Curate This!

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Curate This!

Steven Rosenbaum
कंटेंट क्यूरेशन के लिए एक प्रैक्टिल गाइड।

दो लफ्जों में
क्यूरेट दिस! (Curate This!) हमें बताती है कि किस तरह से हम इंटरनेट पर मौजूद इतनी सारी जानकारी में से काम की जानकारी को लोगों तक पहुंचा सकते हैं। यह किताब हमें कंटेंट क्यूरेशन के बारे में बताती है जिसका मतलब है बहुत सारी जानकारी में से काम की जानकारी को अलग करना ताकि लोग उसे आसानी से पा सकें।

यह किसके लिए है 
-वे जो एक ब्लॉगर हैं।
-वे जो एक वेबसाइट चलाते हैं और अपने आडिएंस के लिए बेहतर कंटेंट लेकर आना चाहते हैं। 
-वे जो इंटरनेट से काम की जानकारी को आसानी से खोजना चाहते हैं।

लेखक के बारे में 
स्टीवेन रोसेनबाम (Steven Rosenbaum) एक अन्तरोप्रेनयूर हैं, लेखक और कंटेंट क्रिएटर हैं। वह एमटीवी न्यूज़ अनफ़िल्टर के संस्थापक हैं।

यह किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए?
आज के वक्त में हमारे पास इतनी ज्यादा जानकारी है कि जब हम उसमें से अपने काम की चीज़ को खोजने के लिए निकलते हैं, तो हमें बिना काम की बहुत सी चीजें मिल जाती हैं। ऐसे में अगर आप लोगों की इस समस्या को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं तो आप एक कंटेंट क्यूरेटर हैं।

कंटेंट क्यूरेशन का मतलब है जानकारी से भरे हुए समंदर में से लोगों के काम की जानकारी को अलग करना ताकि वे उसे आसानी से खोज सकें। अगर आप लोगों के लिए कंटेंट बनाने का काम कर रहे हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि किस तरह से आप अपने आडिएंस की जरूरतों को समझ सकते हैं और उसके हिसाब से उन्हें कंटेंट दे सकते हैं। यह किताब हमें बताती है कि किस तरह से आप यह काम कर सकते हैं।

 

-कंटेंट क्यूरेशन क्या होता है।

-किस तरह से आप कंटेंट को क्यूरेट कर सकते हैं। 

-अपने आडिएंस को अपना बनाए रखने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

अच्छा कंटेंट क्यूरेटर बनने के लिए आपके पास पाँच खूबियां होनी चाहिए।
तो अब बारी आती है यह जानने की कि आप लोगों को किस तरह से वो कंटेंट लाकर दे सकते हैं जो उनके काम का है। इसके लिए आपके पास यह पाँच खूबियां होनी चाहिए 

सबसे पहले आपको खुद अच्छा कंटेंट बनाना आना चाहिए। अगर आप सिर्फ दूसरे लोगों का कंटेंट लेकर उसे लोगों को दिखा रहे हैं तो आप उसे लोगों में बाँट रहे हैं। अगर आप चाहते हैं कि आप सच में लोगों की मदद करें, तो आपको अच्छा कंटेंट लिखना होगा और उसके बीच में दूसरी वेबसाइट्स का लिंक देना होगा जहां से एक व्यक्ति उस टापिक के बारे में ज्यादा जानकारी पा सकता है।

इसके बाद आपको एक फिक्स शेड्यूल पर काम करना होगा। जरा सोचिए आपको कैसा लगेगा अगर आपका फेवरेट शो एक बार सुबह 9 बचे आए और अगले दिन रात 12 बजे? अगर आप हर दिन एक आर्टिकल अपलोड कर रहे हैं, तो हर दिन कीजिए और अगर हफ्ते में एक बार कर रहे हैं तो हफ्ते में एक बार उसी दिन को कीजिए। इससे आपकी आडिएंस को पता होगा कि उन्हें आपकी वेबसाइट पर कब आना है। 

तीसरा यह कि आप कंटेंट अपलोड करने के बाद यह उम्मीद मत कीजिए कि लोग अपने आप ही आपके पास आ जाएंगे। आप उसे लगातार प्रमोट करते रहिए। ऐसा करने के लिए आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह देखिए कि  आपकी आडिएंस कहाँ पर अपना समय बिता रही है और फिर उनके सामने जाकर अपने बारे में बताइए और साथ ही उन्हें अपनी वेबसाइट का लिंक दीजिए। 

इसके बाद आप अपने आडिएंस से घुल मिलकर बात करते रहिए। उन्हें समझने की कोशिश करते रहिए,उनके पोस्ट पर कमेंट करते रहिए और हर तरह से उनके बीच में रहने की कोशिश कीजिए।

