के लिए यह बहुत मुश्किल होता है. इलेक्ट्रॉनिक्स में दिलचस्पी होने के बावजूद जब टीनएज को टिपिकल सोशल स्किल के भार के नीचे दबा दिया जाता है तो वह अपने आपको अलग और एक्सक्लूडेड महसूस करने लगते हैं. फिर भी बहुत सारे लोगों ने मॉडर्न वर्ल्ड में अपना पैशन फॉलो करने में कामयाबी हासिल की है. Craig Newmark ने Technology को कम्युनिकेशन से जोड़कर एक नया एग्जांपल दुनिया के सामने रखा. हालांकि वह कभी भी कम्युनिकेशन में अच्छे नहीं थे. न्युमार्क अपनी नजर में एक Computer-nerd थे. जिन्हें सोशल इवेंट्स काफी डर आते थे एक बहुत अच्छा इंसान होने के बावजूद उनके कोई खास फ्रेंड्स नहीं थे, जिसे लेकर वह अक्सर परेशान रहते थे. लेकिन एक दिन क्लास डिस्कशन के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि उनके अंदर एक कमी है, और वह कमी है कम्युनिकेशन स्किल की. न्युमार्क कोई ऐसा हुआ, हालांकि वह हाई स्कूल तक कभी सोशलाइज नहीं कर पाए लेकिन अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है. 1995 की नई टेक्नोलॉजी इंटरनेट उन्हें दोस्त बनाने का एक दूसरा फेयर मौका दे सकती है.
उन्हें एहसास हुआ इंटरनेट को खासतौर पर लोगों से कनेक्ट करने और एक दूसरे की हेल्प करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने सोचा कि क्यों न ऐसा कुछ बनाया जाए जो हर किसी को इंवॉल्व और इंक्लूडेड महसूस कराए. उन्होंने अपने दोस्तों को आने वाले आठ और टेक्नोलॉजी इवेंट के बारे में ईमेल करना शुरू कर दिया. लोगों को न्यू मार्क की लिस्ट के बारे में पता चला और उन्होंने साइन अप करने को पूछा. सलाह मिली कि उन्हें इसमें जॉब ओपनिंग, सर्विस और यहां तक की सेल्स ऐड से जुड़ी इंफॉर्मेशन भी शेयर करनी चाहिए. 6 महीने पूरे होने से पहले ही न्यूमार्क के पास 240 लिस्टिंग वाला एक ईमेल था, जिसे सिंगल ईमेल में इंक्लूड कर पाना मुश्किल था क्योंकि यह लिस्टिंग नंबर में काफी ज्यादा थी, तभी उन्होंने अपना एक लिस्टिंग सरवर बनाने की सूची जिसका नाम क्रेज लिस्ट रखा. 1997 मे क्रेग. लिस्ट को 1 महीने में एक मिलियन वो मिल जाते थे. 2 साल बाद ही इस लिस्ट में एक कंपनी का रूप ले लिया जिसका नाम था क्रेगलिस्ट. न्यूमार्क आज भी क्रेगलिस्ट को अपनी ओरिजिनल मोटो यानी लोगों को थोड़ा सा ब्रेक देने के मकसद से ही चलाते हैं. उनका मकसद दुनिया की अर्बन कम्युनिटी को एक दूसरे से जुड़े रखना और अपनी हर रोज की प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए एक दूसरे की मदद लेने के काबिल बनाना है.
Wendy Kopp ने साबित किया है कि अगर आप आइडियलिस्टिक है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप रियलिस्टिक नहीं है
आप यह कैसे पहचानेंगे कि आप एंबिशियस है या आपका ख्याल वक्ती पागलपन है? हालांकि आपको यह बताने वाले तो बहुत मिलेंगे कि आपका मकसद बेतुका है लेकिन सिर्फ आप और आपकी अंतरात्मा ही यह डिसाइड कर सकती है कि आप सही रास्ते पर हैं या नहीं. Wendy Kopp का कहना है कि अगर आपको ऐसा लगता है कि आपको कुछ करना चाहिए तो वह काम करिए. कुछ बदलाव लाने की ललक रखें Wendy Kopp Princetown University की स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ज्वाइन करती हैं. यहां पर ऑर्गनाइजेशन के दूसरे मेंबर के साथ उन्होंने फाउंड्रेस करने के लिए St. Louis बेस्ड कंपनी के सीईओ को अप्रोच किया. प्रेजेंटेशन के खत्म होने के बाद सीईओ ने विंडो से दिख रहे गरीब मोहल्ले की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिनको मदद की बहुत जरूरत है तो ऐसे में वह स्टूडेंट्स को क्यों सपोर्ट करें. इस सवाल का Kopp पर बहुत असर हुआ. उन्होंने डिसाइड किया कि वह अपनी लाइफ इक्वल एजुकेशन जैसे ग्रेट कॉज़ के लिए डेडिकेट कर देंगी. उन्होंने पब्लिक एजुकेशन को इंप्रेस करने के लिए अमेरिका के टॉप ग्रेजुएट को लो इनकम स्कूल में पढ़ाने के लिए हायर और ट्रेम करने का प्रोजेक्ट पिच किया.
