Anne Lamott
जिन्दगी और लिखने पर कुछ सलाह।
दो लफ्जों में
बार्ड बाइ बार्ड ( Bird by Bird ) में हम देखेंगे कि किस तरह से आप एक अच्छे लेखक बन सकते हैं। यह किताब हमें लिखने के तरीके बताती है और साथ ही यह बताती है कि एक लेखक बनने का क्या मतलब होता है। यह किताब हमें एक सच्चे लेखक की तरह सोचना सिखाती है।
यह किसके लिए है
-वे जो एक लेखक हैं या बनना चाहते हैं।
-वे जो लिखने की कला सीखना चाहते हैं।
-वे जो लेखकों के सोचने के और काम करने के तरीके जानना चाहते हैं।
लेखक के बारे में
एनी लैमोट ( Anne Lamott ) एक लेखिका हैं जो कि ज्यादातर आत्मकथाएं लिखती हैं। वे एक पालिटिकल एक्टिविस्ट, पब्लिक स्पीकर और राइटिंग टीचर भी हैं। वे कैलिफोर्निया में रहती हैं।
यह किताब आपको क्यों पढ़नी चाहिए
कहानियाँ हम सभी को पसंद हैं। कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जिनके किरदार हमारे दिल के बहुत करीब आ जाते हैं। कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जो हमें रुला देती हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि किस तरह से एक लेखक शब्दों के इस्तेमाल से हमारे ऊपर इस तरह का जादू करता है? क्या आप भी चाहते हैं कि आप भी कुछ लिखकर लोगों के ऊपर कुछ इस तरह का असर डाल सकें?
अगर हाँ, तो यह किताब आपके लिए लिखी गई है। यह किताब बताती है कि वो कौन सी चीजें हैं जो एक लेखक को महान बनाती हैं। यह किताब बताती है कि किस तरह से आप ऐसे किरदार बना सकते हैं जो लोगों के दिल को छू जाए। साथ ही, यह किताब बताती है कि किस तरह से आप राइटर्स ब्लॉक से बाहर निकल सकते हैं और एक लेखक की तरह अपना आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं।
-एक अच्छा लेखक किस तरह से सोचता है।
-कहानियों में डीटेल्स क्यों मायने रखती हैं।
-कहानी के हीरो में कुछ कमियां होना क्यों जरूरी है।
एक अच्छा लेखक बनने के लिए आपको अपने आस पास हो रही हर चीज़ को ध्यान से देखना होगा।
आप अक्सर कुछ लोगों को अकेले बैठा हुआ देखते होंगे। वो लोग बात कम करते हैं लेकिन हर किसी को बहुत ध्यान से देखते रहते हैं। एक लेखक बनने के लिए आपको इसी तरह की पर्सनैलिटी को अपनाना होगा। आपको सब कुछ ध्यान से देखकर नोट्स बनाने होंगे।
आपको इन चीजों को देखकर यह लिखना होगा कि उसे देखने पर आप कैसा महसूस करते हैं। इसे देखकर आप अपनी सच्ची भावनाओं को पहचान पाएंगे और फिर उसे लिख पाएंगे। एक लेखक की तरह आपको चीजों की गहराई में जाना होगा और फिर उसमें की सच्चाई लोगों के सामने लाकर रखना होगा।
यह जरूरी नहीं है कि आप जो कुछ भी देखें उसका कुछ मतलब निकलने। आपको बस यह देखना होगा कि किस तरह से उस सच्चाई को आप अपनी कहानी में इस्तेमाल कर कर अपनी बात को लोगों को समझा सकते हैं।