अंत में दूसरे लोगों का कंटेंट शेयर कीजिए। अगर आप सोशल मीडिया पर किसी ऐसे पोस्ट पर आ जाते हैं जो आपको अच्छा लगता है, तो उसे अपने फालोवर्स के साथ शेयर करते रहिए। इससे दूसरे कंटेंट क्रीएटर्स भी आपको जानने लगेंगे और वो भी आपके पोस्ट शेयर करेंगे।
आज हमारे पास बहुत ज्यादा जानकारी मौजूद है और उसमें से अपने काम की चीज़ को खोज पाना मुश्किल हो गया है।
बहुत से लोगों का कहना है कि आज के वक्त में हम इंटरनेट ने कुछ भी बहुत आसानी से पा सकते हैं। लेकिन अक्सर हमारे साथ यह होता है कि हम इंटरनेट पर कुछ खोजने के लिए जाते हैं और हमें वो नहीं मिलता जो हम खोज रहे होते हैं। हमारे काम की जानकारी बहुत सी दूसरी तरह की जानकारियों के बीच में दबकर रह जाती है जिससे हमें उसे खोजने में परेशानी होती है।

2010 में गूगल के चेयरमैन एरिक स्मिथ ने कहा कि 2003 से 5 एक्साबाइट की जानकारी इंटरनेट पर बढ़ गई है, जो कि बहुत ज्यादा है। उसके बाद से अब तक इतनी जानकारी हर दूसरे दिन इंटरनेट पर अपलोड हो रही है। 

इतनी ज्यादा जानकारी में से हम अपने काम की चीज़ को खोज सकें, इसके लिए दो वेबसाइट्स हमारे लिए काम कर रही हैं जिनका नाम है - टेकमीम और मीडियागेज़र। यह एक टापिक से संबंधित सारे आर्टिकल्स की हेडलाइन को एक जगह पर लेकर आती हैं और उन्हें पापुलैरिटी के हिसाब से लोगों को दिखाती हैं। 

इस लिस्ट में जो आर्टिकल सबसे ज्यादा पढ़ा गया है उसे सबसे ऊपर रखा जाता है और जो सबसे कम पढ़ा गया है, उसे सबसे नीचे। अगर एक आर्टिकल की पापुलैरिटी बढ़ जाती है तो वो ऊपर चला जाता है। 

लेकिन क्या कोई आर्टिकल हमारे काम का सिर्फ इसलिए होगा क्योंकि उसे बहुत से लोगों से पढ़ा है? लोग यह नहीं खोजते कि क्या पापुलर है, लोग यह खोजते हैं कि क्या उनके काम का है। यह काम मशीनें सिर्फ एक हद तक ही कर सकती हैं और इसके बाद इस समस्या को सुलझाने के लिए हमें एक इंसान की जरूरत होगी।


बज़फीड कंटेंट क्यूरेशन का एक बहुत अच्छा एक्ज़ाम्पल है।
आइए अब हम यह देखें कि कौन - सी ऐसी वेबसाइट्स हैं जो कि कंटेंट क्यूरेशन का काम करती हैं। इसमें सबसे ऊपर नाम आता है बज़फीड का जहां हर महीने 15 करोड़ लोग कुछ पढ़ने के लिए जाते हैं।

इसकी कामयाबी की वजह जानने के लिए हमें यह देखना होगा कि लोग आज के वक्त में इंटरनेट किस तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के वक्त में लोग जानकारी पाने के लिए किसी वेबसाइट पर नहीं जाते बल्कि वे अपना ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। हमें वहीं से पता लगता है कि दुनिया में क्या हो रहा है। 

बज़फीड को यह अच्छे से पता है और वह चाहता है कि उसके आर्टिकल सोशल मीडिया पर शेयर किए जाएं। इसलिए वो हमेशा अपने लोगों के प्रेरित करता है कि वे उसके आर्टिकल्स को फेसबुक और ट्विटर पर शेयर करें। इस तरह से वे ज्यादा से ज्याद लोगों तक पहुंच पाते हैं।

इसके अलावा बज़फीड एल्गोरिथ्म के साथ - साथ इंसानों की मदद भी लेता है। वो उनकी मदद से उस कंटेंट को अलग करता है जो कि लोगों के काम का है, ताकि उसके आडिएंस को बेहतर जानकारी मिल सके। वो टाइम और एओएल जैसी वेबसाइट्स से यह पता करता है कि इस समय ट्रेंड में क्या चल रहा है और फिर उनकी टीम का एक व्यक्ति उस ट्रेंड में चल रहे टापिक को एक मजेदार तरीके से लिखता है जिसे लोग याद रखें और शेयर कर सकें। यह वेबसाइट आर्टिकल्स में बहुत मजेदार हेडलाइन्स का इस्तेमाल करती है जिससे लोगों को पता लग जाता है कि उसके अंदर उनके लिए क्या है।

कंटेंट को क्यूरेट करने के बहुत से तरीके हो सकते हैं।
अब हम इस बारे में बात करेंगे कि किस तरह से आप अपने कंटेंट को क्यूरेट कर सकते हैं। इसमें बहुत से तरीके आते हैं जिसमें से दो तरीके हैं - एग्रेगेशन और डिस्टिलेशन।

एग्रेगेशन में आप एक टापिक से संबंधित बहुत से लिंक्स और वेबसाइट्स को एक जगह पर लाकर रख सकते हैं ताकि लोग उसमें से एक पर क्लिक कर के उस जानकारी को पा सकें। बज़फीड इसका अच्छा एक्ज़ाम्पल है जहां पर बहुत से लिंक एक ही जगह पर मौजूद होते हैं।