उन्होंने अंदाजा लगाया कि इस पूरे प्रोजेक्ट में ढाई मिलियन डॉलर की लागत लगेगी, इतनी कीमत के लिए उनके प्रोफेसर तैयार नहीं हुए और उन्होंने कहा कि वह इतना ज्यादा आइडियलिस्टिक हो रही है कि कभी भी इतना फंड नहीं जुटा पाएंगी. Kopp ने हार नहीं मानी और उस प्लान पर काम करना शुरू कर दिया. पैसा इकट्ठा करने के लिए Kopp ने बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीईओ और लीडर्स को सैकड़ों ई-मेल भेजे. जिन्होंने जवाब भी दिया उनका यही कहना था कि वह बहुत ज्यादा सोच रही हैं लेकिन इस तरह के रिस्पांसस ने उनको डिसकरेज नहीं किया.
Kopp ने ग्रेजुएट्स की डायरेक्ट हायरिंग शुरू कर दी 25 सौ लोगों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई जिसकी वजह से मीडिया ने भी इस प्रोजेक्ट को कवर करना शुरू कर दिया. जैसे ही यह स्टोरी पब्लिक में आई दोनों खुद उनको कांटेक्ट करने लगे.Kopp ने अपनी जरूरत से ज्यादा ही पैसे इकट्ठा कर लिए थे. साथ ही फॉर्मर प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट ने $500,000 का ग्रांट भी दिया. Kopp का प्रोग्राम Teach For America ने 489 टीचर्स के साथ ट्रेनिंग के दौरान बहुत अच्छा परफॉर्म किया. खुद को मिले रिजेक्शन से आगे बढ़कर, Kopp ने अपने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया और आखिरकार वह जमीन पर भी दिखने लगा.
Spanx की Sara ने अपने पास्ट की नाकामियों से सीख कर अपना पैशन बाई चांस डिस्कवर किया
क्या बड़े होते वक्त आपको यह मालूम था कि आप क्या बनना चाहते हैं? आप डॉक्टर बनना चाहते थे, इंजीनियर या फायरमैन? बहुत सारे लोग आज तक अपने बचपन के ख़्वाब पर अटके हुए हैं जो कि कुछ गलत नहीं है लेकिन कभी-कभी किस्मत आपको कुछ उससे भी बेहतर देना चाहती है. पूरी जिंदगी सारा का एक ही शौक था वह एक लॉयर बनना चाहती थीं. उन्होंने अपने फादर को कोर्ट में काम करते हुए देखा था और बस उन्हीं की तरह बनना चाहती थीं. लेकिन लॉ स्कूल के एडमिशन टेस्ट में सारा फेल हो गईं वह भी दो बार. सारा ने हार मान कर डोर टू डोर फैक्स मशीन बेचने की जॉब एक्सेप्ट कर ली.
हालांकि यह जॉब फुलफिलिंग नहीं थी लेकिन इस जॉब में एक बहुत बड़ी चीज सारा को दी उन्हें 'ना' का सामना करना आ गया था. कस्टमर उनका बिजनेस काटकर उनके मुंह पर फेंक देते थे उन्हें निकालने के लिए पुलिस भी बुला लेते थे लेकिन सारा ने कभी जवाब में 'ना' एक्सेप्ट नहीं किया. सारा ने सोचा कि काश वह कोई ऐसा प्रोडक्ट बेस नहीं होती जिसकी उन्हें परवाह होती. अगर वह कोई प्रोडक्ट बेचना भी शुरू करें. तो वह प्रोडक्ट क्या होगा?
एक पार्टी में जाते वक्त सारा ने Pantyhose से उसकी एरिया निकाल ली ताकि उन्हें वह सैंडल के साथ पहन सकें. तभी उन्हें रियल हुआ कि वह एक ऐसा बॉडी शेपर बनाएंगे जो हो इनविजिबल और अनकर्फटेबल हो. उन्होंने लगभग 1 साल तक सिक्रेटली इस बारे में रिसर्च किया और नेटवर्क बनाए. बहुत सारे लोकल प्रोड्यूसर्स ने उनके लिए प्रोटोटाइप बनाने के लिए मना कर दिया लेकिन उन्हें ना सुनने की इतनी आदत पड़ गई थी कि कोई भी ना उन्हें रोक नहीं सका. एक प्रोड्यूसर ने सोचा कि उनकी तीन बेटियों को यह प्रोडक्ट पसंद आ सकता है और वह सारा को एक मौका देने के लिए तैयार हो गए. बस सारा को अपॉर्चुनिटी मिल गई. सारा का Spanx एक ऐसा आइटम बन गया है जिसे सेक्स एंड सिटी और ओफ्रा विनफ्रे के शो जैसे बड़े प्रोग्राम पर रिफर किया जाता है. सोच कर देखिए अगर उन्हें नए स्कूल में एडमिशन मिल जाता तो वह कभी भी एंटरप्रेन्योर और और अमेरिका की यंगेस्ट फीमेल बिलेनियर नहीं बन पाती.