इसके साथ ही अपने पिछले अनुभव को भी अपनी कहानी में डालना मत भूलिए। अपने बचपन के बारे में सोचिए, अपनी पिछली यादों के बारे में सोचिए और उन्हें लिखिए। आप अपनी जिन्दगी को अलग अलग नजरिए से देख सकते हैं और उसके हिसाब से लोगों को एक संदेश दे सकते हैं। इन यादों को कुछ इस तरह से लोगों के सामने लाकर रखिए जिससे पढ़ने वालों को लगे कि वो धरती के अंदर छिपे राज़ की तलाश कर रहा है।
इन सभी चीजों का इस्तेमाल आपको सच को लोगों के सामने लाने के लिए करना है। इस तरह से आप अच्छे से लोगों से अपनी बात कह भी पाएंगे और अपनी जिन्दगी से काफी कुछ सीख भी पाएंगे।
एक लेखक की तरह खुद को अलग बनाने के लिए आपको अपनी भावनाओं को खुलकर सबके सामने रखना होगा।
हर महान लेखक की खास बात होती है कि वो अपनी भावनाओं को अपने रीडर्स के सामने खुलकर रखता। जब तक आप खुद की भावनाओं का सामना नहीं करेंगे, तब तक आप उन भावनाओं में छिपी सच्चाई को नहीं जान पाएंगे। जब तक आप अपनी आवाज को नहीं जान पाएंगे, तब तक आप खुद को दूसरे लेखकों से अलग नहीं बना पाएंगे।
तो चाहे किसी खास टापिक को लेकर आपको बहुत नफरत हो या बहुत प्यार हो, उसे पूरी ईमानदारी के साथ लोगों के सामने लाकर रखिए। खास तौर पर अगर एक खास याद से जुड़ी एक दर्दनाक भावना है, तो आप उसे जरूर लोगों के साथ बाँटिए। लिखते वक्त जब भी आपको लगे कि कुछ आपको रोक रहा है, तो आप जानने की कोशिश कीजिए कि वो बातें आपको क्यों रोक रही हैं और लोगों को उसके बारे में बताइए।
लोगों को इसके बारे में बताने के लिए आपको उस भावना को पूरी तरह से अपना कर उसे महसूस करना होगा। आपको यह जानना होगा कि किस तरह से उस भावना को आप शब्दों में लाकर अपने रीडर्स को महसूस करवा सकते हैं।
कुल मिलाकर लिखते वक्त वो बनने की कोशिश मत कीजिए जो आप नहीं हैं, वरना आप अपनी अलग आवाज को नहीं खोज पाएंगे। आपकी अलग आवाज ही एक लेखक की तरह आपको एक अलग पहचान देगी, इसलिए इसे खोजना बहुत जरूरी है।
एक लेखक की तरह खुद पर भरोसा रखिए और यह सोचना बंद कर दीजिए कि आप अच्छा लिख रहे हैं या नहीं।
जब आप शुरुआत में लिखना शुरू करेंगे, तो हो सकता है आपको यह लगे कि आप अच्छा काम नहीं कर रहे हैं। लेकिन अच्छे लेखकों की खास बात होती है कि वे कभी यह नहीं सोचते कि वे कैसा कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ लिखने से प्यार होता है और वे लिखते जाते हैं।
जब आप काफी समय तक हर रोज कुछ न कुछ लिखते रहेंगे, तो आप उसमें बेहतर बन जाएंगे। हाँ, कभी कभी यह हो सकता है कि आपको लिखने के लिए कुछ ना मिले और कभी कभी यह भी होगा कि आप लिखना बंद ही नहीं कर पाएंगे। लेकिन हालात चाहे जो हो, आप हर दिन को कुछ इस तरह से देखने की कोशिश कीजिए कि जैसे उसके पास आपको सिखाने के लिए कुछ है। इस तरह से आप हर दिन कुछ सीख पाएंगे और उसे लिख पाएंगे।