डिस्टिलेशन में आप जानकारी को कई जगहों से लेकर उसे छोटे में लिख देते हैं ताकि लोगों को 10 जगह पर जाने की बजाय सारी जानकारी एक ही जगह पर मिल जाए। एक्ज़ाम्पल के लिए फेसबुक ऐप को ही ले लीजिए जहाँ पर आपको बहुत सी किताबों की समरी छोटे में मिल जाती है। इससे आपको पूरी किताब पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती और आपको छोटे में अपने काम की बात भी पता लग जाती है।

इसके अलावा समय के साथ बहुत से दूसरे तरीके भी निकल रहे हैं जिससे कि हम कंटेंट क्यूरेशन कर सकते हैं। यूट्यूब में हम कंटेंट को वीडियो की मदद से दिखाते हैं। लोग अपनी पसंद के वीडियो देखते हैं और अपलोड करते हैं। लेकिन इसमें भी बहुत से वीडियो होने की वजह से लोगों के काम की बात कहीं खो जाती है।

इस समस्या से निकलने के लिए यूट्यूब सब्सक्राइब करने का आप्शन देता है। अगर आपको लगता है कि एक चैनल आपके काम का कंटेंट अपलोड कर रहा है, तो आप उसे सब्सक्राइब कर सकते हैं और बाद में उसे आसानी से खोज सकते हैं। साथ ही वो प्लेलिस्ट बनाने का आप्शन भी देता है जहां पर आप एक जैसे कंटेंट को एक साथ रख सकते हैं ताकि लोगों को वो आसानी से मिल जाए।

अपने आडिएंस को वो दीजिए जो वो चाहते हैं ताकि वे आपके पास आते रहें।
बहुत से लोगों का मानना है कि अगर वे ज्यादा कंटेंट पैदा करेंगे तो लोग उनके पास ज्यादा आएंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। जब आप समय - समय पर लोगों के काम का कंटेंट पैदा करेंगे तो लोग आपके पास ज्यादा आएंगे। इंटरनेट पर भीड़ बहुत ज्यादा है और ऐसे में खुद को अलग करने के लिए आपको भीड़ नहीं बढ़ानी और ना ही ज्यादा जोर से चिल्लाना है। बल्कि आपको अपने आडिएंस का ध्यान खींचने के लिए उन्हें वो देना है जो वे चाहते हैं।

आज के वक्त में लोगों के पास स्पैम बहुत आता है जिस वजह से बहुत से लोग ईमेल फिल्टर का इस्तेमाल करते हैं ताकि उनके पास सिर्फ उनके परिवार वालों का और उनके दोस्तों का ईमेल आए और बाकी सब कुछ दूसरे फोल्डर में चला जाए जिसे वो बाद में देख सकें। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि लोग आपके कंटेंट को देखें तो आपको उन्हें समझना होगा।

अपने लोगों को मौका दीजिए ताकि वे आप से बात कर के आपको अपने बारे में बता सकें। उनका फीडबैक लीजिए और उन्हें बताइए कि उनके विचार भी मायने रखते हैं। सर्वे कीजिए, उनके सवालों का जवाब दीजिए और साथ ही उनकी माँग के हिसाब से उन्हें कंटेंट लाकर दीजिए।

आपकी आडिएंस कोई नंबर नहीं है,बल्कि आपकी तरह ही जीते जागते इंसान हैं जिनकी अपनी जरूरतें हैं। जो भी इन जरूरतों को पूरा कर देगा, लोग उसके पास अपने आप चले जाएंगे। इसलिए उनकी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कीजिए, ना कि अपने हिट्स बढ़ाने की।

कुल मिलाकर
इंटरनेट पर बहुत ज्यादा जानकारी हो जाने की वजह से लोगों को आज उनके काम की चीज़ आसानी से नहीं मिल रही है। ऐसे में आप अच्छे आर्टिकल्स को उनके लिए एक जगह पर लाकर रख सकते हैं ताकि उन्हें अपने काम की चीज़ आसानी से मिल सके। आप लम्बे आर्टिकल्स को छोटे में लिखकर लोगों का समय बचा सकते हैं। अगर आप अपने लोगों को खुश करना चाहते हैं तो उनके फीडबैक को सुनिए और उनके इंट्रेस्ट के हिसाब से उन्हें कंटेंट दीजिए।

 

वीडियो का इस्तेमाल कीजिए।

समय के साथ लोग वीडियो को ज्यादा पसंद करने लगे हैं। इसलिए अगर आप एक प्रोडक्ट बना रहे हैं, तो अपने ग्राहकों को उसके बारे में एक वीडियो की मदद से बताइए। उस वीडियो में यह दिखाइए कि किस तरह से आपके ग्राहकों ने उस प्रोडक्ट को इस्तेमाल किया और बेहतर नतीजे हासिल किए। इस तरह से आप लोगों को अपने प्रोडक्ट के फायदों के बारे में बता सकते हैं।


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