John Paul Dejoria ने अपनी जिंदगी में बहुत कामयाबया देखी लेकिन कभी यह नहीं भूले कि वह कहां से आए
क्या आप ही सोच सकते हैं कि कोई बिजनेस लीडर ओपन टेनिस कोर्ट में नहाता होगा या फिर उसके पास दिन भर में खर्च करने के लिए सिर्फ 2.5 डॉलर होते हैं? यकीन नहीं होता ना? कोई भी बिजनेस शुरू करना इतना ही मुश्किल है. लग्जरी ब्रांड ऑनर John Paul Dejoria इसके जीते जागते सबूत हैं. जो चीज Dejoria की मां ने उन्हें सिखाई थी वह यह कि कामयाबी का पैसे से कोई लेना देना नहीं है. इसके बजाय सच्ची कामयाबी मेहनत करने और खुश रहने का नाम है. बचपन में Dejoria उनके ब्रदर्स और उनकी मां के पास बस कुछ सेंट्स ही थे. मुसीबतों और गरीबी का सामना करने के बावजूद उस फैमिली को पता था कि वह खुश हैं. उनके पास खाने के लिए खाना था और छोटा सा गार्डन भी था. Dejoria की बिजनेस अप्रोच की नींव उनका बचपन ही था. उन्होंने एकदम शून्य से शुरुआत की थी, इस दौरान उन्होंने तरह-तरह की नौकरी की.
चाहे वह फ्लावर बनाने का काम कर रहे थे, टो ट्रक चला रहे थे या फिर डोर टू डोर जाकर इनसाइक्लोपीडिया बेचने का काम हो, वह कोशिश करते थे कि अपने कस्टमर को बेहतर फैसले लेने में मदद कर सकें. अपने इस अप्रोच की वजह से उन्हें मैनेजमेंट रोल में काफी जिम्मेदारियां मिली. कई तरह की नौकरी करने के बाद उन्होंने अपने दोस्त Paul Mitchell के साथ अमेरिका की सबसे बड़ी प्रोफेशनल हेयर केयर कंपनी John Paul Mitchell Systems बनाई.
हालांकि शुरुआत में John को अपनी कार में भी रहना पड़ा लेकिन उन्होंने और उनके दोस्त ने कभी भी हार नहीं मानी और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई. John Paul Mitchell की कामयाबी के बाद Dejoria कई और कंपनियों की शुरुआत करने के रास्ते पर निकल पड़े. उनका ब्रैंड Patron दुनिया का जाना माना Tequila ब्रांड है.Dejoria डायमंड ट्रेड में भी एक्टिव हैं. चाहे वह किसी भी फील्ड या बिजनेस में काम करें लेकिन उन्होंने कभी मेहनत करने और अपने कस्टमर को बेस्ट डिसीजन लेने में मदद करने के अपने प्रिंसिपल के साथ कोई कंप्रोमाइज नहीं किया.
कुल मिलाकर
जैसा कि हमने दुनिया भर के जाने माने और कामयाब लोगों की स्टोरी से जाना कि कामयाबी पूरी जिंदगी चलते रहने वाले सफर का नाम है. चाहे उनका बचपन इंस्पिरेशन से भरा हो या मुसीबतों से उन्होंने हमेशा अपने एक्सपीरियंस से सीखा और अपने स्किल को डिवेलप किया जिसने ऐसे लोगों को सर्व किया.
क्या करें
अपनी बात कहिए
अगली बार आप इसे मीटिंग में हो और आपको एहसास हो की लोग आपकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं तो अपनी आवाज पर ध्यान दीजिए. क्या आपकी टोन नर्वस, सारकास्टिक या निराशाजनक यानि पैसिमिस्टिक है? अगर ऐसा है तो जाहिर सी बात है लोग आप को नजरअंदाज ही करेंगे अपने फोन में एक ऑप्टिमिज्म और खनक ले आइए और देखिए कैसे कोई भी डिस्कशन और कन्वरसेशन आपके इर्द-गिर्द ही घूमेगी.
येबुक एप पर आप सुन रहे थे Getting There by GIllian Zoe Segal
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