समय के साथ आपको लिखने से प्यार हो जाएगा, तब आपको सिर्फ लिखने में मजा आएगा और आप इसकी चिंता करने बंद कर देंगे कि आप अच्छा लिख रहे हैं या खराब। तब आप एक महान लेखक बनने के लिए नहीं लिखेंगे, बल्कि इसलिए लिखेंगे क्योंकि लिखना आपको अच्छा लगता है।
इसके बाद एक अच्छा लेखक बनने के लिए आपको वो लिखना होगा जिसमें आप यकीन करते हैं। अगर आप जो लिख रहे हैं उसपर आपको ही यकीन नहीं है, तो कोई दूसरा व्यक्ति उसपर यकीन नहीं करेगा। इस तरह के यकीन को पैदा करने के लिए आपको जिन्दगी को अपने नजरिए से देखकर उससे कुछ सीखने की कोशिश करनी चाहिए।
जब आप ऐसा करेंगे, तो आप उन चीज़ों को खोज पाएंगे जो आपके लिए जरूरी है। इस तरह से आप उन जरूरी चीजों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और फिर उनके बारे में लिख पाएंगे।
एक अच्छा लेखक बनने का कोई फार्मुला नहीं है, लेकिन हर रोज लिखने से आप एक अच्छे लेखक बन सकते हैं।
कार्टून में अक्सर दिखाता है कि हमारे मेन कैरेक्टर के पास एक आइडिया आता है, उसके दिमाग की बत्ती जलती है और वो तुरंत उसपर काम करना शुरू कर देता है। असल जिन्दगी में भी बहुत से लोगों का मानना है कि महान आर्टिस्ट और लेखक तभी लिखते हैं जब उनका मन करता है। यह कुछ ऐसी बातें हैं जो आपको कभी एक अच्छा लेखक नहीं बनने देगी।
एक अच्छा लेखक बनने के लिए आपको हर रोज लिखने की आदत डालनी होगी। आपको एक जगह खोजकर वहाँ हर रोज एक समय पर जाना होगा और कुछ लिखना होगा। भले ही शुरुआत में आपको लगे कि इससे कुछ फायदा नहीं हो रहा, आपको समय के साथ इसका असर देखने को मिलेगा। जब आप एक जगह पर एक समय पर हर रोज जाकर लिखेंगे, तो आपका दिमाग वहाँ पर जाने के लिए खुद को लिखने के लिए तैयार कर लेगा। इससे आपका दिमाग हर रोज ठीक उतने बजे नए आइडियाज़ पैदा करने लगेगा।
किसी भी चीज में एक्सपर्ट बनने के लिए आपको उस काम को लगातार करना होगा। दुनिया के सारे महान लेखक लिखने की आदत बनाकर रखते हैं। वे एक रूटीन बनाते हैं और उसे पूरी तरह से फालो करते हैं।
लिखने के लिए आपको अपने अंदर की आवाज को पहचानना होगा और यह कोई एक दिन का काम नहीं है। इसलिए आपको इसे हर दिन करने की आदत डालनी होगी।
यह जरूरी नहीं है कि आप पहली बार में ही एक बहुत अच्छी किताब लिख डालें।
अगर आप एक किताब पढ़ रहे हैं और आप उसे बंद ही नहीं कर पा रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसे लिखने वाला बहुत होनहार लेखक रहा होगा। इसका मतलब यह है कि उसे लिखने वाले ने उसे बहुत बार रिवाइज़ किया है। कोई लेखक चाहे कितना भी महान क्यों न हो, वो एक बार में कभी भी एक अच्छी किताब नहीं लिख सकता।
अगर आप अभी एक लेखक की तरह शुरू कर रहे हैं तो आप एक बार में ही सब कुछ लिखने की कोशिश मत कीजिए। आप सबसे पहले अपना "शिटी फर्स्ट ड्राफ्ट" लिखिए। इसका मतलब उस ड्राफ्ट से है जिसमें आप स्पेलिंग, ग्रामर, फ्लो और सारे नियमों को भूलकर सिर्फ वो लिखते हैं जो आपके दिमाग में आता है। इसमें आप बस अपनी कल्पना को कागज पर उतारते जाते हैं और यह नहीं सोचते कि वो पढ़ने में कैसा लग रहा है।
कोई भी इसे नहीं पढ़ने वाला। इसलिए आप इसे लिखते वक्त पर्फेक्ट बनने की कोशिश मत कीजिए। अगर आप करेंगे, तो हो सकता है आप बहुत पहले ही हार मान लें। आपके दिमाग में जो भी आए, बस उसे लिखते जाइए।
इसके बाद जब वो पूरा हो जाए, तो बारी आती है उसे एडिट करने की। दूसरे ड्राफ्ट को हम "अप ड्राफ्ट" कहते हैं जिसमें आप किताब के एक एक सेक्शन को उठाते हैं और उसे फिर से लिखने की कोशिश करते हैं।
अंत में तीसरा ड्राफ्ट आता है जिसे हम "डेंटल ड्राफ्ट" कहते हैं। इसमें आप फिर से कुछ चीज़ों को लिखने की कोशिश करते हैं जो कि अच्छे से नहीं लिखीं गईं हैं। इस ड्राफ्ट को लिख लेने के बाद कहीं जाकर आपकी फाइनल किताब तैयार होती है।
अपनी कहानी के किरदार को अच्छे से जानकर उसकी कमियों को पहचानिए।
कुछ फिल्मों के कैरेक्टर हमारे दिल को छू जाते हैं। हर लेखक यह जानना चाहता है कि किस तरह से वो इस तरह के किरदार को बना सकता है। ऐसा किरदार बनाने के लिए आपको उन्हें अच्छे से पहचानना होगा। आपको उनमें की कमियां खोजनी होंगी, वो परेशानियाँ खोजनी होंगी जो उन्हें कमजोर बनाते हैं।
अपने किरदार में आपको कुछ ऐसी भावनाएं खोजनी होंगी जो उसे परेशान करती हैं। वो किसी चीज़ के लिए उसकी नफरत हो सकती है या इसके साथ घटी कोई दर्दनाक घटना, जिसके बारे में सोचने पर उसे नींद नहीं आती।
इसके बाद आपको यह भी दिखाना होगा कि उस किरदार के साथ क्या हो रहा है। आपको यह दिखाना होगा कि वो किस तरह से बात कर रहा है, किस तरह के हालात से गुजर रहा है। साथ ही, आपको अपने किरदार को बचाना नहीं है, बल्कि उसके साथ बुरी घटनाओं को होने देना है।
एक्सज़ाम्पल के लिए सुपरमैन को ले लीजिए। आप उसे काट नहीं सकते, बम से उड़ा नहीं सकते, जला नहीं सकते, किसी तरह से हरा नहीं सकते। इस हिसाब से देखा जाए तो वो कुछ मजेदार नहीं लगेगा क्योंकि उससे लड़ने वाला हर कोई हार जाता है। लेकिन जैसे ही हम क्रिप्टोनाइन को और उसके परिवार को बीच में ला देते हैं, तो कहानी मजेदार बन जाती है।
इसलिए उन्हें कभी भी पर्फेक्ट मत दिखाइए और उन्हें बुरी घटनाओं का सामना करने दीजिए। साथ ही डाइलाग का इस्तेमाल कीजिए। यह दिखाइए कि वे किसी व्यक्ति से बात कर रहे हैं और इस डाइलाग में उस किरदार की कहानी को अपने रीडर्स के सामने लाकर रखिए।
अच्छा डाइलाग बनाने के लिए अपने लिखे गए डाइलाग को जोर पढ़िए और यह पता करने की कोशिश कीजिए कि क्या असल जिन्दगी में लोग इसी तरह से बात करते हैं या नहीं। क्या उनके बात करने के तरीके से उनकी भावनाएं सामने आ रही हैं या नहीं?
अपनी कहानी को मजेदार बनाने के लिए डीटेल्स पर ध्यान देना शुरू कीजिए।
कहानियाँ पढ़ने पर हमारे दिमाग में एक फिल्म चलने लगती है। इस फिल्म को मजेदार बनाने के लिए आपको अपनी कहानी में डीटेल्स को डालना होगा। आपको इतने डीटेल्स डालने होंगे जिससे पढ़ने वाले को लगने लगे कि वो खुद कहानी में घुसकर हीरो जगह पर खड़ा होकर सब कुछ देख रहा है।
एक लेखक की तरह आपके पास ताकत है कि आप माहौल को अपने हिसाब से बदल सकें। एक सही जगह पर हो रही घटना पढ़ने वालों के अंदर एक भावना पैदा करती है। अगर अंधेरी रात में किसी गली के कोने में एक सीरियल किलर किसी को मारता है, तो यह पढ़ने में डरवना लगता है। लेकिन यही काम जब वो एक पार्क में करता है, तो इसे पढ़ने पर हमारे अंदर उस तरह का खौफ पैदा नहीं होता। इसलिए कहानी में हो रही घटनाओं की सेटिंग पर ध्यान दीजिए।
साथ ही अपने रीडर्स को कभी यह मत बताइए कि कहानी के किरदार के साथ क्या हो रहा है, बल्कि उसे दिखाइए। एक्साम्पल के लिए आप यह मत कहिए कि कहानी का किरदार बहुत अमीर है, बल्कि यह दिखाइए कि वो एक बड़े बंगले में रहता है, उसके पास गाड़ियाँ और बहुत सारे नौकर हैं।
इस तरह की डीटेल्स को लिख पाने के लिए आपको अपने आस पास की चीजों की डीटेल पर ध्यान देना होगा। एक्साम्पल के लिए आप यह देखिए कि आप सीढ़ियाँ उतरने में कितना समय लगता है, आपके घर में कितने कमरे हैं, आपको अपने कमरे से निकलने के बाद अपने आफिस तक जाने के लिए कितनी बार टर्न लेना होता है। एक बार जब आप इस तरह की डीटेल पकड़ने लगेंगे तो आप आसानी से इसका इस्तेमाल अपनी कहानी में कर पाएंगे।
इसके बाद हमेशा यह देखिए कि आपकी कहानी में कहीं कोई गलती तो नहीं हो गई। बहुत बार फिल्मों में आप ने देखा होगा कि हीरो जब घर से निकलता है तो घर की घड़ी में 9 बज रहे होते हैं, लेकिन जब वो काम पर पहुँचता है तो आफिस की घड़ी में 8 बज रहे होते हैं। इस तरह की छोटी गलतियां आपसे भी हो सकती हैं।
इन्हें पकड़ने के लिए हर डीटेल को लिखिए और उसे जोर से पढ़िए। इससे आपको डीटेल्स में की गई गलतियां पता लग जाएंगी।
राइटर्स ब्लॉक से निकलने के लिए खुद पर भरोसा कीजिए।
यह हर लेखक के साथ होता है। कभी कभी वो कहानी के बीच में आकर फँस जाते हैं और उन्हें यह समझ में नहीं आता कि आगे क्या लिखा जाए। जब उनके साथ ऐसा होता है, तो वे नाकारा महसूस करते हैं।
इससे निकलने के लिए सबसे पहले आपको यह मानना होगा कि आप फँस गए हैं और अभी लिखने के मूड में नहीं हैं। लेकिन फिर भी आप अपने लिखने के रूटीन को मत तोड़िए। आप कुछ भी लिखिए, थोड़ा ही लिखिए, लेकिन लिखिए।
एक बार आपने यह मान लिया कि आप फँस गए हैं, तो आपको अपने आत्मविश्वास की जरूरत होगी। आपको खुद से यह कहना होगा कि आप इससे कुछ समय के बाद निकल जाएंगे और एक वक्त आएगा जब आपके पास फिर से नए आइडियाज़ आने लगेंगे।
लेकिन तब क्या जब आपका कुछ लिख भी न पा रहे हों और आपका आत्मविश्वास भी कमजोर हो गया हो? इस हालात में आपको डरना छोड़ना होगा। आपको अपने अंदर की आवाज को सुनना होगा और खुद को शांत रखना होगा। ऐसे हालात में आप गहरी साँसें लीजिए।
हो सकता है कि आपके अंदर की आवाज आप से कहे कि जो कहानी आप लिख रहे हैं वो उतनी अच्छी नहीं है। अगर यह आवाज बार बार आपके दिमाग में आ रहा है तो आपको वो कहानी लिखने के बारे में फिर से सोच लेना चाहिए।
लेकिन साथ ही आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि राइटर्स ब्लॉक की वजह से बहुत सी अच्छी कहानियाँ कभी खत्म नहीं होती हैं। इसलिए अगर आपको लगता है कि आपकी कहानी अच्छी है, तो आप धैर्य रखिए और इससे बाहर निकलने की कोशिश कीजिए।
अपनी कमजोरियों को अनदेखा मत कीजिए और उनसे सीखने की कोशिश कीजिए।
बहुत बार हम उन लोगों से जलने लगते हैं जो हमसे बेहतर होते हैं। एक लेखक की तरह यह आपके लिए बहुत खतरनाक हो सकता है, क्योंकि जब आप अपने से बेहतर लोगों से जलते हैं तो आप उनकी तरह कभी नहीं बन पाते। इससे आप समय के साथ खुद को छोटा महसूस करने लगते हैं और आपका आत्मविश्वास खत्म हो जाता है।
कभी इस बात का नाटक मत कीजिए कि आपमें कमियाँ हैं ही नहीं। बल्कि उन्हें देखकर, अपना कर उनसे कुछ सीखने की कोशिश कीजिए। साथ ही उनके बारे में लिखिए और हो सके तो लोगों को खुलकर उसके बारे में बताइए। अगर आप दूसरे लेखकों से जलते हैं, तो इसे एक मजेदार तरीके से लोगों के सामने लाने की कोशिश कीजिए।
अपनी भावनाओं के बारे में लिखने से आप एक लेखक की तरह खुद को बेहतर बना सकते हैं। इन नेगेटिव भावनाओं के अंदर छिपी खूबसूरती को सबके सामने लाने की कोशिश कीजिए। इससे आप खुद को भी बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और अपने अंदर की कमियों को पहचान कर उनपर काम कर पाएंगे।
अपनी भावनाओं का सामना करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन ऐसा करने से आप मजबूत बन जाएंगे और आपको उनका सामना करना आ जाएगा। आप अपनी जिन्दगी से काफी कुछ सीख पाएंगे और अपनी जिन्दगी में खूबसूरती खोज पाएंगे।
प्रेरणा पाने के लिए सही लोगों से बात करने की आदत बनाइए।
बहुत बार आपको लिखने के लिए कुछ भी नहीं मिलता। ऐसे में आपको अपने कमरे से बाहर निकल कर कुछ लोगों से बात कर कर उनकी जिन्दगी के बारे में जानने की कोशिश करनी चाहिए। लोगों को अपने बारे में बात करना बहुत पसंद होता है। इसलिए जब आप उनसे पूछेंगे कि वे अपनी जिन्दगी के कुछ यादगार लमहों को आपसे बाँटें, तो वे ऐसा खुशी खुशी करेंगे।
किसी पार्क में बैठे अजनबी से बात कीजिए और उसके बारे में जानने की कोशिश कीजिए। हो सकता है उनकी कहानी से आपको कुछ प्रेरणा मिल जाए। इसके अलावा लोगों से प्रेरणा पाने के लिए आपको दूसरे लेखकों के साथ रहना भी शुरू करना होगा।
इसके लिए आप कुछ आनलाइन ग्रुप्स में जा सकते हैं। वहाँ पर आपको बहुत से लेखक मिलेंगे, जो आपको काम की सलाह दे सकेंगे। उनके साथ आप अपनी नई कहानी शेयर कर सकते हैं और उनसे फीडबैक ले सकते हैं।
लेकिन सारे ग्रुप्स आपको सपोर्ट नहीं करते। कुछ ग्रुपटस के लोग आपके काम की कुछ इस तरह से बुराई करते हैं कि आपका आत्मविश्वास खत्म हो जाएगा। वे लोग कड़वी बातें करते हैं और वे सहारा देकर चलना सिखाने की बजाय नीचे गिरा कर चलना सिखाते हैं। यह एक बार के लिए अच्छा हो सकता है, लेकिन बहुत से लोग इस तरह के लोगों के साथ रहने पर टूट जाते हैं।
इसलिए आप एक ऐसे ग्रुप क को खोजिए जहाँ के लोग आपको सहारा देकर आपको चलना सिखा सकें, जहाँ के लोग आपकी बुराई करने के लिए नहीं बल्कि आपको बेहतर बनाने के लिए फीडबैक दे सकें।
पैसे कमाने के लिए या फेमस होने के लिए मत लिखिए।
बहुत से लेखकों के लिए अपनी किताब पब्लिश करना जरूरी है क्योंकि वे चाहते हैं कि लोग उनकी किताब पढ़ें। अगर कोई पढ़ेगा ही नहीं, तो उनके लिखने का फायदा क्या है? साथ ही, वे चाहते हैं कि लोग उनके काम के लिए लोग उनकी तारीफ करें।
बहुत से लोगों का मानना है कि एक बार उनकी किताब पब्लिश हो जाए तो वे फेमस हो जाएंगे। उनका मानना है कि इस तरह से वे बहुत सारा पैसा कमा पाएंगे। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बहुत से लेखकों की किताब बहुत कम या ना के बराबर बिकती है। आप कितने लोगों को जानते हैं जो एक लेखक हैं और अमीर हैं?
किताबें लिखकर बहुत कम लोग ही फेमस या अमीर हो पाते हैं। पब्लिश होने का मतलब यह नहीं होता कि आप अब एक हस्ती बन गए हैं। अगर आप पब्लिश होने से पहले खराब लिखते थे तो आप उसके बाद भी खराब ही लिखेंगे।
एक लेखक की तरह आपका मकसद होना चाहिए खुद के पहले से बेहतर बनाना। लिखने के सफर में आपको खुद के बारे में बहुत सी बातें पता लगेंगी, आप खुद को अच्छे से समझ पाएंगे और खुद को पहले से बेहतर बना पाएंगे। आप हर दिन का एक छोटा सा गोल रखिए और उसे हासिल करने की कोशिश कीजिए।
लेखक एक कलाकार होते हैं और कलाकार को कला से प्यार होना चाहिए। आपको लिखने से प्यार होना चाहिए ना कि पैसे या शोहरत से।
कुल मिलाकर
एक अच्छा लेखक बनने का मतलब किताब बेचकर बहुत सारा पैसा और शोहरत कमाना नहीं है। इसका मतलब है सच्चाई को लोगों के सामने लाकर रखना। एक लेखक होने कि मतलब है चीजों की गहराई में जाकर उनकी असलीयत को पहचानना और उसे लोगों के सामने लाकर रखना।
अपनी भावनाओं से बचकर भागिए मत, बल्कि उन्हें इस्तेमाल करने की कोशिश कीजिए।
एक अच्छा लेखक बनने के लिए अपनी भावनाओं को अनदेखा मत कीजिए। उन्हें अपनाने की कोशिश कीजिए। उन्हें पूरी तरह से महसूस करने की कोशिश कीजिए। ऐसा करने से आपको शायद तकलीफ हो सकती है, लेकिन जब आप इन्हें महसूस करने के बाद इनके बारे में लिखेंगे, तो वो तकलीफ खत्म हो जाएगी।
